फिरोजाबाद में सरकार ने किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए एक नई योजना शुरू की है, जिसमें फल, फूल, मसाला और सब्जियों की खेती करने वाले किसानों को सीधे आर्थिक मदद दी जाएगी। यूपी में गेहूं और धान जैसी परंपरागत फसलों से हटकर अब किसान कम समय में ज्यादा मुनाफा देने वाली बागवानी की तरफ रुख कर रहे हैं, और सरकार इसी बदलाव को बढ़ावा देने के लिए अनुदान की रकम सीधे किसानों तक पहुंचाने की तैयारी में है।
योजना क्या है और किसे मिलेगा फायदा
फिरोजाबाद के उद्यान अधिकारी सीपी अवस्थी के मुताबिक, यह मदद मुख्यमंत्री राज्य उद्यानिक विकास योजना के तहत दी जा रही है। इसका मकसद उन किसानों को राहत देना है जो फल, फूल, मसाला और साग-सब्जी उगाना चाहते हैं लेकिन शुरुआती लागत ज्यादा होने की वजह से हिचकिचाते हैं। अनुदान मिलने से किसानों की जेब पर बोझ हल्का होगा और वे कम जमीन में भी बेहतर पैदावार लेकर अच्छी कमाई कर सकेंगे। सरकार का मानना है कि बागवानी फसलें परंपरागत खेती के मुकाबले कम समय में तैयार होती हैं और बाजार में इनकी कीमत भी बेहतर मिलती है, इसलिए किसानों को इस तरफ मोड़ने के लिए अनुदान जैसी सीधी आर्थिक मदद जरूरी मानी जा रही है। आवेदन के लिए किसानों को उद्यान विभाग के पोर्टल का इस्तेमाल करना होगा, जहां अलग-अलग फसलों के लिए तय अनुदान राशि का पूरा ब्यौरा दिया गया है।
पहले आओ, पहले पाओ का नियम लागू
अभी यह योजना फिरोजाबाद जिले के अरांव और शिकोहाबाद विकासखंड में शुरू की गई है। उद्यान अधिकारी ने साफ किया कि अनुदान का लाभ पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर दिया जाएगा, यानी जो किसान जल्दी आवेदन करेंगे उन्हें प्राथमिकता मिलेगी। फिलहाल यह सुविधा पूरे जिले में नहीं बल्कि चुनिंदा विकासखंडों में ही शुरू की गई है, जिससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि आने वाले समय में इसका दायरा और बढ़ाया जा सकता है। इसलिए जो किसान इस योजना का फायदा उठाना चाहते हैं, उन्हें देरी किए बिना कागजी कार्यवाही पूरी करनी होगी।
आवेदन के लिए कौन से कागज चाहिए
योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसानों को खतौनी, आधार कार्ड, बैंक पासबुक की कॉपी और अपनी फोटो साथ लेकर जाना होगा। यह सारे दस्तावेज लेकर किसान किसी भी जनसेवा केंद्र पर जाकर आवेदन करा सकते हैं। जनसेवा केंद्र पर आवेदन के दौरान कर्मचारी किसानों की जमीन के ब्यौरे और बाकी जानकारी का मिलान भी करेंगे, ताकि अनुदान सही किसान तक पहुंच सके। सुविधा के लिहाज से किसानों को दो विकल्प दिए गए हैं, वे चाहें तो ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं या फिर ऑफलाइन तरीके से भी अपना फॉर्म जमा करा सकते हैं।
किस फसल पर कितना अनुदान मिलेगा
योजना के तहत हर फसल के लिए अनुदान की रकम अलग-अलग रखी गई है। शंकर साग-सब्जियों की खेती करने वाले किसानों को प्रति हेक्टेयर 24 हजार रुपये तक की मदद दी जाएगी। वहीं गेंदा जैसे फूलों की खेती पर 20 हजार रुपये का अनुदान मिलेगा। मसाला, प्याज और लहसुन उगाने वाले किसानों को भी 20 हजार रुपये तक की सहायता दी जाएगी। उद्यान विभाग का कहना है कि बाजार में सब्जी, फूल और मसालों की मांग हमेशा बनी रहती है, इसलिए बागवानी अपनाकर किसान परंपरागत खेती के साथ-साथ अपनी अतिरिक्त कमाई भी बढ़ा सकते हैं। विभाग को उम्मीद है कि इस योजना से जिले में बागवानी फसलों के रकबे में बढ़ोतरी होगी और आने वाले वक्त में किसानों के सामने खेती के नए विकल्प भी खुलेंगे।




















