खराब जीवनशैली, अनियंत्रित खानपान, हॉर्मोनल असंतुलन और शारीरिक सक्रियता में कमी के कारण वजन बढ़ना एक सामान्य चुनौती बन चुका है। अधिकांश लोग वजन नियंत्रित करने के लिए जिम के चक्कर लगाते हैं या कड़े क्रैश डाइट प्लान का सहारा लेते हैं, लेकिन निरंतरता के अभाव में अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पाते। पुणे में रहने वाली डाइटीशियन, फिटनेस कोच और डिजिटल क्रिएटर शिवानी सिंह ने एक अलग रास्ता चुनकर प्रेरणादायक उदाहरण पेश किया है। उन्होंने अपनी जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव लाकर बिना जिम जाए केवल पांच महीने में 20 किलो वजन कम किया है। सही पोषण, समय पर आहार और नियमित घरेलू व्यायाम के बल पर उन्होंने इस लक्ष्य को हासिल किया।
कॉलेज की आदतों से बढ़ा वजन और घर से शुरू हुई बदलाव की राह
शिवानी सिंह बताती हैं कि कॉलेज के दिनों में खानपान की खराब आदतों और अत्यधिक जंक फूड के सेवन की वजह से उनका वजन तेजी से बढ़ने लगा था। जब वजन अत्यधिक बढ़ गया, तब उन्होंने अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देने का निर्णय लिया। वजन घटाने की शुरुआत में उन्होंने जिम जाने के बजाय घर पर ही कसरत करने की योजना बनाई। लगभग चार महीने तक उन्होंने जिम का रुख नहीं किया और केवल घर पर नियमित वर्कआउट के साथ संतुलित आहार का पालन किया।
घर पर ही अनुशासित ढंग से व्यायाम करते हुए उन्होंने अपने शरीर से अतिरिक्त चर्बी को कम किया। जब उनका वजन काफी हद तक घट गया और फिटनेस का स्तर सुधर गया, तब मांसपेशियों को मजबूत बनाने और स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के उद्देश्य से उन्होंने जिम जाना शुरू किया। उनका मानना है कि शुरुआती दौर में जिम की भारी मशीनों के बजाय आहार नियंत्रण और बुनियादी शारीरिक गतिविधियों पर ध्यान देना अधिक प्रभावकारी होता है।
डिटॉक्स ड्रिंक और हाई प्रोटीन नाश्ते से सुबह की शुरुआत
अपने दैनिक आहार चक्र में शिवानी सिंह ने हर समय के भोजन के लिए स्पष्ट नियम तय किए थे। दिन की शुरुआत वह एक विशेष डिटॉक्स पेय से करती थीं। सुबह सबसे पहले वह हल्दी और अदरक को पानी में उबालकर पीती थीं। इस हल्दी अदरक वाले पानी के सेवन से पाचन तंत्र बेहतर रहता है, शरीर के हानिकारक तत्व बाहर निकलते हैं और त्वचा में प्राकृतिक चमक आती है।
प्रात:काल के नाश्ते में वह प्रोटीन और जटिल कार्बोहाइड्रेट का सही मेल शामिल करती थीं। सुबह के आहार में अंडे और ओट्स मुख्य रूप से शामिल थे। इसके अतिरिक्त, वह लो फैट और हाई प्रोटीन से भरपूर स्मूदी का सेवन भी करती थीं। यह नाश्ता उन्हें दिनभर ऊर्जावान बनाए रखता था और अकारण लगने वाली भूख को नियंत्रित करने में मदद करता था।
दोपहर के भोजन में प्रोटीन, फाइबर और सलाद का संतुलन
नाश्ते और दोपहर के खाने के बीच जब भी उन्हें हल्की भूख महसूस होती थी, तब वह मिड स्नैक्स का सहारा लेती थीं। इस दौरान वह एक सेब और भुना हुआ मखाना खाना पसंद करती थीं। इसके साथ वह ग्रीन टी पीती थीं। शिवानी का स्पष्ट सुझाव है कि बिना भूख के जबरदस्ती खाना नहीं खाना चाहिए। यदि भूख न हो तो केवल ग्रीन टी पीकर भी काम चलाया जा सकता है।
दोपहर के लंच को वह काफी भारी और पौष्टिक रखती थीं ताकि लंबे समय तक पेट भरा रहे और बार-बार खाने की इच्छा न हो। लंच में वह 200 ग्राम चिकन, 50 ग्राम उबले चावल और अपनी पसंद की कोई भी हरी सब्जी शामिल करती थीं। इसके साथ ही फाइबर की मात्रा बढ़ाने के लिए वह भोजन के साथ एक पूरा बीटरूट और एक खीरा अवश्य खाती थीं। प्रोटीन और फाइबर का यह संयोजन पाचन क्रिया को संतुलित रखता था।
शाम का हल्का आहार, सही समय पर डिनर और मीठे का विकल्प
रात के भोजन के मामले में शिवानी सिंह समय की पाबंदी को बेहद महत्वपूर्ण मानती हैं। वह अपना डिनर शाम 7:30 बजे से पहले हर हाल में पूरा कर लेती थीं। देर रात खाना खाने से पाचन प्रक्रिया धीमी हो जाती है, इसलिए सही समय पर भोजन करना वजन घटाने की कुंजी है। डिनर में भी वह हाई प्रोटीन और हाई फाइबर वाले खाद्य पदार्थों का चयन करती थीं, जिनमें चिकन सलाद, किनोवा, टोफू और पनीर शामिल थे।
वजन घटाने के सफर में मीठा खाने की इच्छा होना स्वाभाविक है। शिवानी सिंह ने मीठे की क्रेविंग को दबाने के लिए कभी खुद को पूरी तरह वंचित नहीं किया। जब भी उनका मन मीठा खाने का करता था, वह एक खजूर खा लेती थीं या डार्क चॉकलेट का एक छोटा टुकड़ा लेती थीं। इस प्रकार संतुलित सोच, सही खानपान और नियमितता के बल पर उन्होंने बिना किसी क्रैश डाइट के 5 महीने में 20 किलो वजन सफलतापूर्वक घटा लिया।


















