अंकशास्त्र के अनुसार व्यक्ति के जीवन पर उसकी जन्म तिथि के मूलांक और उससे जुड़े ग्रहों की ऊर्जा का गहरा प्रभाव पड़ता है। विवाह के बाद जहां कई लोगों की जिम्मेदारियां बढ़ती हैं, वहीं कुछ मूलांक ऐसे होते हैं जिनके लिए लाइफ पार्टनर का आगमन किस्मत के बंद दरवाजे खोल देता है। ऐसे जातकों को जीवनसाथी के साथ से न केवल मानसिक संबल मिलता है, बल्कि उनका करियर, आर्थिक स्थिति और निजी जीवन भी एक नई ऊंचाई पर पहुंच जाता है।
चंद्रमा के प्रभाव वाला मूलांक 2 और विवाह के बाद बदलाव
मूलांक 2 के जातकों का स्वामी ग्रह चंद्रमा होता है। चंद्रमा की ऊर्जा के कारण इस अंक से जुड़े लोग बेहद संवेदनशील और भावनाप्रधान स्वभाव के होते हैं। विवाह से पहले कई बार अत्यधिक भावुकता के कारण इन्हें सही निर्णय लेने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। हालांकि, विवाह के पश्चात जब इन्हें जीवनसाथी का अटूट सहयोग मिलता है, तो इनका मन भीतर से सुरक्षित महसूस करने लगता है। इस मानसिक स्थिरता के बल पर वे जीवन में सही और सटीक फैसले आसानी से ले पाते हैं। पार्टनर का साथ इन्हें करियर और व्यक्तिगत जीवन में तेजी से आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। अंकशास्त्र के अनुसार, मूलांक 2 वाले लोगों को अपने रिश्ते में अत्यधिक विचार करने से बचना चाहिए और अपने साथी पर पूरा भरोसा बनाए रखना चाहिए।
बुध ग्रह से संचालित मूलांक 5: तरक्की और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी
मूलांक 5 का प्रतिनिधित्व ग्रहों का राजकुमार कहा जाने वाला बुध ग्रह करता है। विवाह के बाद इस मूलांक से जुड़े लोगों के जीवन में अचानक तेजी और प्रगति देखने को मिलती है। जैसे ही लाइफ पार्टनर का साथ इन्हें मिलता है, इनका आत्मविश्वास एक अलग ही स्तर पर पहुंच जाता है। चाहे नौकरी का क्षेत्र हो या फिर स्वयं का व्यापार, ये हर मोर्चे पर बेहतरीन प्रदर्शन करने लगते हैं। पार्टनर के आगमन से इनकी आर्थिक स्थिति में भी निरंतर सुधार होता है और धन संचय के नए अवसर बनते हैं। अंकशास्त्र की सलाह है कि मूलांक 5 के जातकों को पैसों और वित्तीय फैसलों के मामले में किसी भी तरह की जल्दबाजी से बचना चाहिए, ताकि उनकी समृद्धि बनी रहे।
शुक्र ग्रह का मूलांक 6: जीवन में लग्जरी, आराम और खुशियों का आगमन
मूलांक 6 के स्वामी ग्रह शुक्र हैं, जिन्हें सुख, सौंदर्य, वैभव और लग्जरी का कारक माना जाता है। विवाह के बाद मूलांक 6 वाले जातकों के जीवन में बेहद सकारात्मक और सुखद परिवर्तन आते हैं। शादी के पश्चात इनके जीवन में भौतिक सुख-सुविधाओं, ऐशो-आराम और लग्जरी की वस्तुओं में लगातार बढ़ोतरी होती जाती है। पारिवारिक जीवन में खुशहाली का माहौल बना रहता है और रुका हुआ धन वापस मिलने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। इस मूलांक के लोगों के लिए सबसे महत्वपूर्ण सलाह यह है कि वे अपने वैवाहिक जीवन में आपसी प्यार, पारदर्शिता और सम्मान को हमेशा सर्वोच्च प्राथमिकता दें।
अपना मूलांक कैसे पहचानें? जानें आसान गणित
यदि आपको अपना मूलांक ज्ञात नहीं है, तो इसे निकालना बेहद सरल है। किसी भी महीने की अपनी जन्म तारीख के अंकों को आपस में जोड़कर आप अपना मूलांक प्राप्त कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, यदि आपका जन्म किसी महीने की 21 तारीख को हुआ है, तो 2 और 1 को जोड़ने पर आपका मूलांक 3 होगा। ठीक इसी प्रकार, यदि आपका जन्म 22 तारीख को हुआ है, तो 2 और 2 का योग यानी आपका मूलांक 4 कहलाएगा। अंकशास्त्र बताता है कि प्रत्येक मूलांक का एक विशिष्ट स्वामी ग्रह होता है, जिसकी ऊर्जा व्यक्ति के स्वभाव, निर्णयों और भावी जीवन दिशा को सबसे अधिक प्रभावित करती है।



















