अधिकांश लोग कीवी फल का सेवन केवल बीमारी के दिनों में शरीर को रिकवर करने के लिए करते हैं। हालांकि, पोषण विशेषज्ञों के अनुसार, इस पौष्टिक फल को नियमित दैनिक आहार में शामिल करना स्वास्थ्य के लिए अत्यंत गुणकारी साबित हो सकता है। मिर्जापुर स्थित मंडलीय अस्पताल की डाइटीशियन डॉ. ज्योति सिंह ने स्पष्ट किया है कि कीवी केवल एक मौसमी या उपचारात्मक फल नहीं है, बल्कि यह शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने और आवश्यक पोषक तत्वों की आपूर्ति करने वाला एक उत्कृष्ट विकल्प है। यदि इसका सही समय पर और सही संयोजन के साथ सेवन किया जाए, तो शरीर इसके सभी पोषक तत्वों को आसानी से अवशोषित कर लेता है।
विटामिन और सूक्ष्म पोषक तत्वों की प्रचुरता
कीवी को पोषक तत्वों का प्रमुख स्रोत माना जाता है। डॉ. ज्योति सिंह के अनुसार, यह फल विटामिन सी और पोटैशियम का बहुत ही समृद्ध जरिया है। इसके अतिरिक्त, इसमें विभिन्न प्रकार के माइक्रोन्यूट्रिएंट्स और जिंक भी पर्याप्त मात्रा में मौजूद रहते हैं। इसका हरा रंग इस बात का संकेत है कि यह विभिन्न विटामिन्स से भरपूर है। जिन लोगों को नींबू का सेवन करने से एसिडिटी या अन्य समस्याएं होती हैं, या जिन मौसमों में संतरा उपलब्ध नहीं होता, वे लोग विटामिन सी की जरूरत पूरी करने के लिए कीवी का उपयोग कर सकते हैं। इसे किसी भी मौसम में आसानी से अपने आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है।
कीवी के सेवन का सबसे सही समय और तरीका
किसी भी फल के पूर्ण स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करने के लिए उसका सही समय पर सेवन करना बेहद महत्वपूर्ण होता है। डॉ. ज्योति सिंह ने बताया कि कीवी खाने का सबसे उपयुक्त समय मिड मॉर्निंग होता है। इसका अर्थ है कि नाश्ते और दोपहर के भोजन के बीच की समयावधि, यानी सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच इसका सेवन करना सबसे अधिक फायदेमंद माना जाता है। इस समय पाचन तंत्र फल के तत्वों को बेहतर तरीके से ग्रहण करता है।
इसके साथ ही, कीवी के पोषक तत्वों के अवशोषण को बढ़ाने के लिए एक खास तरीका अपनाया जा सकता है। डाइटीशियन के अनुसार, यदि कीवी के साथ कुछ सूखे मेवे जैसे बादाम, मूंगफली या फिर ताजा नारियल लिया जाए, तो शरीर में इसके विटामिन्स का एब्जॉर्बशन काफी बढ़ जाता है। इन नट्स में मौजूद स्वस्थ वसा कीवी के पोषक तत्वों को शरीर में अधिक प्रभावी ढंग से घोलने और उपयोग करने में मदद करती है।
किन परिस्थितियों और स्वास्थ्य स्थितियों में बरतें सावधानी?
हालांकि कीवी एक अत्यंत गुणकारी फल है, फिर भी कुछ विशेष स्वास्थ्य स्थितियों में इसका सेवन करने से बचना चाहिए या डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। डॉ. ज्योति सिंह ने जानकारी दी कि गर्भवती महिलाओं के लिए कीवी का सेवन करते समय थोड़ी सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है। इस फल में मौजूद कुछ विटामिन्स और घटक रक्त को गाढ़ा करने का काम कर सकते हैं, जिससे गर्भावस्था के दौरान कुछ जटिलताएं हो सकती हैं।
इसके अलावा, जो मरीज पहले से ही ब्लड थिनर यानी खून पतला करने की दवाइयां ले रहे हैं या जिनका उच्च रक्तचाप यानी हाई बीपी का इलाज चल रहा है, उन्हें भी कीवी के सेवन से परहेज करना चाहिए या सीमित मात्रा में ही इसका उपयोग करना चाहिए। ऐसे व्यक्तियों के लिए इस फल का अनियंत्रित सेवन दवाइयों के प्रभाव को प्रभावित कर सकता है, इसलिए चिकित्सकीय परामर्श के बाद ही इसे आहार में शामिल करना सुरक्षित रहता है।


















