आंध्र प्रदेश में 16,347 पदों की मेगा डीएससी (DSC) शिक्षक भर्ती 2025 और एपीपीएससी (APPSC) ग्रुप 1 परीक्षा के आयोजन को लेकर सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक विवाद गहरा गया है। पूर्व मुख्यमंत्री और वाईएसआरसीपी (YSRCP) प्रमुख वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने ताडेपल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को इन दोनों प्रमुख मामलों की केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) से जांच कराने की खुली चुनौती दी। वाईएस जगन मोहन रेड्डी का आरोप है कि राज्य सरकार मेगा डीएससी भर्ती प्रक्रिया में हुई कथित अनियमितताओं से ध्यान भटकाने और शिक्षा मंत्री नारा लोकेश का बचाव करने के लिए पुराने ग्रुप 1 मामले को बेवजह तूल दे रही है।
ग्रुप 1 परीक्षा पर जगन का रुख और सरकार को खुली चुनौती
प्रेस कॉन्फ्रेंस में वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने अपने शासनकाल के दौरान आयोजित एपीपीएससी ग्रुप 1 की प्रारंभिक परीक्षा का बचाव किया। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में यह परीक्षा पूरी पारदर्शिता के साथ और अदालत के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए कराई गई थी। जगन मोहन रेड्डी ने स्पष्ट किया कि ग्रुप 1 परीक्षा में किसी भी तरह की धांधली नहीं हुई थी। हालांकि, उन्होंने कहा कि यदि वर्तमान सरकार को किसी तरह का संदेह है तो वह इसकी सीबीआई जांच कराने के लिए स्वतंत्र है और उनकी पार्टी इसके लिए पूरी तरह तैयार है। इसके साथ ही उन्होंने सवाल उठाया कि क्या मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू और शिक्षा मंत्री नारा लोकेश 16,347 पदों वाली मेगा डीएससी भर्ती की सीबीआई जांच कराने की हिम्मत दिखाएंगे।
मेगा डीएससी भर्ती 2025 में गड़बड़ी और एजेंसी चयन पर सवाल
मेगा डीएससी शिक्षक भर्ती 2025 में हुई कथित अनियमितताओं पर विस्तृत आरोप लगाते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि 16,347 पदों के लिए प्रक्रिया शुरू होने के बाद से ही नियमों की अनदेखी की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि आंध्र प्रदेश के डीएससी इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब प्रश्नपत्र तैयार करने और परीक्षा आयोजित करने की दोहरी जिम्मेदारी एक ही संस्था या अधिकारी को सौंप दी गई। जगन मोहन रेड्डी के अनुसार, इस व्यवस्था ने प्रश्नपत्र लीक होने और परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की पूरी गुंजाइश पैदा कर दी।
एससीईआरटी कर्मचारी का विवाद और खेल कोटे में धांधली का आरोप
अपने आरोपों को मजबूत करने के लिए वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने एससीईआरटी (SCERT) के एक आउटसोर्सिंग कर्मचारी नवीन का मामला उठाया। उन्होंने दावा किया कि नवीन के पास प्रश्नपत्रों तक पहुंच थी और वह मेरिट सूची में पहले स्थान पर आ गया। जब इस मामले पर विवाद बढ़ा, तो सरकार को दूसरी सूची से उसका नाम हटाना पड़ा। इसके अलावा, उन्होंने स्पोर्ट्स कोटे के तहत 372 उम्मीदवारों की भर्ती प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल खड़े किए। जगन ने आरोप लगाया कि स्पोर्ट्स कोटे में बार-बार नियमों में बदलाव किए गए और नौकरियां बेचने यानी जॉब ट्रेडिंग से जुड़े ऑडियो क्लिप सामने आने के बावजूद राज्य सरकार ने दोषियों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग और राज्य सरकार का स्पष्टीकरण
युवाओं और अभ्यर्थियों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप लगाते हुए वाईएस जगन मोहन रेड्डी ने सीधे तौर पर राज्य के शिक्षा मंत्री नारा लोकेश के इस्तीफे की मांग की है। दूसरी तरफ, आंध्र प्रदेश सरकार ने विपक्षी पार्टी द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। राज्य सरकार और परीक्षा आयोजित करने वाली एजेंसी टीसीएस (TCS iON) ने दावा किया है कि पूरी परीक्षा प्रणाली कंप्यूटरीकृत, अत्यधिक सुरक्षित और पारदर्शी थी। सरकार का कहना है कि स्पोर्ट्स कोटे के तहत अभ्यर्थियों के सभी प्रमाण-पत्रों का गहन सत्यापन करने के बाद ही नियुक्तियां दी गई हैं।


















