मध्य प्रदेश का धार जिला मंगलवार को भारतीय रेलवे के मानचित्र पर पहली बार दर्ज हो गया। लंबे समय से रेल कनेक्टिविटी की आस लगाए बैठे स्थानीय लोगों का इंतजार आखिरकार समाप्त हुआ, जब इस क्षेत्र में पहली यात्री ट्रेन की सीटी गूंजी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के वडोदरा शहर में आयोजित एक विशाल कार्यक्रम के मंच से छोटा उदयपुर-धार रेल परियोजना के नए हिस्से का औपचारिक लोकार्पण किया। इस ऐतिहासिक कदम के साथ ही जोबट से टांडा रोड के मध्य निर्मित 28 किलोमीटर लंबे नवनिर्मित रेलखंड पर ट्रेनों का संचालन प्रारंभ हो गया है। इस नए रेल मार्ग के खुलने से धार जिले के निवासियों के लिए यात्रा और परिवहन के सर्वथा नए अवसर सृजित हुए हैं।
जोबट टांडा रोड रेलखंड और उद्घाटन समारोह का विवरण
छोटा उदयपुर-धार रेल परियोजना इस पूरे अंचल की ढांचागत प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जा रही है। परियोजना के तहत तैयार किए गए 28 किलोमीटर लंबे जोबट-टांडा रोड रेलखंड को अत्याधुनिक सुरक्षा मानक और उन्नत पटरियों के साथ निर्मित किया गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वडोदरा से डिजिटल माध्यम से इस नए ट्रैक को राष्ट्र को समर्पित किया। धार जिला मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर स्थित टांडा रोड स्टेशन पर इस उपलक्ष्य में एक विशेष समारोह का आयोजन किया गया था। इस अवसर पर धार की सांसद और केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर मौजूद रहीं। उन्होंने हरी झंडी दिखाकर पहली मेमू यात्री ट्रेन को गंतव्य के लिए रवाना किया। ट्रेन के प्रस्थान करते ही स्टेशन परिसर में मौजूद नागरिकों ने उत्साह और जयघोष के साथ अपनी प्रसन्नता व्यक्त की।
गुजरात के साथ सीधा संपर्क और यात्रा में सुगमता
इस नई रेल सेवा के प्रारंभ होने का सबसे बड़ा सामाजिक और आर्थिक लाभ धार तथा आसपास की ग्रामीण आबादी को मिलेगा। इस नए रेल लिंक के माध्यम से मध्य प्रदेश का यह क्षेत्र सीधे पड़ोसी राज्य गुजरात से जुड़ गया है। अब तक इस क्षेत्र के नागरिकों को गुजरात के शहरों तक पहुँचने के लिए केवल सड़क मार्ग पर निर्भर रहना पड़ता था, जो काफी समयसाध्य और महंगा साबित होता था। अब व्यापार, नौकरी, उच्च शिक्षा, बेहतर डॉक्टरी इलाज और दैनिक व्यक्तिगत कार्यों के लिए गुजरात जाने वाले यात्रियों को एक सुगम, सुरक्षित और किफायती विकल्प मिल गया है। टांडा रोड से रवाना होने वाली यह मेमू ट्रेन जोबट, अलीराजपुर और छोटा उदयपुर जैसे प्रमुख पड़ाव को कवर करते हुए आगे वडोदरा तक की दूरी को बेहद आसान बना देगी।
क्षेत्रीय विकास, व्यापार और रोजगार को मिलेगी नई गति
धार और इसके समीपवर्ती दूरस्थ अंचलों में बेहतर रेल कनेक्टिविटी स्थापित होने से चौतरफा विकास के रास्ते खुलने की उम्मीद है। रेल सुविधा उपलब्ध होने से स्थानीय स्तर पर छोटे व्यापारियों, किसानों और नए उद्यमियों को अपने उत्पाद बड़े बाजारों तक पहुँचाने में मदद मिलेगी। पर्यटन के दृष्टिकोण से भी इस कनेक्टिविटी का गहरा सकारात्मक असर देखने को मिलेगा। इसके अतिरिक्त, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर निर्मित होंगे और शिक्षा के क्षेत्र में भी गतिशीलता बढ़ेगी। स्थानीय नागरिकों का मानना है कि यह केवल एक ट्रेन की शुरुआत नहीं है, बल्कि यह कदम पूरे अंचल के आर्थिक और सामाजिक कायाकल्प की दिशा में एक बहुत बड़ा मील का पत्थर सिद्ध होगा।



















