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नई गाड़ी के पीयूसी सर्टिफिकेट को लेकर क्या हैं सरकारी नियम, क्या आपको शोरूम से निकलते ही इसे बनवाना होगा?ऑटो
28 जून 2026, 11:08 am (46 दिन पहले)· 2

नई गाड़ी के पीयूसी सर्टिफिकेट को लेकर क्या हैं सरकारी नियम, क्या आपको शोरूम से निकलते ही इसे बनवाना होगा?

नई कार या बाइक खरीदने के बाद पीयूसी सर्टिफिकेट की अनिवार्यता को लेकर अक्सर लोगों में असमंजस रहता है। यहाँ जानें कि सरकारी नियमों के तहत नई गाड़ियों को कब तक प्रदूषण जांच से छूट मिलती है।

नई गाड़ी खरीदने का अनुभव बहुत उत्साहजनक होता है, लेकिन इस दौरान कागजी दस्तावेजों और कानूनी जरूरतों के बीच अक्सर कई उलझनें सामने आती हैं। सबसे आम सवाल जो खरीदारों के मन में आता है, वह है पीयूसी सर्टिफिकेट यानी पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल प्रमाण पत्र की आवश्यकता। क्या नई गाड़ी शोरूम से निकलते ही तुरंत प्रदूषण जांच के लिए ले जानी पड़ती है, या फिर इसमें कुछ समय की रियायत मिलती है?

नई गाड़ियों के लिए पीयूसी नियम

भारत सरकार के परिवहन नियमों के अनुसार, नई गाड़ियों के लिए प्रदूषण सर्टिफिकेट जरूरी तो है, लेकिन इसमें एक विशिष्ट समय सीमा तक छूट का प्रावधान है। केंद्रीय मोटर वाहन नियम (CMVR), 1989 के तहत स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जब भी आप नई कार या मोटरसाइकिल शोरूम से लेते हैं, तो आपको अगले 12 महीनों तक यानी पहले एक साल तक किसी भी अतिरिक्त पीयूसी सर्टिफिकेट की आवश्यकता नहीं होती है।

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क्यों नहीं पड़ती शुरुआत में जरूरत?

वाहन कंपनियां अपनी गाड़ी को शोरूम से बिक्री के लिए भेजने से पहले कड़े प्रदूषण मानकों के तहत टेस्ट करती हैं। गाड़ी के पंजीकरण की तारीख से लेकर एक साल तक कंपनी द्वारा प्रदान किया गया मानक प्रमाण पत्र ही वैध माना जाता है। इसलिए, शुरुआती 12 महीनों तक वाहन मालिकों को अपने खर्च पर किसी प्रदूषण केंद्र पर जाकर जांच करवाने की कोई बाध्यता नहीं है।

एक साल बाद की प्रक्रिया

जैसे ही आपकी गाड़ी के पंजीकरण को पूरे 12 महीने हो जाते हैं, यह शुरुआती छूट खत्म हो जाती है। इसके बाद, गाड़ी मालिक की यह जवाबदेही बन जाती है कि वह किसी नजदीकी अधिकृत पीयूसी केंद्र पर जाकर अपने वाहन की प्रदूषण जांच कराए। एक साल पुरानी होने के बाद, जारी किए गए पीयूसी सर्टिफिकेट की अवधि आमतौर पर 6 महीने तक रहती है। हालांकि, BS4 या BS6 मानकों वाले वाहनों के मामले में कई राज्यों में इस वैधता को एक साल तक भी बढ़ाया गया है।

जुर्माने और कानूनी कार्रवाई

समय सीमा समाप्त होने के बाद पीयूसी रिन्यू न करवाना भारी पड़ सकता है। मोटर व्हीकल एक्ट के अंतर्गत, यदि आप वैध पीयूसी सर्टिफिकेट के बिना सार्वजनिक सड़कों पर वाहन चलाते हुए पकड़े जाते हैं, तो आपको 10,000 रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है। इतना ही नहीं, ट्रैफिक पुलिस के पास आपका ड्राइविंग लाइसेंस 3 महीने तक के लिए सस्पेंड करने का भी अधिकार होता है। इसलिए, बड़े जुर्माने से बचने और कानूनी दिक्कतों को दूर रखने के लिए समय पर प्रदूषण प्रमाणपत्र अपडेट रखना बेहद जरूरी है।

सवाल-जवाब

क्या नई गाड़ी को शोरूम से लाते ही पीयूसी बनवाना जरूरी है?
नहीं, केंद्रीय मोटर वाहन नियमों के अनुसार नई गाड़ी को पहले एक साल तक पीयूसी सर्टिफिकेट बनवाने की जरूरत नहीं होती है।
नई गाड़ी के लिए पीयूसी की वैधता कितने समय की होती है?
नई गाड़ी के लिए कंपनी द्वारा दिया गया सर्टिफिकेट पंजीकरण की तारीख से 12 महीने तक वैध माना जाता है।
एक साल बाद पीयूसी की वैधता क्या होती है?
एक साल बाद पीयूसी सर्टिफिकेट की वैधता आमतौर पर 6 महीने होती है, हालांकि BS4 या BS6 वाहनों के लिए कुछ राज्यों में यह 1 साल तक हो सकती है।
वैध पीयूसी न होने पर कितना जुर्माना लग सकता है?
बिना वैध पीयूसी सर्टिफिकेट के गाड़ी चलाने पर 10,000 रुपये तक का जुर्माना और 3 महीने के लिए ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड हो सकता है।
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