मानसून की दस्तक के साथ ही दोपहिया वाहन चालकों के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने वाहन को सुरक्षित और दुरुस्त रखने की होती है। सड़कों पर जमा गंदा पानी, लगातार होने वाली बारिश और हवा में मौजूद अतिरिक्त नमी दोपहिया के इंजन, इलेक्ट्रिक सिस्टम, चेन और बॉडी पेंट को तेजी से नुकसान पहुंचा सकती है। अक्सर थोड़ी सी भी असावधानी बरतने पर धातु के पुर्जों पर जंग चढ़ने लगता है, गीले ब्रेक पैड्स के चलते ब्रेकिंग कमजोर पड़ जाती है या फिर सुबह के समय गाड़ी स्टार्ट करने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है। अगर समय रहते सही तरीके से देखभाल की जाए, तो बिना किसी भारी खर्च के वाहन को इन तमाम मौसमी दिक्कतों से पूरी तरह बचाया जा सकता है।
गुणवत्ता वाले वाटरप्रूफ कवर से ढकें
बारिश के मौसम में दोपहिया की सुरक्षा के लिए सबसे पहला और बुनियादी कदम एक बेहतरीन गुणवत्ता वाले वाटरप्रूफ कवर का नियमित इस्तेमाल करना है। कवर का आकार वाहन के अनुरूप पूरी तरह सटीक होना चाहिए, जिससे तेज हवा या भारी बौछार के दौरान भी पानी रिसकर भीतर न जा सके। जब भी गाड़ी खड़ी करें, कवर को निचले हिस्से से अच्छी तरह बांध दें ताकि वह अपनी जगह से न खिसके और धूल व पानी से सुरक्षा दे सके।
पार्किंग के लिए सुरक्षित और ऊंची जगह चुनें
वाहन को पार्क करते समय प्रयास यही होना चाहिए कि उसे किसी पक्की छत, गैरेज या ढके हुए शेड के नीचे ही खड़ा किया जाए। खुले आसमान के नीचे दोपहिया खड़ा छोड़ने से बरसात का पानी सीधे इंजन के संवेदनशील हिस्सों, साइलेंसर और बैटरी पर गिरता रहता है। यदि आसपास शेड की सुविधा उपलब्ध न हो, तो कम से कम ऐसी ऊंची और ढलान वाली जगह का चुनाव करना चाहिए जहां बारिश का पानी न ठहरता हो और जलभराव की स्थिति से बचा जा सके।
इलेक्ट्रिकल वायरिंग और बैटरी टर्मिनल्स की रक्षा
नमी के कारण शॉर्ट सर्किट की समस्या सबसे ज्यादा इलेक्ट्रिक सिस्टम में देखने को मिलती है। इससे बचने के लिए बैटरी के टर्मिनल्स, खुले वायरिंग जंक्शनों और हैंडलबार पर मौजूद स्विच पर डब्ल्यूडी-40 या कोई अच्छा इलेक्ट्रिकल प्रोटेक्टेंट स्प्रे छिड़कना चाहिए। यह स्प्रे नमी को दूर रखकर करंट के सही प्रवाह को बनाए रखता है। इसके साथ ही हेडलाइट, टेललाइट और टर्न इंडिकेटर्स की सीलिंग की भी जांच करते रहें ताकि उनके अंदर पानी की बूंदें न जमा हों।
ड्राइव चेन की लुब्रिकेशन और ब्रेक की सफाई
जलजमाव और कीचड़ भरी सड़कों पर चलने से दोपहिया की ड्राइव चेन से चिकनाई बहुत जल्दी धुल जाती है। इसलिए हर हफ्ते चेन की अच्छी तरह सफाई करके उस पर चेन लुब्रिकेंट का लेप लगाना जरूरी है। इसी तरह गीली सड़कों पर चलने के कारण ब्रेक डिस्क और पैड्स के बीच बारीक रेत व कीचड़ जम जाता है, जिससे ब्रेकिंग क्षमता प्रभावित होती है। इनकी नियमित धुलाई और सफाई करें तथा ब्रेक लीवर्स पर भी सुरक्षात्मक स्प्रे का उपयोग करें ताकि वे जाम न हों।
टायर प्रेशर का ध्यान रखें और अंडरबॉडी की देखभाल करें
बरसात में सड़कों पर फिसलन बढ़ जाती है, ऐसे में टायरों में कंपनी द्वारा अनुशंसित सही हवा का दबाव बनाए रखना सुरक्षा के लिहाज से बहुत जरूरी है। वाहन के निचले हिस्से यानी अंडरबॉडी और मफलर या साइलेंसर पर समय-समय पर जंग-रोधी स्प्रे का छिड़काव करें। जब भी बारिश में सफर पूरा करके लौटें, तो पूरी गाड़ी को किसी साफ और सूखे कपड़े से अच्छी तरह पोंछ लें ताकि धातु की सतहों पर पानी की बूंदें जमा होकर जंग न पैदा कर सकें।

















