गयाजी में पिंडदान से सात पीढ़ियों का उद्धार: जानिए क्यों 2026 में पितृपक्ष के दौरान इस धाम का है विशेष महत्वफ्रिज के अंदर पानी टपकने की समस्या से हैं परेशान? सर्विसिंग मैकेनिक को बुलाने से पहले आजमाएं ये आसान घरेलू नुस्खेमध्य प्रदेश के बुरहानपुर में बारिश के दिनों में खूब पसंद की जाती है स्वादिष्ट उड़द की फल्ली की टिकिया, यहाँ जानिए इसकी आसान रेसिपीहृदय रोगियों के लिए मसूड़ों की ब्लीडिंग हो सकती है खतरनाक, डेंटिस्ट ने दी तुरंत ओरल चेकअप कराने की सलाहबॉम्बे हाईकोर्ट ने मिस इंडिया यूनिवर्स नफीसा जोसेफ की खुदकुशी के मामले में उनके मंगेतर की दोषमुक्ति याचिका खारिज कीगणेश चतुर्थी 2026 पर पारंपरिक मराठी लुक के लिए बेहद खूबसूरत हैं ये नथ डिजाइन, हर कोई करेगा तारीफअपनी ही फिल्में देखने से कतराती हैं प्रीति जिंटा, एक्ट्रेस ने खुद बताई इसके पीछे की दिलचस्प वजहमुंबई के BKC में गायक कैलाश खेर ने बेचा अपना कमर्शियल ऑफिस, महज 10 महीनों में कमाया लाखों का मुनाफाब्रिक्स डिनर में मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम ने बिखेरा सुरों का जादू, किशोर कुमार के सदाबहार गीतों से जीता सबका दिलअर्टिगा से बोलेरो तक, बड़ी फैमिली के लिए ये हैं शानदार माइलेज वाली 7-सीटर गाड़ियां
गुजरात में दिव्यांग बस पास डिजीलॉकर से जुड़े, 4.42 लाख से अधिक लोगों को मिलेगा मुफ़्त यात्रा का लाभबेनिफिट्स
8 अग॰ 2026, 2:36 pm (35 दिन पहले)· 0

गुजरात में दिव्यांग बस पास डिजीलॉकर से जुड़े, 4.42 लाख से अधिक लोगों को मिलेगा मुफ़्त यात्रा का लाभ

गुजरात सरकार ने सामाजिक सुरक्षा पहल के तहत दिव्यांग बस पास को डिजीलॉकर से जोड़ दिया है, जिससे 4.42 लाख से अधिक लाभार्थियों को जीएसआरटीसी बसों में बिना कागजी पास के मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी।

गुजरात सरकार ने राज्य के दिव्यांग नागरिकों के लिए सार्वजनिक परिवहन यात्रा को अधिक सुगम बनाने की दिशा में एक अहम तकनीकी बदलाव लागू किया है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता विभाग ने स्टेट ई-गवर्नेंस मिशन टीम की मदद से दिव्यांग बस पास सेवा को डिजिटल प्लेटफॉर्म डिजीलॉकर के साथ सफलतापूर्वक एकीकृत कर दिया है। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद अब तक पूरे राज्य में 4.42 लाख से अधिक डिजिटल पास जारी किए जा चुके हैं। इस पहल की बदौलत लाभार्थी गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम यानी GSRTC की समस्त बसों में बिना किसी शुल्क के यात्रा कर सकते हैं।

डिजिटल पहचान से सुगम हुई दैनिक यात्रा

इस आधुनिक प्रणाली का मुख्य उद्देश्य सरकारी कल्याणकारी योजनाओं तक दिव्यांगजनों की पहुंच को बिना किसी बाधा के सुनिश्चित करना है। नई डिजीलॉकर व्यवस्था के जरिए अब पात्र व्यक्तियों को यात्रा के दौरान अपने साथ प्लास्टिक या कागजी बस पास भौतिक रूप में ले जाने की बाध्यता समाप्त हो गई है। बस में यात्रा करते समय यात्री अपने स्मार्टफोन पर सरकार द्वारा स्वीकृत डिजिटल पास दिखाकर तुरंत सत्यापन करा सकते हैं। इससे दस्तावेज खो जाने, फटने या खराब होने का जोखिम पूरी तरह खत्म हो गया है, जिससे रोजमर्रा के आवागमन में काफी सहूलियत मिल रही है।

ये भी पढ़ें

पेपरलेस गवर्नेंस और त्वरित सत्यापन के लाभ

सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री डॉ. प्रद्युमन वाजा तथा विभाग के सचिव हर्षद पटेल के अनुसार यह कदम राज्य में डिजिटल सेवाओं के विस्तार को गति देने वाला है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि डिजीलॉकर एक ऐसा सुरक्षित माध्यम प्रदान करता है जिसके जरिए नागरिक किसी भी समय और स्थान पर अपने प्रामाणिक दस्तावेजों का डिजिटल सत्यापन करा सकते हैं। डिजिटल इंडिया अभियान के लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए यह सेवा शुरू की गई है, जिससे कागज के उपयोग में कमी आएगी और सरकारी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता के साथ-साथ तत्परता भी बढ़ेगी।

4 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा सुरक्षा कवर

इस बस पास योजना की एक और सबसे महत्वपूर्ण विशेषता इसके साथ मिलने वाला वित्तीय सुरक्षा कवच है। योजना से जुड़े प्रत्येक वैध दिव्यांग पास धारक को 4 लाख रुपये का दुर्घटना मृत्यु बीमा कवर प्रदान किया जाता है। यदि किसी दुर्भाग्यपूर्ण सड़क दुर्घटना में पास धारक की जान चली जाती है, तो उनके द्वारा नामित व्यक्ति या कानूनी उत्तराधिकारी आवश्यक कागजात विभाग में जमा करके इस सहायता राशि का दावा कर सकते हैं। यह प्रावधान किसी भी अप्रत्याशित घटना की स्थिति में पीड़ित परिवार को तत्काल आर्थिक संबल प्रदान करने के उद्देश्य से जोड़ा गया है।

कल्याणकारी योजनाओं का डिजिटल विस्तार

सार्वजनिक सेवाओं की आसान और पारदर्शी पहुंच सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार लगातार अपनी कल्याणकारी योजनाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़ रही है। डिजीलॉकर एक केंद्रीयकृत डिजिटल वॉलेट के रूप में काम करता है जहां नागरिक अपने जरूरी दस्तावेज सुरक्षित रख सकते हैं। गुजरात में बस पास प्रणाली के इस एकीकरण से दिव्यांग नागरिकों को हर बार नया पास बनवाने या पुराने पास के नवीनीकरण के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की परेशानी से मुक्ति मिल गई है, जो राज्य के समावेशी विकास मॉडल का एक उत्कृष्ट उदाहरण है।

सवाल-जवाब

गुजरात में दिव्यांग बस पास को किस डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है?
दिव्यांग बस पास को केंद्र सरकार के डिजीलॉकर (DigiLocker) प्लेटफॉर्म से जोड़ा गया है।
अब तक कुल कितने दिव्यांग बस पास डिजीलॉकर पर जारी किए जा चुके हैं?
गुजरात भर में अब तक 4.42 लाख से अधिक दिव्यांग बस पास जारी किए जा चुके हैं।
इस डिजिटल बस पास से किन बसों में मुफ्त यात्रा की जा सकती है?
लाभार्थी गुजरात राज्य सड़क परिवहन निगम (GSRTC) की सभी बसों में मुफ्त यात्रा कर सकते हैं।
दिव्यांग बस पास के साथ कितना दुर्घटना बीमा कवर मिलता है?
इस बस पास के साथ 4 लाख रुपये का दुर्घटना मृत्यु बीमा कवर शामिल है।
दुर्घटना की स्थिति में बीमा राशि का दावा कौन और कैसे कर सकता है?
दुर्घटना में पास धारक की मौत होने पर तय नॉमिनी या कानूनी वारिस आवश्यक दस्तावेज विभाग में जमा करके दावे की प्रक्रिया पूरी कर सकता है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 0

अभी तक कोई टिप्पणी नहीं — पहली टिप्पणी आपकी हो!

नागरिक पत्रकारिता

TrendKia पत्रकार बनें

जनता की आवाज़

अपने आसपास की ख़बरें, तस्वीरें और वीडियो ट्रेंडकिआ के साथ साझा करें और अपनी आवाज़ देश तक पहुँचाएँ। हर नागरिक एक पत्रकार।

अभी जुड़ें
CH 01 लाइव
TrendKia TV ON AIR