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वोटर लिस्ट से 84 हजार नाम गायब, एक नई 'अन्य' कैटेगरी ने चुनाव आयोग के अभियान में मचाई हलचलभारत
10 घंटे पहले· 2

वोटर लिस्ट से 84 हजार नाम गायब, एक नई 'अन्य' कैटेगरी ने चुनाव आयोग के अभियान में मचाई हलचल

चुनाव आयोग के एसआईआर अभियान के तीसरे चरण में दो राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में 84 हजार से ज्यादा वोटरों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए हैं, वो भी एक नई 'अन्य' कैटेगरी के तहत जो पहले दो चरणों में कहीं मौजूद नहीं थी।

चुनाव आयोग की तरफ से चलाए जा रहे स्पेशल इंटेंसिव रिविजन यानी एसआईआर अभियान के तीसरे चरण में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। दो राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में मतदाता सूची से 84 हजार से ज्यादा नाम हटा दिए गए हैं और सबसे हैरानी की बात यह है कि इन सभी नामों को हटाने की वजह एक नई कैटेगरी बताई गई है, जिसे 'अन्य' यानी 'Others' नाम दिया गया है। यह कैटेगरी पहले दो चरणों में कहीं नजर नहीं आई थी।

अचानक कहां से आई यह 'अन्य' कैटेगरी

अब तक एसआईआर प्रक्रिया में नाम हटाने की वजहें आमतौर पर तय होती थीं, जैसे किसी वोटर की मौत हो जाना, पता बदल जाना या एक ही व्यक्ति का नाम दो जगह दर्ज होना। लेकिन तीसरे चरण में चुनाव आयोग ने पहली बार 84 हजार से ज्यादा नामों को हटाने के लिए 'अन्य' नाम की अलग कैटेगरी का इस्तेमाल किया है, हालांकि इसमें आखिर कौन कौन से मामले शामिल किए गए हैं, इसकी कोई साफ जानकारी नहीं दी गई। चूंकि पहले दो चरणों में यह कैटेगरी सिरे से मौजूद ही नहीं थी, इसलिए अफसरों और राजनीतिक हलकों में इसे लेकर सवाल उठने लगे हैं।

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पहले से चल रहा है नाम हटाने का बड़ा सिलसिला

एसआईआर अभियान के दौरान देश के अलग अलग हिस्सों में पहले भी बड़ी संख्या में नाम काटे जा चुके हैं। खबरों के मुताबिक, अब तक करीब 3 करोड़ नाम मतदाता सूची से हटाए जा चुके हैं, जिनमें आजमगढ़, मैनपुरी और रायबरेली जैसे इलाकों में भी वोटरों की संख्या में बड़ी गिरावट दर्ज हुई है। ताजा मामले में सामने आए 84 हजार नामों की कटौती इसी लंबी प्रक्रिया की एक और कड़ी है, हालांकि जिन दो राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में यह हुआ है, उनके नाम अभी सामने नहीं आए हैं।

आगे क्या होगा

चुनाव आयोग की तरफ से अभी तक यह साफ नहीं किया गया है कि 'अन्य' कैटेगरी में किन आधारों पर नाम डाले जाते हैं और क्या जिन वोटरों के नाम कट गए हैं, उन्हें दोबारा सूची में जुड़ने का मौका मिलेगा। एसआईआर प्रक्रिया अभी जारी है, ऐसे में इस नई कैटेगरी को लेकर उठ रहे सवालों पर चुनाव आयोग की तरफ से आगे और जानकारी आने की उम्मीद है।

सवाल-जवाब

एसआईआर क्या है?
यह चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची को दुरुस्त करने के लिए चलाया जा रहा स्पेशल इंटेंसिव रिविजन अभियान है।
'अन्य' कैटेगरी क्या है?
यह एक नई कैटेगरी है जिसके तहत एसआईआर के तीसरे चरण में 84 हजार से ज्यादा वोटरों के नाम हटाए गए, लेकिन इसमें शामिल आधारों की साफ जानकारी नहीं दी गई है।
कितने वोटरों के नाम हटाए गए हैं?
दो राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में 84,000 से ज्यादा नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं।
यह कैटेगरी पहले चरणों में क्यों नहीं थी?
पहले दो चरणों में नाम हटाने की वजहें जैसे मृत्यु या पता बदलना बताई जाती थीं, 'अन्य' कैटेगरी का कहीं जिक्र नहीं था।
क्या पहले भी इतने बड़े पैमाने पर नाम हटाए गए हैं?
हां, खबरों के मुताबिक एसआईआर अभियान में अब तक करीब 3 करोड़ नाम हटाए जा चुके हैं, जिसमें आजमगढ़, मैनपुरी और रायबरेली जैसे इलाके शामिल हैं।
कौन से दो राज्य और केंद्र शासित प्रदेश प्रभावित हुए हैं?
अभी इनके नाम सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
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