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सड़क हादसों पर लगाम कसने के लिए कारों में लगेगा ब्लैक बॉक्स, सरकार ने बदले कड़े सुरक्षा नियमऑटो
22 अक्तू॰ 2026, 7:14 am (26 मिनट पहले)· 0

सड़क हादसों पर लगाम कसने के लिए कारों में लगेगा ब्लैक बॉक्स, सरकार ने बदले कड़े सुरक्षा नियम

सड़क सुरक्षा को बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने मोटर वाहनों के नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। अब नई गाड़ियों में दुर्घटना का डेटा रिकॉर्ड करने वाला ब्लैक बॉक्स और पैदल यात्रियों की सुरक्षा के खास इंतजाम अनिवार्य होंगे।

सड़क हादसों में होने वाले जान-माल के नुकसान को कम करने और देश भर में वाहनों को ज्यादा सुरक्षित बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की तरफ से जारी की गई नई अधिसूचना के अनुसार, मोटर वाहनों के सुरक्षा मानकों में व्यापक बदलाव किए गए हैं। इन नए नियमों के तहत कारों और अन्य वाहनों में टक्कर से सुरक्षा, दुर्घटना के वक्त का डेटा रिकॉर्ड करने की सुविधा, पैदल यात्रियों की हिफाजत और वाहन चोरी रोकने वाले तंत्र को अनिवार्य बनाया गया है। सरकार की यह पहल अलग-अलग चरणों में चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी।

गाड़ी के भीतर अब काम करेगा विमान जैसा ब्लैक बॉक्स

सरकारी अधिसूचना के मुताबिक, अब नई कारों में इवेंट डेटा रिकॉर्डर यानी ई़डीआर से जुड़े कड़े मानक लागू किए जाएंगे। इस तकनीक को वाहन का ब्लैक बॉक्स भी कहा जा सकता है, जो ठीक उसी तर्ज पर काम करता है जैसे हवाई जहाजों में होता है। यह उपकरण सड़क हादसे के समय से जुड़ा तमाम महत्वपूर्ण डेटा अपने अंदर रिकॉर्ड कर लेता है। जब कभी कोई दुर्घटना होती है, तो इस रिकॉर्डेड डेटा की मदद से एजेंसियों को हादसे की असली वजह का पता लगाने में बहुत आसानी होगी।

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सामने और साइड से होने वाली टक्कर में मिलेगी पुख्ता सुरक्षा

संशोधित नियमों के तहत फ्रंट क्रैश यानी सामने से टक्कर, साइड क्रैश और आंशिक फ्रंटल टक्कर के दौरान गाड़ी के अंदर बैठे यात्रियों की सुरक्षा के पैमानों को और अधिक सख्त कर दिया गया है। इसके अलावा स्टीयरिंग सिस्टम के लिए भी नए तकनीकी मानक तय किए गए हैं। इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जब कभी वाहन किसी दुर्घटना का शिकार हो, तो चालक को लगने वाली गंभीर चोटों का खतरा कम से कम हो सके।

सड़क पर चलने वाले पैदल यात्रियों की सुरक्षा का भी रखा गया ध्यान

वाहन चालकों के साथ-साथ सड़क पर पैदल चलने वाले लोगों की सुरक्षा का भी इस बार विशेष ध्यान रखा गया है। गाड़ियों के अगले हिस्से से पैदल यात्रियों को टक्कर लगने की स्थिति में होने वाले नुकसान और चोट के खतरे को घटाने के लिए सुरक्षा डिजाइनों में बदलाव किए गए हैं। इसमें फ्लेक्सिबल पैडेस्ट्रियन लेग इम्पैक्टर यानी फ्लेक्सपीएलआई नामक विशेष टेस्ट उपकरण का उपयोग भी शामिल किया गया है। इस तकनीक के माध्यम से यह आंका जाता है कि वाहन की टक्कर के वक्त पैदल यात्री की टांगों पर कितना प्रभाव पड़ेगा।

पीछे की टक्कर और इलेक्ट्रिक वाहनों के पावरट्रेन की सुरक्षा

नए सुरक्षा मानदंडों में केवल आगे या साइड की टक्कर ही नहीं, बल्कि पीछे से टक्कर लगने की स्थिति में ईंधन प्रणाली की सुरक्षा को भी परखा गया है। इसके अलावा आधुनिक इलेक्ट्रिक वाहनों के पावरट्रेन की सुरक्षा को लेकर भी सख्त प्रावधान जोड़े गए हैं। साथ ही, एम1 श्रेणी की कारों में पैडल सिस्टम और उसके सुचारू संचालन से जुड़े तौर-तरीकों में भी बदलाव किए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति में नियंत्रण बेहतर बना रहे।

वाहन चोरी रोकने के लिए इमोबिलाइजर और अलार्म सिस्टम

देश भर में गाड़ियों की चोरी की वारदातों पर रोक लगाने के लिए एम और एन श्रेणी के वाहनों में उन्नत वाहन अलार्म सिस्टम और इमोबिलाइजर से जुड़े प्रावधानों को जोड़ा गया है। इमोबिलाइजर एक ऐसा आधुनिक उपकरण होता है जो अनधिकृत या गलत तरीके से गाड़ी को स्टार्ट करने की कोशिश होने पर इंजन या वाहन के पूरे संचालन को तुरंत रोक देता है। इससे वाहन चोरी की संभावना काफी हद तक कम हो जाती है।

अलग-अलग चरणों में तय की गई है नियम लागू होने की समयसीमा

सड़क परिवहन मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, यह तमाम सुरक्षा मानक एक साथ लागू नहीं होंगे बल्कि इन्हें चरणबद्ध तरीके से जमीनी स्तर पर उतारा जाएगा। इनमें से कुछ चुनिंदा प्रावधानों के लिए 1 अक्टूबर 2027 की समयसीमा निर्धारित की गई है, जबकि अन्य सुरक्षा मानक साल 2028 और 2029 से प्रभावी होंगे। कुछ तकनीकी प्रावधानों की डेडलाइन तो साल 2031-2032 तक तय की गई है। इन नियमों के लागू होने की सटीक तारीख वाहन की श्रेणी, उसके मॉडल और संबंधित प्रावधान की प्रकृति के आधार पर अलग-अलग होगी।

सवाल-जवाब

कारों में लगाए जाने वाले ब्लैक बॉक्स का क्या काम है?
यह इवेंट डेटा रिकॉर्डर दुर्घटना के समय से जुड़ा जरूरी डेटा रिकॉर्ड करता है, जिससे हादसों की असली वजह का पता लगाने में मदद मिलती है।
नए सुरक्षा नियम कब से लागू होंगे?
ये नियम चरणबद्ध तरीके से लागू होंगे, जिसमें कुछ प्रावधान 1 अक्टूबर 2027 से शुरू होंगे और अन्य मानक 2028, 2029 तथा 2031-2032 तक लागू किए जाएंगे।
पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए कौन सा उपकरण इस्तेमाल होगा?
गाड़ियों की टक्कर के वक्त पैदल यात्री की टांग पर पड़ने वाले असर का आकलन करने के लिए फ्लेक्सिबल पैडेस्ट्रियन लेग इम्पैक्टर का उपयोग किया जाएगा।
इमोबिलाइजर किस काम आता है?
इमोबिलाइजर एक ऐसा उपकरण है जो अनधिकृत तरीके से वाहन स्टार्ट करने की कोशिश होने पर इंजन या वाहन के संचालन को रोक देता है।
किन मंत्रालयों या विभागों ने ये बदलाव किए हैं?
यह बदलाव सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की जारी अधिसूचना के तहत किए गए हैं।
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