पश्चिम बंगाल के औद्योगिक शहर दुर्गापुर में देर रात हुई एक हिंसक घटना के बाद नागरिकों में भारी असुरक्षा फैल गई है। नोतुन पल्ली इलाके में स्थित तृणमूल कांग्रेस के कई सक्रिय कार्यकर्ताओं के मकानों पर अज्ञात हमलावरों ने अचानक धावा बोल दिया। देर रात जब लोग अपने घरों में सो रहे थे, उसी समय असामाजिक तत्वों ने घरों की दीवारों और खिड़कियों पर जोरदार पत्थरबाजी शुरू कर दी। इस अचानक हुए उपद्रव से समूचे मुहल्ले में अफरातफरी मच गई और लोग डर के मारे घरों से बाहर निकलने से कतराने लगे। पूरी वारदात पास में लगे एक सीसीटीवी कैमरे में साफ तौर पर दर्ज हो गई है, जिसके प्रसारित होते ही प्रशासन और राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई है।
लाल चार पहिया वाहन से पहुंचे थे नकाबपोश उपद्रवी
स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शुक्रवार की देर रात एक लाल रंग की चार पहिया गाड़ी नोतुन पल्ली क्षेत्र में आकर रुकी। उस गाड़ी में सवार होकर तीन संदिग्ध युवक वहां पहुंचे थे। गाड़ी रुकते ही वे तेजी से बाहर निकले और बिना किसी हिचकिचाहट के तृणमूल कांग्रेस से जुड़े परिवारों के मकानों की तरफ ईंट और पत्थर बरसाने लगे। उपद्रवियों ने केवल पथराव और तोड़फोड़ ही नहीं की, बल्कि घरों के बाहर खड़े होकर बेहद आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए लगातार गालियां भी दीं। इस अवांछित शोर-शराबे और तोड़फोड़ की आवाज से गहरी नींद में सोए मोहल्लेवासियों की नींद उड़ गई। कुछ ही मिनटों में इलाके के कई घरों के आगे टूटी ईंटों और पत्थरों का ढेर लग गया, जिसके बाद हमलावर उसी वाहन में बैठकर तेजी से फरार हो गए।
स्थानीय कार्यकर्ताओं ने लगाया राजनीतिक रंजिश का आरोप
इस हिंसक हमले का शिकार बने स्थानीय निवासी और तृणमूल कार्यकर्ता संजय रॉय ने इस पूरे मामले को सोची-समझी साजिश बताया है। उनका कहना है कि हमलावर कुछ समय पहले तक किसी अन्य राजनीतिक धारा से जुड़े थे और हालिया राजनीतिक बदलावों के चलते नए रूप में सामने आए हैं। संजय रॉय के अनुसार, उन्हें यह बात समझ नहीं आ रही कि उन लोगों से इतनी नाराजगी क्यों है, लेकिन उनका मानना है कि पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा के कारण ही उनके घरों को निशाना बनाया गया है। पीड़ित परिवारों ने घटना के तुरंत बाद स्थानीय थाने में आरोपियों के खिलाफ नामजद और विस्तृत लिखित शिकायत दर्ज करवाई है।
बीजेपी ने आंतरिक गुटबाजी को बताया हमले की वजह
हमले की खबर फैलते ही इलाके में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का नया दौर शुरू हो गया। भारतीय जनता पार्टी के जिला प्रवक्ता सुमंत मंडल ने इन आरोपों पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी इस प्रकार के हिंसक तौर-तरीकों या अराजक राजनीति को कतई बढ़ावा नहीं देती। सुमंत मंडल ने दावा किया कि इस प्रकरण में विरोधी दल की कोई संलिप्तता नहीं है, बल्कि यह हमला सत्ताधारी दल के अपने भीतर चल रही गुटीय रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई का सीधा परिणाम है। उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता आपसी अंतर्कलह में उलझे हुए हैं और अपने निजी विवादों का ठीकरा दूसरों पर फोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने प्रशासन से अपील की कि दुर्गापुर की अमन-शांति को खतरे में डालने वाले हर असामाजिक तत्व की पहचान कर उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। फिलहाल स्थानीय पुलिस सीसीटीवी फुटेज को खंगालकर लाल वाहन और उसमें सवार तीनों युवकों का सुराग लगाने में जुटी हुई है।



















