हस्तरेखा शास्त्र की मान्यताओं में अंगूठा केवल शारीरिक अंग नहीं बल्कि व्यक्ति के व्यक्तित्व, इच्छाशक्ति और जीवन में मिलने वाली सफलता का एक मुख्य संकेतक माना गया है। हथेली की अलग-अलग रेखाओं के अलावा अंगूठे के पर्वों (पोरों) पर मौजूद विशेष चिह्न इंसान के स्वभाव, आर्थिक स्थिति और समाज में मिलने वाले मान-सम्मान के बारे में गहराई से संकेत देते हैं। हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार अंगूठे के पहले और दूसरे पर्व पर बनने वाले कुछ खास निशान व्यक्ति को जीवन में अपार सफलता, धन-धान्य और उत्कृष्ट बौद्धिक क्षमता प्रदान करते हैं। इनमें वृत्त, वर्ग और त्रिकोण के चिह्नों को विशेष रूप से बेहद शुभ और फलदायी माना जाता है।
अंगूठे पर वृत्त का निशान और इसका प्रभाव
अंगूठे के प्रथम पर्व यानी नाखून वाले हिस्से पर यदि वृत्त या गोले की आकृति बनती है, तो ऐसा व्यक्ति अपने इरादों का बेहद पक्का होता है। हस्तरेखा विज्ञान के अनुसार ऐसे लोग जो कार्य करने का संकल्प ले लेते हैं, उसे पूरा करके ही विश्राम लेते हैं। अपनी इसी कार्यकुशलता और प्रतिबद्धता के कारण इन्हें समाज में उच्च मान-सम्मान की प्राप्ति होती है। ऐसे जातक पारिवारिक जीवन में भी अपनी सभी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ करते हैं। व्यावसायिक दृष्टि से भी वृत्त का चिह्न अत्यंत लाभकारी सिद्ध होता है। ऐसे व्यक्ति कुशल कारोबारी बन सकते हैं और उन्हें जीवन में समय-समय पर आर्थिक उन्नति के बेहतरीन अवसर मिलते रहते हैं। दूसरी ओर, यदि यह वृत्त का चिह्न अंगूठे के द्वितीय पर्व पर मौजूद हो, तो जातक की तर्क शक्ति और विश्लेषणात्मक क्षमता बेहद प्रखर होती है।
वर्ग का चिह्न: जीवन में संतुलन और सुरक्षा का प्रतीक
हस्तरेखा अध्ययन में अंगूठे को स्थिरता और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। यदि अंगूठे पर वर्ग (चौकोर) आकृति पाई जाती है, तो यह व्यक्ति के जीवन में संतुलन बनाए रखने में मदद करती है। अंगूठे के प्रथम पर्व पर वर्ग का चिह्न होना व्यक्ति के अत्यंत परिश्रम करने वाले स्वभाव को दर्शाता है। ऐसे लोग अपनी कड़ी मेहनत और प्रतिभा के बल पर धन-धान्य संचित करते हैं और सामाजिक प्रतिष्ठा हासिल करते हैं। हालांकि, कभी-कभी अपने निकट संबंधियों और स्वजनों के प्रति इनका व्यवहार थोड़ा कठोर या सख्त हो सकता है। यदि यही वर्ग का चिह्न अंगूठे के दूसरे पर्व पर बनता है, तो व्यक्ति निरंतर परिश्रम करने वाला तो होता ही है, लेकिन साथ ही उसके स्वभाव में थोड़ा हठ या जिद्दीपन भी देखा जा सकता है।
त्रिकोण का चिह्न: तकनीकी सफलता और बौद्धिक क्षमता
अंगूठे के पहले अथवा दूसरे में से किसी भी पर्व पर त्रिकोण (त्रिभुज) का निशान बनना बेहद शुभ माना गया है। अंगूठे पर त्रिकोण की उपस्थिति व्यक्ति को विज्ञान और तकनीकी क्षेत्र में बड़ी सफलता दिला सकती है। ऐसे जातक स्वभाव से बेहद तार्किक होते हैं और अपनी उत्कृष्ट ज्ञान क्षमता के बल पर समाज में आदरणीय स्थान प्राप्त करते हैं। वित्तीय प्रबंधन और हिसाब-किताब के मामलों में भी इन लोगों को काफी निपुण माना जाता है। अपनी बुद्धि और कार्यकुशलता से ये लोग जीवन में प्रचुर धन-धान्य अर्जित करते हैं तथा समाज के गणमान्य एवं प्रतिष्ठित लोगों की श्रेणी में शामिल होते हैं।



















