देशभर में सड़क सुरक्षा को अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ड्राइविंग लाइसेंस प्रणाली में दूरगामी बदलाव करने की तैयारी कर रही है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने जानकारी दी है कि सरकार एक ग्रेडेड ड्राइविंग लाइसेंस व्यवस्था लागू करने पर तेज़ी से काम कर रही है। इस प्रस्तावित नियम के लागू होने के बाद यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों के लाइसेंस से अंक यानी पेनल्टी पॉइंट्स काटे जाएंगे। सरकार का मुख्य मकसद वाहन चालकों के भीतर जिम्मेदार ड्राइविंग की आदत विकसित करना और सड़कों पर होने वाले हादसों पर अंकुश लगाना है।
नियमों के उल्लंघन पर कटेंगे पॉइंट्स और रद्द होगा लाइसेंस
नई प्रस्तावित व्यवस्था के तहत यदि कोई चालक बार-बार ट्रैफिक नियमों की अनदेखी करता है, तो उसके लाइसेंस से लगातार पॉइंट्स घटाए जाएंगे। पॉइंट्स का स्तर एक तय सीमा से नीचे गिरने पर संबंधित वाहन चालक के ड्राइविंग लाइसेंस को सस्पेंड करने की कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, यदि किसी चालक के सभी पेनल्टी पॉइंट्स पूरी तरह समाप्त हो जाते हैं, तो उसका लाइसेंस पूरी तरह से रद्द कर दिया जाएगा। इस कड़े कदम से बार-बार गलती करने वाले चालकों पर लगाम लगाना संभव हो सकेगा।
अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर मिलेगी ड्राइवर ट्रेनिंग
लाइसेंस में अंक काटने की व्यवस्था के साथ-साथ सरकार चालक प्रशिक्षण प्रणाली में भी बुनियादी सुधार कर रही है। ड्राइवरों को दी जाने वाली ट्रेनिंग को अब अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ढाला जाएगा। इसके तहत ड्राइविंग स्कूलों की गुणवत्ता बढ़ाने, परीक्षा प्रक्रियाओं को और अधिक पारदर्शी बनाने तथा सड़क सुरक्षा नियमों की व्यावहारिक जानकारी देने पर विशेष जोर दिया जाएगा ताकि शुरुआती स्तर पर ही सुरक्षित ड्राइविंग सुनिश्चित की जा सके।
क्रैश सेफ्टी इकोसिस्टम में नए विकल्पों के साथ सुधार
सड़क दुर्घटनाओं के दौरान होने वाली मौतों और गंभीर चोटों की संख्या को कम करने के लिए सरकार क्रैश सेफ्टी से जुड़े पूरे इकोसिस्टम को नए और आधुनिक विकल्पों के साथ अपग्रेड कर रही है। सरकार का यह पूरा ध्यान ड्राइवर ट्रेनिंग, लाइसेंसिंग प्रक्रिया और सड़क सुरक्षा के तीनों स्तरों पर एक साथ व्यापक सुधार लागू करने पर केंद्रित है। इस एकीकृत रणनीति से देश की सड़कों को ज्यादा सुरक्षित बनाने में मदद मिलेगी।



















