ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा बाजार में ऑस्ट्रेलियन डॉलर (AUD) लगातार मजबूती का प्रदर्शन कर रहा है। देश में मुद्रास्फीति के ताज़ा आंकड़े अनुमान से अधिक मजबूत आने के कारण ऑस्ट्रेलियन डॉलर बनाम अमेरिकी डॉलर (AUD/USD) की विनिमय दर 0.7180 से 0.7200 के महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस स्तर का पुनः परीक्षण कर रही है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यद्यपि केंद्रीय बैंक के सख्त मौद्रिक चक्र का अधिकांश हिस्सा पूरा हो चुका है, लेकिन महंगाई के ऊंचे स्तर के कारण रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा भविष्य में एक और दर वृद्धि की संभावना से पूरी तरह इनकार नहीं किया जा सकता है।
मुद्रास्फीति के आंकड़े और आरबीए की मौद्रिक नीति पर असर
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया की हेडलाइन मुद्रास्फीति जून में 3.8% YoY (वार्षिक आधार) से घटकर जुलाई में 3.5% YoY पर आ गई। वहीं दूसरी ओर, कोर इन्फ्लेशन का मुख्य पैमाना माने जाने वाली ट्रिम्ड मीन इन्फ्लेशन (Trimmed Mean Inflation) जुलाई में 3.6% YoY पर स्थिर बनी रही। यह दोनों ही आंकड़े बाजार की अपेक्षाओं से अधिक रहे हैं। रिज़र्व बैंक ऑफ़ ऑस्ट्रेलिया ने 2026 की दूसरी छमाही (2H26) के लिए ट्रिम्ड मीन इन्फ्लेशन का औसत लक्ष्य 3.3% YoY निर्धारित किया है। ऐसे में जुलाई के ये आंकड़े साल के उत्तरार्ध के लिए केंद्रीय बैंक के लक्ष्यों के अनुकूल संकेत नहीं दे रहे हैं।
मुद्रास्फीति में इस निरंतरता को देखते हुए वित्तीय बाजारों ने फरवरी 2027 तक RBA द्वारा 25 आधार अंक (25bp) की ब्याज दर वृद्धि की संभावना को पूरी तरह से डिस्काउंट करना शुरू कर दिया है। ओसीबीसी बैंक (OCBC Bank) के रणनीतिकार सिम मोह सियोंग और क्रिस्टोफर वोंग के अनुसार, हालांकि उनका मूल अनुमान यही है कि ब्याज दरें बढ़ाने का मौजूदा चक्र समाप्त हो गया है, फिर भी जिद्दी महंगाई के कारण दर वृद्धि का जोखिम बना हुआ है।
आगामी छमाही के लिए AUD का अल्पकालिक एवं मध्यमकालिक आउटलुक
रणनीतिकारों का अनुमान है कि आने वाली एक से दो तिमाहियों के दौरान ऑस्ट्रेलियन डॉलर का प्रदर्शन सकारात्मक बना रहेगा। इसके पीछे दो मुख्य कारण हैं: पहला, ऑस्ट्रेलियन डॉलर का आकर्षक कैरी ट्रेड लाभ, और दूसरा, चीन की ओर से अतिरिक्त आर्थिक नीतिगत प्रोत्साहन (Chinese policy stimulus) जारी किए जाने की प्रबल संभावना। ये दोनों कारक अल्पकाल में AUD को मजबूत सहारा प्रदान करेंगे।
हालांकि, मध्यम अवधि के नजरिए से AUD की बढ़त की गति अधिक धीमी और सीमित रहने की संभावना जताई गई है। जैसे-जैसे ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर में सुस्ती आएगी और मुद्रास्फीति धीरे-धीरे केंद्रीय बैंक के तय लक्ष्य की ओर बढ़ेगी, आरबीए अपनी सख्त मौद्रिक नीति के रुख को नरम करना शुरू कर देगा। इस नीतिगत बदलाव से मध्यम अवधि में AUD की तेज बढ़त पर अंकुश लग सकता है।
ग्लोबल करेंसी मार्केट और कमोडिटी का रुख
दुनिया भर के अन्य प्रमुख मुद्रा जोड़ों और कमोडिटीज में भी हलचल देखी जा रही है। ब्रिटिश पाउंड बनाम अमेरिकी डॉलर (GBP/USD) की जोड़ी यूरोपीय कारोबारी घंटों के दौरान अपने साप्ताहिक दायरे के निचले स्तर 1.3600 के नीचे समेकित (consolidate) हो रही है। व्यापारियों का ध्यान शुक्रवार को फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉश (Kevin Warsh) द्वारा दिए जाने वाले भाषण पर टिका है, जिससे अमेरिका में ब्याज दरों के भविष्य के रास्ते पर स्पष्टता मिल सकेगी।
यूरो बनाम अमेरिकी डॉलर (EUR/USD) की बात करें तो यह जोड़ी 1.1650 के आसपास अपनी सीमा बनाए हुए है। यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) के सख्त रुख की उम्मीदें यूरो को समर्थन दे रही हैं, जबकि अमेरिकी PCE डेटा के बाद अमेरिकी डॉलर में स्थिरता आई है। विदेशी मुद्रा बाजार का फोकस मध्य पूर्व के घटनाक्रमों और अमेरिकी बेरोजगार दावों (US Jobless Claims) के आंकड़ों पर केंद्रित है।
वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना (Gold) $4,600 के स्तर के करीब बना हुआ है और अपने साप्ताहिक निचले स्तर के पास कारोबार कर रहा है। जैक्सन होल संगोष्ठी (Jackson Hole Symposium) में फेड प्रमुख केविन वॉश का वक्तव्य सोने की कीमतों और अमेरिकी डॉलर की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


















