भाई और बहन के बीच अपार स्नेह का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व 28 अगस्त 2026 को पूरे देश में पारंपरिक उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। इस पावन अवसर पर पारिवारिक आयोजनों, अनुष्ठानों और दूर-दराज रहने वाले रिश्तेदारों के घर जाने की तैयारियों के बीच छात्रों एवं अभिभावकों के मन में शैक्षणिक संस्थानों के संचालन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। देश के अलग-अलग क्षेत्रों, राज्य सरकारों और शैक्षणिक बोर्ड्स के तहत स्कूलों में अवकाश घोषित करने के नियम भिन्न हैं।
उत्तर और मध्य भारत के शैक्षणिक संस्थानों में पूर्ण अवकाश
देश के उत्तरी और मध्यवर्ती हिस्सों में रक्षाबंधन को सर्वप्रमुख सांस्कृतिक पर्व के रूप में देखा जाता है। इसी परिपाटी के तहत उत्तर प्रदेश, दिल्ली-एनसीआर के प्रमुख इलाकों जैसे नोएडा एवं गाजियाबाद, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार और उत्तराखंड की राज्य सरकारों ने अपने आधिकारिक वार्षिक कैलेंडर में 28 अगस्त को पूर्ण छुट्टी की घोषणा की है। यह आदेश प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर के सभी सरकारी एवं सहायता प्राप्त (एडेड) विद्यालयों पर अनिवार्य रूप से लागू होता है। इन क्षेत्रों के बहुसंख्यक निजी संस्थानों और मिशनरी संचालित विद्यालयों ने भी छात्रों को छुट्टी की औपचारिक जानकारी दे दी है।
झारखंड में फैसला बदला गया
झारखंड राज्य में रक्षाबंधन के दिन मिलने वाली छुट्टी को लेकर शुरुआती दौर में भ्रम की स्थिति बनी थी। प्रशासनिक स्तर पर पूर्व में जारी एक आदेश के जरिए इस त्यौहार पर घोषित अवकाश को रद्द करने का फैसला लिया गया था। हालांकि, बाद में इस निर्णय की समीक्षा की गई और रद्द करने संबंधी प्रशासनिक आदेश को वापस लेते हुए त्यौहार पर अवकाश की पुरानी व्यवस्था बहाल कर दी गई है।
दक्षिण एवं पूर्वोत्तर भारत में सामान्य रूप से चलेंगे विद्यालय
दक्षिण भारतीय राज्यों जैसे तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में रक्षाबंधन का आयोजन उस बड़े पैमाने पर नहीं होता जैसा कि उत्तर भारत में देखने को मिलता है। इस वजह से इन राज्यों की सरकारों ने 28 अगस्त को कोई अनिवार्य सार्वजनिक या शैक्षणिक अवकाश अधिसूचित नहीं किया है। ठीक इसी प्रकार, पूर्वोत्तर भारत के राज्यों असम, मेघालय और नागालैंड में भी इस दिन सभी शैक्षणिक गतिविधियां सामान्य दिनों की तरह संचालित होंगी। हालांकि, इन राज्यों में अध्ययनरत उत्तर भारतीय समुदाय के विद्यार्थियों के लिए प्रतिबंधित अवकाश (रिस्ट्रिक्टेड लीव) का लाभ लेने का प्रावधान उपलब्ध रहेगा।
केंद्रीय विद्यालयों और निजी बोर्ड्स की व्यवस्था
देश भर में फैले केंद्रीय विद्यालय और नवोदय विद्यालय में रक्षाबंधन के त्यौहार पर एक समान केंद्रीय नीति के तहत अनिवार्य छुट्टी लागू रहती है। इसके विपरीत, सीबीएसई एवं आईसीएसई बोर्ड से संबद्धता रखने वाले निजी संस्थानों और बहुराष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्कूलों के प्रशासनिक नियम स्वतंत्र होते हैं। कई प्रमुख प्राइवेट इंटरनेशनल स्कूल इस पर्व को अपनी 'ऑप्शनल हॉलिडे' (वैकल्पिक अवकाश) की श्रेणी में दर्ज रखते हैं। ऐसी स्थिति में संस्थान पूरी तरह बंद रहने के स्थान पर आधे दिन की कक्षाओं की समय-सारणी तय करते हैं या परिसर में विशेष सांस्कृतिक सभा आयोजित करते हैं।
अभिभावकों के लिए प्रशासनिक सलाह
त्यौहारी मौसम के दौरान विभिन्न जिलों में स्थानीय परिस्थितियों को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट (DM) कार्यालय अथवा क्षेत्रीय शिक्षा अधिकारी द्वारा अंतिम समय में भी स्कूल कैलेंडर में संशोधन के निर्देश दिए जा सकते हैं। किसी भी अंतिम क्षण की असुविधा से बचने के लिए अभिभावकों को यह परामर्श दिया जाता है कि वे विद्यालय द्वारा जारी नोटिस बोर्ड, विद्यार्थी डायरी, प्राधिकृत व्हाट्सएप सर्कुलर या स्कूल के आधिकारिक डिजिटल ऐप पर लॉगिन करके छुट्टी की पुष्टि कर लें।


















