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मई 2027 तक शुरू होगा भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन का ट्रायल रन, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने साझा किया पूरा रोडमैपबेनिफिट्स
9 सित॰ 2026, 12:04 am (2 घंटे पहले)· 2

मई 2027 तक शुरू होगा भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन का ट्रायल रन, रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने साझा किया पूरा रोडमैप

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की है कि देश की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन का ट्रायल रन अगले साल मई या जून 2027 तक शुरू होने की उम्मीद है, जिसके बाद दो से चार महीने के भीतर यात्री सेवाएं शुरू हो सकती हैं।

भारत की बहुप्रतीक्षित उच्च गति रेल परियोजना एक महत्वपूर्ण मील के पत्थर के करीब पहुंच गई है। देश में तैयार हो रही पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन का पटरी पर परीक्षण मई या जून 2027 तक शुरू होने की संभावना है। वडोदरा में आयोजित ‘नमो फॉर विकसित भारत’ कार्यक्रम के दौरान रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इस परियोजना की प्रगति का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का मुख्य उद्देश्य इस हाई-स्पीड रेल परियोजना को पूरी तरह आत्मनिर्भर भारत की संकल्पना के तहत विकसित करना है, जिससे देश में आधुनिक रेल विनिर्माण क्षमताओं को नई ताकत मिलेगी।

परीक्षण प्रक्रिया और व्यावसायिक यात्री सेवाओं की शुरुआत

बुलेट ट्रेन के संचालन की दिशा में पहला महत्वपूर्ण चरण पूरा कर लिया गया है। रेल मंत्री के अनुसार, ट्रेन का पहला बॉडी फ्रेम सफलतापूर्वक निर्मित किया जा चुका है और वर्तमान में इसे ‘स्क्वीज टेस्ट’ के दौर से गुजारा जा रहा है। इस संरचनात्मक परीक्षण के संपन्न होने के बाद ट्रेन को कई अन्य तकनीकी और सुरक्षा जांचों का सामना करना होगा। इन सभी शुरुआती जांचों के सफल रहने पर ट्रेन को विभिन्न भौगोलिक और मौसम संबंधी परिस्थितियों में जांचने के लिए मुख्य ट्रैक पर उतारा जाएगा। इस लिहाज से 2027 का वर्ष भारतीय रेलवे और देश के परिवहन बुनियादी ढांचे के लिए अत्यंत निर्णायक साबित होने वाला है।

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आम नागरिकों के लिए ट्रेन में यात्रा शुरू करने के समयबद्ध खाके पर रोशनी डालते हुए रेल मंत्री ने बताया कि ट्रायल शुरू होने के बाद लगभग दो से चार महीने तक गहन परीक्षण प्रक्रिया चलेगी। सभी सुरक्षा मानकों पर खरा उतरने के बाद प्रधानमंत्री द्वारा औपचारिक रूप से इस सेवा का उद्घाटन किया जाएगा। यदि मई या जून 2027 में परीक्षण की शुरुआत होती है और सभी परिणाम सकारात्मक रहते हैं, तो उसके कुछ ही महीनों के भीतर यात्री बुलेट ट्रेन के तीव्र और आरामदायक सफर का आनंद ले सकेंगे।

प्रमुख शहरों के बीच यात्रा समय में ऐतिहासिक कमी

बुलेट ट्रेन सेवा के संचालन से पश्चिमी भारत के व्यापारिक और औद्योगिक केंद्रों के बीच संपर्क में क्रांतिकारी बदलाव आने वाला है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रेखांकित किया कि ट्रेन शुरू होने के बाद वडोदरा से मुंबई के बीच की दूरी को तय करने में मात्र डेढ़ घंटे का समय लगेगा। वर्तमान समय में इस मार्ग पर यात्रा करने में कई घंटे खर्च होते हैं, जिससे दैनिक यात्रियों, व्यापारियों, उद्योगपतियों और नौकरीपेशा लोगों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। यात्रा समय में इस बड़ी कटौती से दोनों राज्यों के आर्थिक संबंधों को नई गति मिलेगी और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी।

सूरत-वापी खंड की समयसीमा और तकनीकी आत्मनिर्भरता

परियोजना के निर्माण कार्य की प्रगति की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि सूरत से वापी के बीच के रेल खंड का निर्माण कार्य दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके साथ ही रूट के अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों पर भी तेजी से काम आगे बढ़ रहा है। रेल मंत्री ने बल देकर कहा कि यह प्रोजेक्ट केवल एक तीव्र गति वाली ट्रेन चलाने तक सीमित नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य भारत में हाई-स्पीड रेल से जुड़ी तकनीकों, डिजाइनिंग क्षमता और भारी इंजीनियरिंग निर्माण कौशल को स्थायी रूप से मजबूत करना है, ताकि भविष्य की आवश्यकताओं के लिए देश आत्मनिर्भर बन सके।

सवाल-जवाब

भारत में पहली बुलेट ट्रेन का ट्रायल रन कब शुरू होगा?
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार बुलेट ट्रेन का ट्रायल रन अगले साल मई या जून 2027 तक शुरू होने की उम्मीद है।
ट्रायल के कितने समय बाद आम यात्रियों के लिए बुलेट ट्रेन सेवा शुरू होगी?
ट्रायल रन शुरू होने के बाद लगभग दो से चार महीने तक परीक्षण चलेगा, जिसके बाद प्रधानमंत्री द्वारा उद्घाटन किए जाने पर सेवा शुरू होगी।
बुलेट ट्रेन से वडोदरा से मुंबई का सफर तय करने में कितना समय लगेगा?
बुलेट ट्रेन शुरू होने के बाद वडोदरा और मुंबई के बीच की दूरी लगभग डेढ़ घंटे (1.5 घंटे) में तय की जा सकेगी।
सूरत-वापी सेक्शन का निर्माण कार्य कब तक पूरा करने का लक्ष्य है?
बुलेट ट्रेन परियोजना के सूरत-वापी खंड का निर्माण कार्य दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
ट्रेन का पहला बॉडी फ्रेम वर्तमान में किस जांच प्रक्रिया से गुजर रहा है?
हाल ही में तैयार किए गए पहले बॉडी फ्रेम को सुरक्षा और मजबूती जांचने के लिए ‘स्क्वीज टेस्ट’ के लिए भेजा गया है।
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