सऊदी अरब के पूर्वी हिस्से में स्थित दम्मम शहर के एक प्रमुख हवाई अड्डे को निशाना बनाकर बड़ा हमला किया गया, जिसमें एक स्थानीय निवासी की मौत हो गई और आठ अन्य लोग घायल बताए जा रहे हैं। सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण की ओर से यह जानकारी गुरुवार तड़के साझा की गई। बुधवार देर रात हुए इस घटनाक्रम के बाद हवाई अड्डे के बुनियादी ढांचे को भी भौतिक क्षति पहुंची है। इस स्थिति को देखते हुए उड़ान सेवाओं पर भी असर पड़ा है और फ्लाइट-ट्रैकिंग सर्विस 'फ्लाइटराडार24' ने 'X' पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि हवाई अड्डे की ओर आने वाली उड़ानों का मार्ग तुरंत बदल दिया गया है।
हमले की जिम्मेदारी और पिछला इतिहास
अधिकारियों की तरफ से अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि इस हमले के पीछे किस संगठन या व्यक्ति का हाथ था। हालांकि, सऊदी अरब के बड़े हवाई अड्डों पर पहले भी हूती मिसाइल और प्रोजेक्टाइल से हमले होते रहे हैं। इस ताजा घटना के संबंध में ईरान समर्थित हूतियों की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। दूसरी तरफ, सऊदी गठबंधन ने दावा किया है कि उसने पूर्वी क्षेत्र में सुरक्षा कार्रवाई करते हुए चार ड्रोन हमलों को पूरी तरह विफल कर दिया। किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुई इस हिंसा में एक सऊदी नागरिक की मौत और आठ लोगों के घायल होने के साथ ही उड़ानों के रूट में फेरबदल करना पड़ा है।
अमेरिकी सरकार का कड़ा निर्देश
इस बीच, अमेरिका ने सुरक्षा हालातों का हवाला देते हुए एक सख्त कदम उठाया है। बुधवार देर रात अमेरिकी प्रशासन ने अपने कुछ राजनयिकों और सरकारी कर्मचारियों के परिवारों को सऊदी अरब छोड़ने का आदेश जारी कर दिया। यह निर्णय यमन के ईरान-समर्थित हूथी विद्रोहियों द्वारा किए जा रहे जानलेवा हमलों की श्रृंखला और क्षेत्रीय संघर्ष के और अधिक गंभीर रूप लेने की आशंका के चलते लिया गया है।
तेल क्षेत्रों और अन्य ठिकानों पर हमले
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने देश के दक्षिण-पूर्व में स्थित एक अन्य महत्वपूर्ण स्थान पर बड़ी दुर्घटना की सूचना दी। मंत्रालय के अनुसार, अरामको द्वारा संचालित एक तेल क्षेत्र में एक ड्रोन को मार गिराया गया था, जिसके मलबे की चपेट में आने से दो व्यक्तियों की मौत हो गई और दो अन्य घायल हो गए। मारे गए दोनों व्यक्ति नेपाल और फिलीपींस के रहने वाले थे, जबकि घायलों में पाकिस्तान और भारत के नागरिक शामिल हैं।
हालिया हमलों का बढ़ता दायरा
इससे पहले पिछले महीने भी इसी तरह की एक दुखद घटना घटी थी, जब हूती विद्रोहियों के एक ड्रोन को नष्ट किए जाने के बाद उसके मलबे से यमन के एक निवासी की मौत हो गई थी। सऊदी अरब में जहाजों और तेल प्रतिष्ठानों को निशाना बनाए जाने के बाद नागरिकों की मौत का वह पहला मामला था। इसके अलावा, इस महीने की शुरुआत में पूर्वी प्रांत में दुनिया की सबसे बड़ी तेल सुविधाओं में शुमार अरामको की एक प्रशासनिक इमारत में भी हमले के दौरान आग लगने की घटना सामने आई थी।























