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खरीफ में चाहिए ज्यादा मुनाफा? अभी लगाएं सब्जियों की पौध और पाएं बढ़िया बाजार भावबेनिफिट्स
12 जून 2026, 8:53 pm (92 दिन पहले)· 2

खरीफ में चाहिए ज्यादा मुनाफा? अभी लगाएं सब्जियों की पौध और पाएं बढ़िया बाजार भाव

खरीफ सीजन में अगेती सब्जियों की पौध तैयार करने का यही सही समय है; जून में फूलगोभी, टमाटर, हरी मिर्च और बैंगन की पौधशाला लगाकर किसान बेहतर पैदावार और दाम पा सकते हैं।

सीकर के किसानों के लिए यह वक्त खरीफ सीजन की अगेती सब्जियां लगाने के लिहाज से बिल्कुल मुफीद है। जो किसान सब्जी की खेती से ज्यादा कमाई करना चाहते हैं, वे सीजन शुरू होने से पहले ही फसल तैयार कर बाजार या मंडी में बेचकर अच्छा दाम बटोर सकते हैं। ऐसे में अभी पौधशाला यानी नर्सरी खड़ी करने का सबसे उपयुक्त मौका है। कृषि विशेषज्ञ दिनेश जाखड़ के मुताबिक जून के महीने में किसान फूलगोभी, टमाटर, हरी मिर्च और बैंगन जैसी सब्जियों की पौध तैयार कर समय रहते रोपाई कर सकते हैं। इससे न सिर्फ बढ़िया उपज मिलने की उम्मीद रहती है, बल्कि बाजार में दाम भी अच्छा मिलने की संभावना बढ़ जाती है।

उन्होंने बताया कि नर्सरी हमेशा ऐसी जगह बनानी चाहिए जहां पानी की निकासी सही ढंग से होती हो और रोशनी भरपूर पहुंचती हो। बारिश के दिनों में बढ़ी हुई नमी और कीड़ों के हमले से पौधों की रक्षा के लिए कीट अवरोधी नायलॉन जाली लगाना फायदेमंद रहता है। इससे सफेद मक्खी, थ्रिप्स और बीमारियां फैलाने वाले दूसरे कीटों का घुसना घट जाता है और पौध तंदुरुस्त बनी रहती है।

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धूप से बचाव के लिए छायादार नेट लगाएं

कृषि विशेषज्ञ ने बताया कि तेज धूप और बढ़े तापमान से पौधशाला को बचाने के लिए किसानों को 40 प्रतिशत वाले छायादार नेट का इस्तेमाल करना चाहिए। इस नेट को करीब 6.5 फीट की ऊंचाई पर तानना चाहिए, ताकि पौधों तक हवा और प्रकाश दोनों भरपूर पहुंचते रहें। उनके अनुसार ऐसा करने से बीजों का अंकुरण बेहतर होता है और पौधों की बढ़वार एक समान रहती है।

बुवाई से पहले बीज उपचार है जरूरी

इसके साथ ही सब्जियों की बुवाई से पहले बीजों का उपचार करना भी बेहद अहम है। बीजों को थीराम की 2 से 2.5 ग्राम प्रति किलो बीज की मात्रा से उपचारित करने पर बीजजनित रोगों से बचाव मिलता है। इसके अलावा किसान ट्राइकोडर्मा जैसे जैविक फफूंदनाशी को भी अपना सकते हैं, जिससे पौध गलन और दूसरी फफूंदजनित बीमारियों का खतरा कम हो जाता है। नर्सरी की मिट्टी में अच्छी तरह सड़ी गोबर की खाद और वर्मी कम्पोस्ट मिलाने से पौधों को जरूरी पोषक तत्व मिलते रहते हैं। बुवाई के बाद हल्की सिंचाई करते रहें और मिट्टी में नमी कायम रखें। ध्यान रहे, जरूरत से ज्यादा पानी देने पर पौधों में बीमारी लगने की आशंका बढ़ जाती है।

वैज्ञानिक तरीका अपनाकर बढ़ाएं कमाई

कृषि विशेषज्ञ दिनेश जाखड़ ने बताया कि पौध तैयार होने के बाद, रोपाई से पहले उन्हें बाहरी माहौल का आदी बनाने के लिए कुछ दिनों तक धीरे-धीरे छायादार नेट हटाते रहना चाहिए। इससे पौधों में सहने की ताकत बढ़ती है और खेत में रोपाई के बाद उनके जीवित बचे रहने का प्रतिशत ऊंचा रहता है। ऐसे में अगर किसान वैज्ञानिक तरीकों को अपनाकर यह खेती करें, तो उन्हें सब्जियों की ज्यादा पैदावार मिल सकती है और मुनाफा भी कहीं अधिक हो सकता है।

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