बरसात के मौसम में सड़कों पर जलभराव होना एक आम समस्या है। कई बार पानी का स्तर बढ़ने के कारण गाड़ियां अचानक रास्ते के बीच में ही बंद हो जाती हैं। ऐसे में घबरा जाना और लगातार गाड़ी को स्टार्ट करने का प्रयास करना भारी पड़ सकता है। पानी इंजन, बिजली के उपकरणों और अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों तक पहुंच सकता है। इसलिए ऐसी स्थिति में अपनी सुरक्षा को सबसे ऊपर रखना चाहिए और कुछ जरूरी उपायों पर अमल करना चाहिए।
इंजन को दोबारा चालू करने से बचें
यदि पानी के बीच गाड़ी चलाते समय इंजन बंद हो जाए, तो सबसे अहम बात यह है कि उसे बार-बार क्रैंक करने की कोशिश बिल्कुल न करें। अगर पानी इंजन के एयर इनटेक के जरिए अंदर चला गया है, तो गाड़ी को दोबारा स्टार्ट करने से इंजन को भारी क्षति पहुंच सकती है। वाहन को वहीं रोककर स्थिति का आकलन करना समझदारी होती है।
जलस्तर और आसपास के हालात का जायजा लें
वाहन से बाहर निकलने से पूर्व पानी की गहराई और उसके बहाव की गति का अंदाजा लगाएं। यदि पानी का बहाव बहुत तेज है, तो उसमें उतरने का जोखिम न उठाएं। अगर पानी का स्तर तेजी से बढ़ रहा है या वाहन किसी जोखिम भरी जगह पर फंस गया है, तो सुरक्षित स्थान पर निकलना आपकी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।
जरूरत पड़ने पर सुरक्षित बाहर निकलें
यदि गाड़ी के भीतर तेजी से पानी भर रहा है और बाहर निकलना संभव है, तो अपनी सीटबेल्ट खोलकर तुरंत बाहर आ जाएं। बच्चों और बुजुर्गों को सबसे पहले सुरक्षित जगह पर ले जाने को प्राथमिकता दें। हालांकि इस बात का विशेष ध्यान रखें कि तेज बहते पानी में उतरना जानलेवा साबित हो सकता है।
रोडसाइड असिस्टेंस और पेशेवर मदद लें
गाड़ी को अपने दम पर पानी से बाहर धकेलने का प्रयास करने के बजाय रोडसाइड असिस्टेंस या किसी पेशेवर मैकेनिक की सहायता लें। यदि वाहन काफी देर तक पानी में डूबा रहा है, तो किसी विशेषज्ञ से उसकी पूरी जांच करवाना सबसे बेहतर विकल्प है। इंजन के अलावा ब्रेक्स, बैटरी और इलेक्ट्रिकल सिस्टम जैसे अहम हिस्सों की भी पड़ताल करवाना जरूरी होता है।
टो करके सुरक्षित स्थान पर ले जाएं वाहन
भले ही पानी का स्तर कम होता हुआ दिखाई दे, फिर भी तुरंत गाड़ी चलाने की जिद न करें। यदि इंजन बंद हो गया है, तो पेशेवर जांच के बाद ही वाहन को दोबारा चालू करना सबसे सुरक्षित तरीका है। अमूमन ऐसी परिस्थिति में गाड़ी को टो करके किसी सुरक्षित जगह पर पहुंचाना ही सबसे उचित फैसला साबित होता है।
सावधानी ही बचाव का सबसे बड़ा उपाय है
जलभराव वाली सड़कों पर तेज रफ्तार में गाड़ी चलाने, अन्य वाहनों के बेहद करीब चलने और गहराई का बिना अंदाजा लगाए पानी में गाड़ी उतारने से परहेज करना चाहिए। भारी बारिश के दौरान किसी अनजान और पानी से भरे रास्ते से गुजरने के बजाय थोड़े लंबे लेकिन सुरक्षित रास्ते का चुनाव करना हमेशा बुद्धिमानी होती है।



















