पश्चिम बंगाल की महिलाओं के लिए संचालित सामाजिक कल्याण योजना अन्नपूर्णा भंडार योजना के कार्यान्वयन में इस समय एक बड़ा मोड़ सामने आया है। राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे व्यापक सत्यापन अभियान के दौरान लगभग 26 लाख आवेदनों को खारिज कर दिया गया है। इस योजना के तहत राज्य की पात्र महिलाओं के खातों में सीधे वित्तीय सहायता भेजी जाती है। जिन महिला आवेदकों के फॉर्म जांच प्रक्रिया के दौरान अस्वीकृत हुए हैं, उनके पास 25 अगस्त 2026 की अंतिम तिथि से पहले अपने दस्तावेजों को दुरुस्त कराने और कारण जानकर सुधार करवाने का समय उपलब्ध है।
लक्ष्मी भंडार के स्थान पर अन्नपूर्णा भंडार योजना का आगाज
पश्चिम बंगाल में मई 2026 में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व में नई सरकार के कार्यभार संभालने के बाद पुरानी लक्ष्मी भंडार योजना के स्थान पर अन्नपूर्णा भंडार योजना लागू की गई थी। पुरानी योजना के तहत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC/ST) वर्ग की महिलाओं को प्रति माह 1,700 रुपये तथा अन्य श्रेणियों की महिलाओं को 1,500 रुपये दिए जाते थे। नई अन्नपूर्णा भंडार योजना में सभी पात्र महिला लाभार्थियों के लिए समान रूप से 3,000 रुपये प्रति माह यानी 36,000 रुपये वार्षिक की वित्तीय राशि निर्धारित की गई है। यह राशि सीधे डीबीटी (DBT) के माध्यम से लाभार्थियों के आधार से जुड़े बैंक खातों में भेजी जाती है।
इस कल्याणकारी योजना का औपचारिक शुभारंभ 1 जून 2026 को हुआ था। इसके तुरंत बाद 3 जून को जारी पहली डीबीटी किश्त के माध्यम से 28 लाख से अधिक महिलाओं के खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए। इसके बाद 1 जुलाई को भेजी गई दूसरी बड़ी किश्त में लगभग 1.3 करोड़ लाभार्थी महिलाओं को इस योजना का सीधा लाभ मिला।
पात्रता के मापदंड और दस्तावेजों की आवश्यकता
अन्नपूर्णा भंडार योजना में आवेदन करने के लिए सरकार ने स्पष्ट नियम तय किए हैं। इस योजना का लाभ उठाने के लिए महिला को पश्चिम बंगाल की स्थायी निवासी होना अनिवार्य है और उसकी आयु 25 वर्ष से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदक महिला या उसके परिवार का कोई भी सदस्य आयकरदाता नहीं होना चाहिए। इसके अतिरिक्त, परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में न हो और न ही नियमित सरकारी पेंशन प्राप्त करता हो। बैंक के मोर्चे पर, महिला के पास एक सक्रिय और एकल-धारक (सिंगल-होल्डर) बैंक खाता होना अनिवार्य है, जो आधार से सही तरीके से जुड़ा और सीडेड हो।
जो महिलाएं पहले से लक्ष्मी भंडार योजना का लाभ प्राप्त कर रही थीं, उन्हें स्वचालित रूप से नई योजना में स्थानांतरित किया जाना था। हालांकि, सत्यापन के दौरान जिन आवेदनों में खामियां पाई गईं, उन्हें रोक दिया गया और यही 26 लाख आवेदनों के खारिज होने की मुख्य वजह बना। प्रक्रिया के सत्यापन के लिए आवेदकों के पास अस्थायी आवेदन आईडी (Temporary Application ID), मूल आधार कार्ड एवं फोटोकॉपी, वोटर आईडी कार्ड, राशन कार्ड और आधार से लिंक बैंक पासबुक का होना आवश्यक माना गया है।
आवेदन खारिज होने के 5 मुख्य कारण
मुख्यमंत्री द्वारा 1 जुलाई को दिए गए बयान के अनुसार, 26 लाख आवेदनों के खारिज होने के पीछे मुख्य रूप से पांच तकनीकी और कानूनी कारण सामने आए हैं
- नागरिकता या निवास प्रमाण पर संदेह: खारिज किए गए अधिकांश आवेदनों में आवेदक की नागरिकता और पश्चिम बंगाल में स्थायी निवास के दस्तावेजों पर सत्यापन अधिकारियों ने संशय व्यक्त किया है।
- चुनाव सूची के संशोधन (SIR) में नाम कटना: पश्चिम बंगाल चुनाव के दौरान मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के तहत एएसडीडी (ASDD - अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत या डुप्लिकेट) श्रेणी में आने वाले लाखों नाम हटा दिए गए थे। मतदाता सूची से नाम कटने के कारण ये महिलाएं स्वचालित रूप से योजना के लाभ से बाहर हो गईं।
- सरकारी नौकरी या पेंशन का होना: यदि परिवार का कोई भी सदस्य नियमित सरकारी वेतन या पेंशन पा रहा है, तो पूरा परिवार योजना के लिए अयोग्य घोषित हो जाता है। इस कड़े नियम में अपील की कोई गुंजाइश नहीं है।
- आयकर रिटर्न दाखिल करना: यदि आवेदक या उसके परिवार के किसी सदस्य ने आयकर रिटर्न (ITR) फाइल किया है, तो आवेदन को तुरंत निरस्त कर दिया जाता है।
- तकनीकी त्रुटियां: एक बड़ी संख्या ऐसे आवेदनों की भी है जो केवल आधार संख्या की गलत प्रविष्टि, गलत बैंक खाता संख्या या त्रुटिपूर्ण आईएफएससी (IFSC) कोड जैसी लिपिकीय गलतियों के कारण खारिज हुए हैं।
अस्वीकृत आवेदनों में सुधार के लिए क्या करें?
यदि आपका आवेदन नागरिकता या निवास प्रमाण के मुद्दे के कारण रुका है, तो आपको अपनी अस्थायी आवेदन आईडी (Temporary Application ID), आधार कार्ड, वोटर आईडी, राशन कार्ड और लंबे समय से पश्चिम बंगाल में रहने का प्रमाण प्रस्तुत करने वाले अन्य दस्तावेजों के साथ नजदीकी बीडीओ (BDO) कार्यालय (ग्रामीण क्षेत्र हेतु) या एसडीओ (SDO) कार्यालय (शहरी क्षेत्र हेतु) जाना होगा।
यदि आपके फॉर्म में कोई तकनीकी त्रुटि या दस्तावेज़ का बेमेल होना पाया गया है, तो ध्यान दें कि वर्तमान में ऑनलाइन पोर्टल पर स्वयं सुधार (Self-service correction) का कोई विकल्प उपलब्ध नहीं है। इसके लिए आवेदक को स्वयं बीडीओ या एसडीओ कार्यालय जाकर अपनी अस्थायी आवेदन आईडी, सही कागजात और गलती सुधारने से संबंधित एक लिखित आवेदन पत्र जमा करना होगा।
आवेदन के सत्यापन और त्रुटि सुधार का यह अंतिम अवसर केवल 25 अगस्त 2026 तक ही खुला है। इस तिथि के बाद मौजूदा नामांकन चक्र के तहत कोई नया आवेदन या सुधार स्वीकार नहीं किया जाएगा।



















