वैदिक ज्योतिष में शनि को कर्म, अनुशासन और न्याय का प्रमुख कारक माना जाता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, शनि 11 दिसंबर 2026 को मीन राशि में मार्गी होंगे। इसके बाद आगामी समय में यानी 3 जून 2027 को मेष राशि में प्रवेश करेंगे। अपनी इस यात्रा के दौरान 9 अगस्त 2027 को शनि मेष राशि में वक्री हो जाएंगे। वक्री अवस्था में चलते हुए वह 20 अक्टूबर 2027 को दोबारा मीन राशि में वापस लौट आएंगे। इसके पश्चात 24 दिसंबर 2027 को मीन राशि में एक बार फिर मार्गी होंगे।
शनि की चाल का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। शनि 23 फरवरी 2028 को फिर से मेष राशि में प्रवेश करेंगे। इसके आगे चलकर 8 अगस्त 2029 को वृषभ राशि में जाएंगे, लेकिन 5 अक्टूबर 2029 को वक्री होकर वापस मेष राशि में लौट आएंगे। इसके बाद 17 अप्रैल 2030 को एक बार फिर वृषभ राशि में प्रवेश करेंगे। इन सभी गोचरों और चालों का सीधा प्रभाव अलग-अलग राशियों पर पड़ने वाला है, जिससे साढ़ेसाती के चरणों की अवधि तय होती है।
कुंभ राशि के जातकों की बात करें तो इस समय इन पर शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है। 3 जून 2027 को जैसे ही शनि मेष राशि में प्रवेश करेंगे, वैसे ही कुंभ राशि वालों की साढ़ेसाती समाप्त हो जाएगी। हालांकि, यह राहत केवल कुछ महीनों के लिए ही होगी। जैसे ही 20 अक्टूबर 2027 को शनि वापस मीन राशि में आएंगे, तो कुंभ राशि पर एक बार फिर साढ़ेसाती का अंतिम चरण शुरू हो जाएगा। इसके बाद 23 फरवरी 2028 को जब शनि दोबारा मेष राशि में जाएंगे, तब जाकर कुंभ राशि के जातकों को साढ़ेसाती से पूरी तरह और हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।
मीन राशि पर इस वर्तमान समय में साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है। 3 जून 2027 को शनि के मेष राशि में जाते ही इसका अंतिम चरण शुरू हो जाएगा। हालांकि, 20 अक्टूबर 2027 को जब शनि वापस मीन राशि में लौटेंगे, तो इनका दूसरा चरण फिर से शुरू हो जाएगा। इसके बाद 23 फरवरी 2028 से अंतिम चरण चलेगा। 8 अगस्त 2029 को शनि के वृषभ राशि में जाने से साढ़ेसाती कुछ समय के लिए समाप्त हो जाएगी। लेकिन 5 अक्टूबर 2029 को शनि जब मेष राशि में वापस आएंगे, तो अंतिम चरण दोबारा शुरू हो जाएगा। मीन राशि के जातकों को अंततः 17 अप्रैल 2030 को साढ़ेसाती से पूर्ण राहत प्राप्त होगी।
मेष राशि के जातकों पर वर्तमान में साढ़ेसाती का पहला चरण चल रहा है। 3 जून 2027 को जब शनि मेष राशि में प्रवेश करेंगे, तब इनका दूसरा चरण शुरू हो जाएगा। हालांकि, 20 अक्टूबर 2027 को शनि के मीन राशि में लौटने से इनका पहला चरण फिर से शुरू हो जाएगा। इसके बाद 23 फरवरी 2028 को शनि जब दोबारा मेष राशि में आएंगे, तब दूसरा चरण चलेगा। 8 अगस्त 2029 को शनि के वृषभ राशि में जाने से अंतिम चरण की शुरुआत होगी। इसके बाद अक्टूबर 2029 में शनि के मेष राशि में लौटने पर दूसरा चरण फिर से शुरू होगा। 17 अप्रैल 2030 से अंतिम चरण दोबारा चलेगा और मेष राशि वालों को अंततः 31 मई 2032 को साढ़ेसाती से पूरी मुक्ति मिलने की ज्योतिषीय गणना है।
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, साढ़ेसाती के दौरान कड़ी मेहनत, अटूट धैर्य और जिम्मेदारियों को विशेष महत्व दिया जाता है। ऐसा माना जाता है कि शनिदेव व्यक्ति को उसके कर्मों के अनुसार ही फल प्रदान करते हैं। हालांकि, यह भी सत्य है कि साढ़ेसाती का प्रभाव हर मनुष्य पर एक जैसा या समान रूप से नहीं पड़ता है, बल्कि यह व्यक्ति की कुंडली की स्थिति पर भी निर्भर करता है।


















