दिल्ली में पुलिस नोटिस पर एनसीपी नेता अनीश गवांडे का तंज, बोले- मेहमानों को चाय पिलाएंगे और तिरंगा यात्रा में जाएंगेलाल सागर की बेहद मजबूत मूंगा चट्टानों पर भी मंडराने लगा संकट, भीषण गर्मी से ब्लीचिंग की चपेट में आईं कॉरल कॉलोनियांबारहवीं के बाद हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में बनाएं भविष्य, एआई के इस दौर में भी नहीं घटेगी नौकरियों की चमकजियो प्लेटफॉर्म्स आईपीओ पर विश्लेषक उत्साहित, लिस्टिंग पर मजबूत बढ़त के संकेतफरीदाबाद में किसान महादेव ऋषिदेव पर कुदरत की मार, गोभी की खेती में हुआ भारी नुकसानईडी की बड़ी कार्रवाई, छह शहरों में 29 ठिकानों पर छापेअतर सिंह भड़ाना हत्याकांड: 15 साल फौज में रहने वाला मुकेश फौजी करौली से गिरफ्तारउत्तराखंड में कफनी ग्लेशियर का ट्रैक बदहाल, जान जोखिम में डालकर सफर कर रहे सैलानीचाणक्य नीति: धन आने पर कभी न करें इन चार चीजों का दिखावा, वरना हो जाएगी तबाहीमेघालय में 22 अक्टूबर से शुरू होगी पांचवीं केआईओ नॉर्थ ईस्ट जोन कराटे चैंपियनशिप, 900 से अधिक खिलाड़ी दिखाएंगे दम
त्रिपुरा में पकड़े गए बांग्लादेशी सीमा सुरक्षा बल के दो जवान, फ्लैग मीटिंग के बाद वापस भेजे गएत्रिपुरा
16 अक्तू॰ 2026, 5:21 pm (22 मिनट पहले)· 0

त्रिपुरा में पकड़े गए बांग्लादेशी सीमा सुरक्षा बल के दो जवान, फ्लैग मीटिंग के बाद वापस भेजे गए

त्रिपुरा के सिपाहीजला जिले में भारतीय सीमा के भीतर दाखिल हुए बांग्लादेशी सीमा बल के दो जवानों को स्थानीय लोगों ने पकड़ लिया था। बाद में दोनों देशों के बीच हुई फ्लैग मीटिंग के बाद उन्हें वापस सौंप दिया गया।

त्रिपुरा के सिपाहीजला जिले के अंतर्गत आने वाले रहीमपुर-अशाबारी सीमा क्षेत्र में भारतीय सीमा के अंदर कथित तौर पर प्रवेश करने वाले बांग्लादेशी सीमा बल के दो जवानों को हिरासत में ले लिया गया। यह घटना गुरुवार रात की है, जिसके बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर प्रतिक्रिया देखने को मिली। पकड़े गए दोनों जवानों को शुक्रवार को हुई एक फ्लैग मीटिंग के बाद वापस बांग्लादेशी अधिकारियों को सौंप दिया गया।

पहचान और नशे की हालत में घुसपैठ का आरोप

अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, हिरासत में लिए गए दोनों सुरक्षा कर्मियों की पहचान सहायक उप-निरीक्षक (ASI) इमरान हुसैन और कांस्टेबल रुहित देवान के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों के बयानों और साक्ष्यों के मुताबिक, ये दोनों जवान कथित तौर पर नशे की हालत में जीरो-लाइन क्षेत्र तक पहुंच गए थे और वहां एक स्थानीय व्यापारी को पकड़ने की कोशिश कर रहे थे। इस अप्रत्याशित हरकत के बाद सीमाई इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया था।

ये भी पढ़ें

स्थानीय लोगों का हस्तक्षेप और बीएसएफ की कार्रवाई

स्थिति को भांपते हुए स्थानीय निवासियों ने तुरंत हस्तक्षेप किया और सीमा बाड़ के भारतीय हिस्से में दोनों जवानों को दबोच लिया। इस दौरान माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया था और ऐसी खबरें सामने आईं कि बीएसएफ के मौके पर पहुंचने से पहले स्थानीय लोगों ने दोनों जवानों की पिटाई भी कर दी थी। इसके तुरंत बाद बीएसएफ की 49वीं बटालियन के जवान घटनास्थल पर पहुंचे और दोनों को अपनी हिरासत में लेकर अशाग्राम बाड़ी कैंप ले आए।

रातभर कैंप में रखा और मेडिकल जांच कराई

अशाग्राम बाड़ी कैंप लाए जाने के बाद दोनों बांग्लादेशी जवानों का पूरी रात मेडिकल परीक्षण कराया गया। वे शुक्रवार को अपने देश के अधिकारियों को सौंपे जाने तक इसी कैंप में सुरक्षित रखे गए थे। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान सीमा सुरक्षा से जुड़े तमाम पहलुओं पर कड़ी नजर रखी गई ताकि किसी भी तरह के कूटनीतिक तनाव को बढ़ने से रोका जा सके।

फ्लैग मीटिंग के बाद सुरक्षित वापसी

शुक्रवार को दोपहर करीब 1 बजे रहीमपुर सेक्टर में गेट नंबर 163 और बॉर्डर पिलर 2057 के पास एक आधिकारिक फ्लैग मीटिंग का आयोजन किया गया। यह बैठक बीएसएफ की 49वीं बटालियन द्वारा जीरो लाइन पर आयोजित की गई थी, जिसमें दोनों देशों के सीमा बलों के प्रतिनिधि, पुलिस अधिकारी और खुफिया विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। बैठक की औपचारिकताएं पूरी होने के बाद दोनों जवानों को शांतिपूर्ण तरीके से उनके देश के सुपुर्द कर दिया गया।

सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर उठे गंभीर सवाल

इस पूरी घटना ने सीमाई इलाकों में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासतौर पर यह बात चिंता का विषय बनी हुई है कि कैसे बांग्लादेशी बल के ये दो जवान बिना किसी बाधा के भारतीय सीमा में दाखिल हो गए और सीमा बाड़ को पार करने में सफल रहे। इस मामले के सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों द्वारा आंतरिक तौर पर समीक्षा किए जाने की संभावना है।

सवाल-जवाब

यह घटना किस जिले में हुई?
यह घटना त्रिपुरा के सिपाहीजला जिले के रहीमपुर-अशाबारी सीमा क्षेत्र में हुई।
पकड़े गए दोनों जवानों की पहचान क्या थी?
पकड़े गए जवानों के नाम सहायक उप-निरीक्षक (ASI) इमरान हुसैन और कांस्टेबल रुहित देवान हैं।
उन्हें किसने और कहां पकड़ा था?
स्थानीय लोगों ने उन्हें सीमा बाड़ के भारतीय हिस्से में पकड़ा था।
दोनों जवानों को कब और कैसे वापस सौंपा गया?
शुक्रवार दोपहर करीब 1 बजे हुई फ्लैग मीटिंग के बाद उन्हें बांग्लादेशी अधिकारियों को सौंप दिया गया।
फ्लैग मीटिंग कहां आयोजित की गई थी?
यह बैठक रहीमपुर सेक्टर में गेट नंबर 163 और बॉर्डर पिलर 2057 के पास जीरो लाइन पर हुई थी।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR
Chamar no WhatsApp