बिहार के भागलपुर जिले अंतर्गत नवगछिया पुलिस जिला मुख्यालय में शनिवार की सुबह एक दुखद घटना सामने आई, जहां पुलिस लाइन स्थित कमरे में एक पुलिस अधिकारी का शव बरामद किया गया। मृत अधिकारी की पहचान दरोगा योगेश के रूप में की गई है। वह नवगछिया पुलिस अधीक्षक की गोपनीय शाखा में रीडर के महत्वपूर्ण पद पर अपनी सेवाएं दे रहे थे। शनिवार सुबह लगभग छह बजे जब उनके कमरे में शव होने की बात सामने आई, तो पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। घटना की खबर मिलते ही नवगछिया के पुलिस अधीक्षक वैभव शर्मा और पुलिस उपाधीक्षक समेत कई आला अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और पूरे मामले की पड़ताल शुरू करवाई।
पदोन्नति के महज दस दिन बाद घटी अनहोनी
इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा दरोगा योगेश के हालिया प्रमोशन को लेकर हो रही है। जानकारी के अनुसार, करीब 10 दिन पहले ही उन्हें जमादार के पद से प्रोन्नत कर दरोगा बनाया गया था। करियर में इस अहम प्रगति के कुछ ही दिनों के भीतर उनकी इस तरह अचानक मौत हो जाने से उनके सहकर्मियों और पुलिस लाइन के जवानों के बीच गहरा शोक और हैरानी का माहौल है। किसी को यह समझ नहीं आ रहा है कि नए पद की जिम्मेदारी संभालने के इतने कम समय बाद आखिर ऐसा क्या हुआ जिसने उनकी जान ले ली।
मौत की असली वजह पर बना हुआ है रहस्य
दरोगा योगेश की जान किन परिस्थितियों में गई, इसे लेकर स्थिति अब तक पूरी तरह साफ नहीं हो पाई है। पुलिस इस बात की गहराई से छानबीन कर रही है कि क्या उनकी मौत किसी गंभीर बीमारी या अचानक तबीयत बिगड़ने की वजह से हुई, अथवा इसके पीछे कोई अन्य परिस्थिति जिम्मेदार है। घटनास्थल की बारीकी से जांच की जा रही है और फॉरेंसिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और सभी साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही मौत के सटीक कारणों का आधिकारिक रूप से खुलासा हो सकेगा।
पुलिस लाइन परिसर में आवाजाही पर रोक
घटना के तुरंत बाद पुलिस लाइन परिसर में सुरक्षा और सतर्कता काफी बढ़ा दी गई। मौके से जानकारी जुटाने और कवरेज करने पहुंचे मीडियाकर्मियों की आवाजाही को भी पुलिस लाइन के मुख्य प्रवेश द्वार पर रोक दिया गया। वरिष्ठ अधिकारी कमरे के भीतर से हर छोटे-बड़े पहलू की जांच कर रहे हैं ताकि घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा जा सके।
आधिकारिक जांच रिपोर्ट का इंतजार
दरोगा योगेश के निधन के बाद अब हर किसी की नजर पुलिस की अंतिम जांच रिपोर्ट पर टिकी है। शव किस हालत में पाया गया, कमरे के भीतर की क्या स्थिति थी और मौत का समय क्या रहा होगा, इन तमाम सवालों के स्पष्ट उत्तर का इंतजार किया जा रहा है। फिलहाल पुलिस प्रशासन इस पूरे प्रकरण को संदिग्ध मौत मानकर सभी संभावित कोणों से तहकीकात को आगे बढ़ा रहा है।



















