ज्योतिष गणना के अनुसार ग्रहों के स्थान परिवर्तन का सीधा असर मानव जीवन और विभिन्न राशियों की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। आने वाली 31 अक्टूबर को देवगुरु बृहस्पति कर्क राशि से विदा लेकर सिंह राशि में प्रवेश करने जा रहे हैं। इसी दौरान पराक्रम के कारक मंगल ग्रह पहले से ही कर्क राशि में स्थित रहेंगे। जब गुरु का प्रवेश सिंह में होगा, तब दोनों ग्रहों के बीच एक विशेष द्विद्वादश योग का निर्माण होगा। ज्योतिषीय दृष्टि से बनने वाला यह संयोग कई राशियों के लिए भाग्यवर्धक साबित होने वाला है, विशेषकर तीन राशि के जातकों को आजीविका, व्यापार और संचित पूंजी के मामले में शानदार परिणाम देखने को मिल सकते हैं।
कर्क राशि के जातकों को मिलेगी पद प्रतिष्ठा और धन में वृद्धि
कर्क राशि के जातकों के लिए गुरु का यह गोचर कुंडली के दूसरे भाव यानी धन और वाणी के स्थान पर होने जा रहा है। दूसरी तरफ मंगल देव आपकी ही राशि अर्थात लग्न भाव में विराजमान रहेंगे। दोनों ग्रहों के इस पारस्परिक संबंध के चलते द्विद्वादश योग आपको कार्यक्षेत्र में अप्रत्याशित सफलता दिला सकता है। दफ्तर में आपके कामकाज की सराहना वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की जाएगी और आपको नई जिम्मेदारियां सौंपी जा सकती हैं।
व्यापार से जुड़े लोगों के लिए 31 अक्टूबर के बाद का समय बेहद फलदायी रहेगा, जहां रुकी हुई बड़ी व्यावसायिक डील फाइनल होने की पूरी संभावना है। आपकी आर्थिक स्थिति पहले से अधिक सुदृढ़ होगी और बैंक बैलेंस में बढ़ोतरी देखी जा सकेगी। इसके साथ ही वाणी में सौम्यता आने से पारिवारिक माहौल भी अत्यंत सुखद, शांत और सहयोगात्मक बना रहेगा।
तुला राशि वालों के लिए खुलेंगे नए रोजगार और निवेश के रास्ते
तुला राशि के जातकों की कुंडली में गुरु ग्रह ग्यारहवें भाव यानी आमदनी और लाभ स्थान में गोचर करेंगे, जबकि मंगल ग्रह कर्म और करियर के दसवें भाव में उपस्थित रहेंगे। यह ग्रह स्थिति तुला राशि के लोगों के लिए विशेष रूप से आर्थिक उन्नति के द्वार खोलने वाली मानी जा रही है। जो लोग लंबे समय से निजी या सरकारी क्षेत्र में नौकरी कर रहे हैं, उन्हें पदोन्नति और वेतन वृद्धि का शुभ समाचार मिल सकता है।
वहीं रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं को इस दौरान मनचाही नौकरी प्राप्त होने के ठोस योग बन रहे हैं। जो लोग खुद का नया कारोबार या स्टार्टअप शुरू करने की योजना बना रहे हैं, उनके लिए यह अवधि काफी अनुकूल साबित होगी। शेयर बाजार अथवा म्यूचुअल फंड में निवेश करने वालों को बढ़िया मुनाफा मिल सकता है, साथ ही किसी को दिया हुआ पुराना उधार भी वापस मिलने के प्रबल आसार हैं।
धनु राशि के जातकों को भाग्य का साथ और नई आमदनी के स्रोत
धनु राशि के स्वामी स्वयं देवगुरु बृहस्पति हैं और वे इस गोचर के दौरान आपके नवम भाव अर्थात भाग्य स्थान में विराजेंगे। भाग्य भाव में गुरु की उपस्थिति और मंगल के साथ द्विद्वादश योग आपके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करेगा। लंबे समय से अटके हुए जरूरी काम गति पकड़ेंगे, जिससे मानसिक तनाव दूर होगा और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी।
नौकरीपेशा जातकों की आय में सीधे तौर पर बढ़ोतरी होने की संभावना है। सामाजिक जीवन में आपका प्रभाव बढ़ेगा और मान-सम्मान में चार चांद लगेंगे। जो विद्यार्थी या युवा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में लगे हैं, उन्हें इस अवधि में शानदार सफलता हाथ लग सकती है। धन लाभ के नए माध्यम तैयार होंगे, जिससे आपकी आर्थिक स्थिति काफी मजबूत और सुरक्षित बन जाएगी।



















