बिहार के आगामी तिरहुत शिक्षक एवं स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद (एमएलसी) चुनाव को लेकर जन सुराज पार्टी ने अपनी रणनीतिक तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार को मुजफ्फरपुर के जिला परिषद मार्केट स्थित होटल शुभकामना में पार्टी की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता पार्टी के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने की, जिसमें प्रदेश स्तर के वरिष्ठ नेताओं के साथ-साथ तिरहुत प्रमंडल के चार प्रमुख जिलों से आए पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।
संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ विस्तृत चर्चा
इस उच्चस्तरीय बैठक में जन सुराज के प्रदेश अध्यक्ष मनोज भारती, एनपी मंडल, सुभाष कुशवाहा और सरवर अली समेत कई प्रमुख नेता उपस्थित रहे। इसके अलावा मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर और वैशाली जिलों से आए संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने चुनावी तैयारियों पर अपने विचार रखे। बैठक के दौरान स्थानीय स्तर पर संगठन की स्थिति, मतदाताओं के बीच जन सुराज की पहुंच और चुनाव से जुड़ी आवश्यक तैयारियों पर गहन मंथन हुआ। विभिन्न क्षेत्रों से आए कार्यकर्ताओं ने संभावित प्रत्याशियों के नामों पर भी अपनी राय साझा की।
उम्मीदवारों की घोषणा के लिए तय समय-सीमा
बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए प्रशांत किशोर ने बताया कि आगामी विधान परिषद चुनाव के लिए उपयुक्त प्रत्याशियों के चयन को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया है। उन्होंने कहा कि अगले दो से चार दिनों के भीतर जन सुराज के आधिकारिक उम्मीदवारों के नामों का ऐलान कर दिया जाएगा। प्रशांत किशोर ने स्पष्ट किया कि तिरहुत प्रमंडल में संगठन के महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर रहे सभी साथियों को इसीलिए आमंत्रित किया गया था ताकि उनकी राय और सुझावों को प्राथमिकता दी जा सके। इसके साथ ही चुनाव लड़ने के इच्छुक कार्यकर्ताओं ने भी अपना पक्ष नेतृत्व के सामने रखा।
बांकीपुर परिणाम का प्रभाव और भावी चुनावी रणनीति
हाल ही में बांकीपुर विधानसभा सीट पर मिली जीत का जिक्र करते हुए पार्टी नेताओं ने कहा कि इस सफलता से कार्यकर्ताओं का मनोबल काफी ऊंचा हुआ है। बांकीपुर सीट पारंपरिक रूप से बीजेपी के पास रही थी, जहां से प्रशांत किशोर खुद विधायक चुने गए हैं। चुनाव में जनाधार को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रशांत किशोर ने कहा, "चुनाव के नतीजे ही यह तय करेंगे कि हमारा जनाधार बढ़ रहा है या घट रहा है।" कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने मांग की है कि पार्टी इस एमएलसी चुनाव में अपनी पूरी ताकत झोंके। बैठक में मतदाताओं तक प्रभावी पहुंच बनाने और जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर सहमति बनी।



















