जन्माष्टमी 2026: कान्हा के आगमन से पहले घर ले आएं ये 5 खास चीजें, बनी रहेगी भगवान श्रीकृष्ण की कृपामध्य पूर्व में गहराते तनाव और ऊर्जा कीमतों में उछाल से बदला वैश्विक बाजार का मिजाज, फेडरल रिजर्व की नीतियों पर टिकी निगाहेंयूरोज़ोन और ब्रिटेन की नीतियों में बदलाव से करेंसी मार्केट में हलचल, यूरो में उछाल और क्रूड ऑयल में तेजीआबूराज नामकरण का संकल्प निभाने निकले महंत बजरंगदास पहुंचे सुमेरपुर, 250 किलोमीटर लंबे मार्ग पर जारी है दंडवत साधनाअयोध्या राम मंदिर के नए CEO बने जितेंद्र मिश्रा, 1999 कारगिल युद्ध में 12 दिन के तकनीकी चमत्कार से पलटा था जंग का पासाअसम के मशहूर गायक जुबीन गर्ग के सम्मान में गुवाहाटी के राजगढ़ में सर्वधर्म 'जुबीन क्षेत्र' स्मारक की हुई शुरुआततिरहुत विधान परिषद चुनाव के लिए जन सुराज की बैठक, प्रशांत किशोर दो से चार दिन में घोषित करेंगे प्रत्याशीयूट्यूब से रेसिपी सीखकर अभिषेक साहू ने शुरू किया सैंडविच का काम, भोपाल में अब हर महीने 25 लाख रुपये का टर्नओवरस्वावलंबन की नई मिसाल बना नीमच, 1,800 छोटे कारोबारियों को मिला 15.5 करोड़ रुपये का संबलखास मौकों और पार्टियों में कॉटन साड़ी से पाएं शानदार स्टाइल, इन आसान फैशन टिप्स से बनाएं अपना लुक एलिगेंट
हथेली पर तारे का निशान: जानिए किस पर्वत पर यह दिलाता है तरक्की और कहाँ बढ़ाता है मुश्किलेंराशिफल
2 सित॰ 2026, 5:33 pm (38 मिनट पहले)· 2

हथेली पर तारे का निशान: जानिए किस पर्वत पर यह दिलाता है तरक्की और कहाँ बढ़ाता है मुश्किलें

हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार हथेली के विभिन्न पर्वतों पर मौजूद तारे का चिह्न व्यक्ति के भाग्य, करियर, सेहत और जीवन के विभिन्न पहलुओं पर सकारात्मक व नकारात्मक प्रभाव डालता है।

हस्तरेखा विज्ञान में हथेली के ऊपर अंकित विभिन्न रेखाओं और संकेतों का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थान माना गया है। इन्हीं रेखाओं के मध्य दिखाई देने वाला तारे का चिह्न व्यक्ति के भविष्य और स्वभाव की सटीक झलक प्रस्तुत करता है। ज्योतिष शास्त्र एवं हस्तरेखा विश्लेषण के जानकारों के अनुसार, तारे का यह निशान हथेली के अलग-अलग पर्वतों पर स्थित होने के आधार पर भिन्न-भिन्न परिणाम प्रदान करता है। जहाँ कुछ विशेष पर्वतों पर इसकी उपस्थिति व्यक्ति को अपार धन, सम्मान और सफलता की ऊँचाइयों तक पहुँचाती है, वहीं कुछ स्थानों पर यह जीवन में अचानक आने वाली बाधाओं, दुर्घटनाओं और मानसिक तनाव का संकेत भी देती है। ऐसे में यह समझना आवश्यक हो जाता है कि हथेली के किस भाग में तारे की उपस्थिति किस प्रकार का फल प्रदान करती है।

गुरु पर्वत पर तारे के निशान का प्रभाव और अर्थ

हस्तरेखा शास्त्र के अंतर्गत तर्जनी उंगली यानी इंडेक्स फिंगर के बिल्कुल निचले हिस्से को गुरु पर्वत के रूप में जाना जाता है। यदि किसी व्यक्ति की हथेली में यह स्थान अच्छी तरह उभरा हुआ हो और उस पर स्पष्ट तारे का चिह्न बना दिखाई दे, तो इसे अत्यंत भाग्यशाली संकेत माना जाता है। ऐसे जातकों को अपने जीवनकाल में समाज में ऊंचा मान-सम्मान, प्रतिष्ठा और लोकप्रियता हासिल होती है। करियर और पेशेवर जीवन के दृष्टिकोण से भी यह स्थिति बेहद शुभ मानी गई है। ऐसे लोग प्रशासनिक क्षेत्रों, शिक्षण, राजनीति अथवा नेतृत्व से जुड़े कार्यों में बड़ी उपलब्धियां प्राप्त करते हैं और अपनी बौद्धिक क्षमता के बल पर उच्च पदों को सुशोभित करते हैं।

ये भी पढ़ें

शनि पर्वत पर तारे का चिह्न और उससे जुड़ी चेतावनियाँ

हाथ की सबसे बड़ी उंगली यानी मध्यमा उंगली के ठीक नीचे स्थित क्षेत्र को शनि पर्वत कहा जाता है। हस्तरेखा विश्लेषण में शनि पर्वत पर तारे के निशान को शुभ नहीं माना जाता, विशेषकर तब जब यह चिह्न हथेली और मध्यमा उंगली के जोड़ वाले स्थान पर बना हो। यह स्थिति व्यक्ति के जीवन में अचानक घटित होने वाली अप्रिय घटनाओं और दुर्घटनाओं की आशंका को दर्शाती है। इसके अतिरिक्त, ऐसे जातकों के गलत संगति या अनुचित कार्यों में संलिप्त होने के कारण चर्चा और बदनामी में आने का खतरा बना रहता है। इसलिए इस स्थान पर तारे का निशान होने पर व्यक्ति को सतर्कता बरतने की सलाह दी जाती है।

सूर्य पर्वत पर तारे की उपस्थिति से मिलने वाले परिणाम

अनामिका उंगली यानी रिंग फिंगर के निचले हिस्से को हस्तरेखा में सूर्य पर्वत कहा जाता है। सूर्य पर्वत पर तारे का निशान बनना बेहद शुभ और फलदायी माना जाता है। इस स्थान पर तारे का संकेत होने से व्यक्ति को जीवन में अपार प्रसिद्धि, उच्च सामाजिक दर्जा और शीर्ष पद मिलने की प्रबल संभावना रहती है। हालांकि, अपार धन-दौलत और रुतबा हासिल करने के बावजूद ऐसे व्यक्तियों के जीवन में समय-समय पर किसी बात को लेकर निराशा या खालीपन की भावना बनी रह सकती है। इस योग की एक खास बात यह भी है कि ऐसे जातकों की वृद्धावस्था बेहद सुखद, शांतिपूर्ण और समृद्ध रूप से व्यतीत होती है।

बुध पर्वत पर तारे का निशान और व्यापारिक सफलता

हथेली की सबसे छोटी उंगली यानी कनिष्ठा के नीचे वाले भाग को बुध पर्वत की संज्ञा दी गई है। बुध पर्वत पर तारे का चिह्न विद्यमान होना बौद्धिक और व्यावहारिक दृष्टि से अत्यंत सकारात्मक माना जाता है। हस्तरेखा शास्त्र के अनुसार, यह निशान व्यक्ति को व्यापार और वाणिज्य के क्षेत्र में बड़ी सफलता दिलाता है। ऐसे लोग बेहतरीन बातचीत की कला और संवाद शैली में माहिर होते हैं, जिससे ये दूसरों को आसानी से प्रभावित कर लेते हैं। इसके अलावा, बुध पर्वत पर तारे के निशान वाले जातकों का रुझान शोध कार्य, अनुसंधान, विज्ञान और तकनीकी क्षेत्रों में भी अधिक रहता है।

चंद्र पर्वत पर तारे का संकेत और जल संबंधी खतरे

हथेली के निचले किनारे की तरफ स्थित उभार को चंद्र पर्वत कहा जाता है। चंद्र पर्वत पर तारे के निशान की मौजूदगी को शुभ संकेतों की श्रेणी में नहीं रखा जाता है। हस्तरेखा विज्ञान के मुताबिक, जिन लोगों की हथेली में यह स्थिति होती है, उन्हें जल स्रोतों जैसे नदी, तालाब या समुद्र के पास विशेष सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि इनमें डूबकर मृत्यु होने या जल जनित दुर्घटनाओं का जोखिम बना रहता है। इसके साथ ही, ऐसे जातक अत्यधिक चिंतन और ओवरथिंकिंग की आदत से ग्रस्त रहते हैं, जिसके कारण कालंतर में वे मानसिक विकारों, तनाव या अवसाद की चपेट में आ सकते हैं।

शुक्र पर्वत पर तारे का चिह्न और भौतिक सुख-सुविधाएँ

अंगूठे के निचले भाग में स्थित विस्तृत और उभरे हुए क्षेत्र को शुक्र पर्वत कहा जाता है। शुक्र पर्वत पर तारे का चिह्न बनना लव लाइफ और ऐशो-आराम के मामले में बेहद अनुकूल माना गया है। हस्तरेखा के सिद्धांतों के अनुसार, शुक्र पर्वत पर तारे का निशान होने से व्यक्ति को प्रेम संबंधों में अपार सफलता मिलती है और उनका दांपत्य जीवन भी सुखमय रहता है। इसके अतिरिक्त, ऐसे जातकों को अपने जीवन में सभी प्रकार के भौतिक सुख, वाहन, सुंदर आवास, वस्त्र और आधुनिक सुख-सुविधाओं की सहज प्राप्ति होती है।

सवाल-जवाब

हथेली में गुरु पर्वत कहाँ होता है और इस पर तारे का चिह्न क्या दर्शाता है?
गुरु पर्वत तर्जनी उंगली के ठीक नीचे स्थित होता है। यदि यह भाग उभरा हो और तारे का चिह्न बने, तो व्यक्ति को जीवन में उच्च मान-सम्मान और करियर में बड़ी सफलता मिलती है।
शनि पर्वत पर तारे का निशान होने का क्या मतलब है?
शनि पर्वत मध्यमा उंगली के नीचे होता है। यहाँ तारे का निशान विशेषकर उंगली के जोड़ पर होना अशुभ माना जाता है, जो दुर्घटनाओं और गलत कार्यों के कारण बदनामी की आशंका दर्शाता है।
सूर्य पर्वत पर तारे के चिह्न का क्या परिणाम होता है?
अनामिका उंगली के नीचे स्थित सूर्य पर्वत पर तारे का निशान बेहद शुभ माना जाता है, जिससे उच्च पद और प्रतिष्ठा मिलती है, हालाँकि व्यक्ति के मन में कुछ निराशा भी रह सकती है।
बुध पर्वत पर तारे का निशान किस क्षेत्र में सफलता दिलाता है?
छोटी उंगली के नीचे स्थित बुध पर्वत पर तारे का चिह्न व्यापार में सफलता, बेहतरीन बातचीत की कला और शोध कार्यों में प्रगति का संकेत देता है।
चंद्र पर्वत पर तारे का निशान होने पर क्या सावधानियां रखनी चाहिए?
चंद्र पर्वत पर तारे का निशान होने पर पानी वाले स्थानों से सावधान रहना चाहिए क्योंकि डूबने का जोखिम रहता है, साथ ही अत्यधिक सोचने की वजह से मानसिक तनाव हो सकता है।
शुक्र पर्वत पर तारे का चिह्न होने से क्या लाभ मिलता है?
अंगूठे के नीचे स्थित शुक्र पर्वत पर तारे का निशान प्रेम संबंधों में सफलता और जीवन में विभिन्न प्रकार के भौतिक सुखों व लग्जरी की प्राप्ति कराता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR