राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली में महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से एक नई जनकल्याणकारी पहल का शुभारंभ होने जा रहा है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अगुवाई वाली सरकार ने दिल्ली लक्ष्मी योजना की घोषणा की है। CMO दिल्ली द्वारा साझा की गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, इस योजना के अंतर्गत योग्य महिला लाभार्थियों को हर महीने 2,500 रुपये की वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खाते में हस्तांतरित की जाएगी। इस महत्वाकांक्षी योजना का लाभ उठाने के लिए पात्र महिलाओं की ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया 1 अगस्त 2026 से आधिकारिक रूप से शुरू हो रही है।
कैबिनेट की मंजूरी और पहली किस्त का संभावित समय
मंगलवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में इस योजना को अंतिम प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की गई। राज्य प्रशासन का लक्ष्य है कि प्राप्त होने वाले सभी आवेदनों का त्वरित और निष्पक्ष सत्यापन पूरा कर लिया जाए। अगर सभी प्रक्रियाएं समय पर पूरी होती हैं, तो रक्षाबंधन के पावन पर्व तक पात्र महिलाओं के खातों में योजना की पहली किस्त की राशि भेज दी जाएगी। उल्लेखनीय है कि यह योजना पिछले वर्ष आयोजित हुए विधानसभा चुनाव के दौरान बीजेपी द्वारा किए गए प्रमुख चुनावी वादों में से एक थी, जिसे अब धरातल पर उतारा जा रहा है।
आवेदन के लिए अनिवार्य दस्तावेज और निवासी संबंधी शर्तें
दिल्ली लक्ष्मी योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदकों को कुछ अनिवार्य मापदंडों का पालन करना होगा। आवेदन के दौरान महिलाओं को एक स्व-घोषणा पत्र जमा करना अनिवार्य होगा। इस घोषणा पत्र के माध्यम से आवेदकों को यह प्रमाणित करना होगा कि वे कम से कम पिछले 10 वर्षों से दिल्ली की स्थायी निवासी हैं। इसके साथ ही, आवेदक महिला के खिलाफ किसी भी प्रकार का कोई आपराधिक रिकॉर्ड दर्ज नहीं होना चाहिए। सरकार ने सभी योग्य महिलाओं से आग्रह किया है कि वे निर्धारित तिथि से अपना पंजीकरण अवश्य पूर्ण कराएं ताकि वे निर्बाध रूप से आर्थिक सहायता प्राप्त कर सकें।
इन मापदंडों के तहत कौन सी महिलाएं रहेंगी योजना से बाहर?
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि योजना का लाभ केवल जरूरतमंद और वास्तविक रूप से पात्र महिलाओं तक ही पहुंचे, इसके लिए कुछ सख्त अपवर्जन शर्तें तय की गई हैं। निम्नलिखित स्थितियों वाले परिवारों की महिलाओं को इस योजना के लिए अयोग्य माना जाएगा
- बच्चों की संख्या: जिस परिवार में बच्चों की कुल संख्या 3 से अधिक है, उस परिवार की महिला को योजना का लाभ प्रदान नहीं किया जाएगा।
- वाहन स्वामित्व: यदि परिवार के पास किसी भी प्रकार का चार पहिया वाहन उपलब्ध है, तो वे आवेदन के लिए पात्र नहीं होंगे।
- बिजली खपत सीमा: जिन परिवारों की वार्षिक बिजली खपत 2400 यूनिट से अधिक दर्ज की जाती है, उन्हें भी इस योजना के दायरे से बाहर रखा गया है।
- करदाता और रोजगार स्थिति: यदि परिवार का कोई भी सदस्य GST करदाता है या फिर किसी सरकारी सेवा में कर्मचारी के रूप में कार्यरत है, तो उस परिवार की महिलाएं भी इस सहायता की पात्र नहीं होंगी।



















