मानसून के सुहावने मौसम का आनंद लेने के लिए उत्तराखंड के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल ऋषिकेश का रुख कर रहे लोगों को इस बार कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। शहर में हो रही लगातार मूसलाधार बारिश के चलते गंगा नदी का जलस्तर काफी ऊपर आ गया है, जिससे तटीय इलाकों और घाटों के आसपास की स्थिति बदल गई है। इसके साथ ही, शहर की मुख्य सड़कों और अंदरूनी गलियों में भारी पानी भर जाने के कारण यातायात और पैदल आवाजाही बेहद कठिन हो गई है। दूसरी तरफ, वीकेंड और मानसून के दौरान पर्यटकों की लगातार बढ़ती संख्या से जगह-जगह लंबा ट्रैफिक जाम लग रहा है। खूबसूरत वादियों और आध्यात्मिक शांति की तलाश में आए पर्यटकों का अधिकांश समय अब सड़कों पर जाम में फंसकर ही बीत रहा है।
गंगा का बढ़ा जलस्तर और घाटों पर सुरक्षा की चुनौती
लगातार हो रही बारिश का सीधा असर पवित्र गंगा नदी पर दिखाई दे रहा है। जलस्तर में अचानक हुई बढ़ोतरी के कारण नदी का प्रवाह तेज और विकराल हो गया है। ऋषिकेश आने वाले अधिकांश पर्यटकों का मुख्य उद्देश्य गंगा किनारे समय बिताना, घाटों पर बैठना और संध्या आरती में भाग लेना होता है। हालांकि, नदी के उफान पर होने की वजह से सुरक्षा कारणों से घाटों के समीप जाने में विशेष सावधानी बरती जा रही है। कई यात्रियों ने बताया कि वे घाटों पर फुर्सत के पल बिताने की उम्मीद लेकर आए थे, लेकिन स्थिति की गंभीरता को देखते हुए उन्हें सुरक्षा के लिहाज से अपने फैसले बदलने पड़े। हालांकि जलस्तर में इस बढ़ोतरी को देखना कई लोगों के लिए काफी रोमांचक अनुभव है, लेकिन बहते पानी के करीब जाना जोखिम से भरा है और सुरक्षा मानकों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
सड़कों पर जलभराव से बढ़ीं पैदल और वाहन यात्रियों की मुश्किलें
बारिश के बाद ऋषिकेश के विभिन्न इलाकों की सड़कों और संकरी गलियों में भारी मात्रा में पानी जमा हो गया है। इस जलभराव के कारण न केवल स्थानीय निवासियों की दिनचर्या प्रभावित हुई है, बल्कि बाहर से आए पर्यटकों को भी आवाजाही में भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। सड़कों पर बने गड्ढों और भरे पानी की वजह से पैदल चलने वालों को बेहद संभलकर कदम बढ़ाना पड़ रहा है। जिन पर्यटकों के साथ छोटे बच्चे या बुजुर्ग परिजन आए हैं, उन्हें सबसे अधिक सतर्कता बरतनी पड़ रही है। जलभराव वाली सड़कों पर जब चार पहिया और दो पहिया वाहन गुजरते हैं, तो पानी के छिटकने और वाहनों के बंद होने का खतरा लगातार बना रहता है, जिससे यात्रियों की चिंताएं और बढ़ गई हैं।
भारी ट्रैफिक जाम ने बिगाड़ा पर्यटकों का शेड्यूल
मानसून में प्राकृतिक खूबसूरती देखने आए लोगों के सामने सबसे बड़ी बाधा शहर की चरमराई यातायात व्यवस्था बन गई है। ऋषिकेश में पर्यटकों के वाहनों का दबाव इतना बढ़ गया है कि शहर की प्रमुख सड़कों पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग रहा है। सामान्य दिनों में जो दूरी तय करने में केवल कुछ मिनट का समय लगता था, वही दूरी तय करने के लिए अब घंटों का इंतजार करना पड़ रहा है। ट्रैफिक जाम में फंसने के कारण कई पर्यटक अपने निर्धारित समय पर होटल, स्थानीय बाजारों या दर्शनीय स्थलों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। कई लोगों का कहना है कि उनकी यात्रा का एक बड़ा हिस्सा सिर्फ गाड़ियों के काफिले में खड़े रहकर बीत रहा है, जिससे उनकी पूरी प्लानिंग अस्त-व्यस्त हो गई है।
पर्यटक सुनील का अनुभव और मौसम को लेकर सलाह
ऋषिकेश घूमने आए पर्यटक सुनील ने बताया कि बारिश के मौसम में ऋषिकेश का नजारा काफी खूबसूरत है, लेकिन इस समय यहां घूमना उतना आसान नहीं है। उन्होंने कहा, "लगातार बारिश की वजह से कई जगहों पर सड़कों और गलियों में पानी भर गया है, जिससे आवाजाही में दिक्कत हो रही है।" सुनील के अनुसार, गंगा का जलस्तर बढ़ने और ट्रैफिक के कारण घूमने का पूरा प्लान बिगड़ जाता है। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि बारिश का मौसम भले ही अच्छा लगता हो, लेकिन ऋषिकेश आने की योजना बना रहे लोगों को यात्रा शुरू करने से पहले मौसम की ताजा जानकारी और सड़कों की स्थिति की जांच अवश्य कर लेनी चाहिए।
एडवेंचर गतिविधियों पर रोक से सीमित हुए घूमने के विकल्प
मानसून के मौसम में सुरक्षा कारणों से ऋषिकेश की सबसे लोकप्रिय एडवेंचर गतिविधि रीवर राफ्टिंग पर पहले से ही प्रतिबंध रहता है। ऐसे में पर्यटकों के पास घूमने और मनोरंजन के विकल्प पहले ही सीमित हो जाते हैं। अब मूसलाधार बारिश, उफनती गंगा, जलमग्न सड़कों और भयानक ट्रैफिक जाम ने उनकी बची-खुची योजनाओं पर भी पानी फेर दिया है। कई पर्यटकों को अपनी आउटडोर योजनाएं पूरी तरह रद्द करनी पड़ी हैं और वे अपने होटलों या स्थानीय कैफे के अंदर ही समय बिताने के लिए मजबूर हैं। कुछ लोग बारिश थमने का इंतजार करते दिखे ताकि वे कम से कम शहर के आसपास के हिस्सों को देख सकें। मौसम के इस बदले मिजाज और अव्यवस्था के कारण कई पर्यटकों के लिए यह बहुप्रतीक्षित ट्रिप एक कठिन परीक्षा बन गई है।



















