यमुना एक्सप्रेसवे पर रोजाना सफर करने वाले जेवर क्षेत्र के लोगों के लिए आखिरकार राहत की व्यवस्था शुरू कर दी गई है। जेवर टोल प्लाजा से गुजरने वाले स्थानीय नागरिकों को अब टोल टैक्स नहीं चुकाना होगा। इस सुविधा के शुरू होने से इलाके के लोगों को ग्रेटर नोएडा और आगरा के बीच की दूरी तय करने में बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी और उनका सफर सुगम होगा।
चौदह साल से उठ रही थी टोल माफी की मांग
ग्रेटर नोएडा को आगरा से जोड़ने वाले 165 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेसवे पर टोल मुक्ति की यह मांग काफी पुरानी थी। स्थानीय किसान, विभिन्न संगठन और सामाजिक प्रतिनिधि पिछले करीब 14 वर्षों से इस इलाके के लोगों के लिए टोल टैक्स माफ किए जाने की आवाज उठा रहे थे। इस सिलसिले में कई बार प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष प्रस्ताव रखे गए थे। जेवर विधायक धीरेंद्र सिंह के अनुसार, यीडा और एक्सप्रेसवे का संचालन संभालने वाली कंपनी के अधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकों के बाद जाकर यह सहमति बनी है।
पंजीकरण के लिए जमा करने होंगे ये तीन दस्तावेज
इस योजना का लाभ उठाने के लिए पात्र स्थानीय वाहन चालकों को अपना रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य किया गया है। आवेदक 17 सितंबर तक जेवर टोल प्लाजा पर स्थित मैनेजर ऑफिस में जाकर अपना आवेदन जमा कर सकते हैं। पंजीकरण की इस प्रक्रिया के दौरान तीन प्रमुख दस्तावेजों की प्रतियां देना जरूरी है, जिसमें स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र, आधार कार्ड और वाहन की आरसी शामिल हैं। अधिकारियों द्वारा सत्यापन का काम पूरा होने के बाद पात्र लोगों को बिना किसी शुल्क के आवागमन की अनुमति मिल जाएगी।
वाहन श्रेणियों के आधार पर तय हैं सामान्य दरें
यमुना एक्सप्रेसवे पर अलग-अलग प्रकार के वाहनों के हिसाब से टोल की दरें निर्धारित की गई हैं। जेवर टोल प्लाजा पर दोपहिया वाहनों, तिपहिया और ट्रैक्टरों के लिए 60 रुपये शुल्क तय है, जबकि कारों और जीपों से 120 रुपये वसूले जाते हैं। इसके अलावा हल्के कमर्शियल वाहनों के लिए 185 रुपये और बस तथा ट्रकों के लिए 380 रुपये का शुल्क लगता है। मल्टी-एक्सल भारी वाहनों का टोल 580 रुपये और ओवरसाइज्ड गाड़ियों के लिए यह राशि 745 रुपये है। इस प्रकार स्थानीय लोगों को टोल से छूट मिलने से हर महीने होने वाले खर्च में अच्छी खासी बचत हो सकेगी।



















