उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में मछली पालन का काम करने वाले परिवारों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार निषाद राज बोट सब्सिडी योजना के तहत नाव खरीदने के लिए आर्थिक मदद देने जा रही है, जिससे खासकर निषाद समुदाय के मछुआरों को अपना कारोबार बढ़ाने में सहूलियत मिलेगी।
योजना का मकसद और मछुआरों को फायदा
मत्स्य पालन विभाग के मुताबिक इस योजना का मकसद मत्स्य व्यवसाय से जुड़े निषाद समुदाय और बाकी पात्र मछुआरों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। मत्स्य अधिकारी आर.एन. तिवारी ने बताया कि पारंपरिक तरीकों और नाव की कमी के चलते मछुआरों को अक्सर कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। इसी वजह से सरकार निषाद राज बोट सब्सिडी योजना के जरिए उन्हें नाव खरीदने के लिए सीधे वित्तीय अनुदान देगी। इस मदद से मछुआरे रोज के काम में ज्यादा सुरक्षित तरीके से नदी में उतर सकेंगे और उनकी काम करने की क्षमता भी बढ़ेगी। साथ ही मछली उत्पादन बढ़ने से उनकी आजीविका और कमाई दोनों में इजाफा होने की उम्मीद है।
ऑनलाइन आवेदन कैसे करें, आखिरी तारीख क्या है
योजना का फायदा लेने के इच्छुक लोग मत्स्य पालन विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की प्रक्रिया 9 जुलाई 2026 से शुरू हो चुकी है और अभ्यर्थी 24 जुलाई 2026 तक विभाग के पोर्टल fisheries.up.gov.in के जरिए फॉर्म भर सकते हैं। तय समय सीमा के भीतर आवेदन करने वालों को ही योजना के तहत नाव खरीदने की सब्सिडी दी जाएगी, इसलिए मछुआरों को जल्द से जल्द आवेदन करने की सलाह दी जा रही है।
ऑफलाइन आवेदन के लिए हेल्प डेस्क की सुविधा
जिन मछुआरों के पास ऑनलाइन आवेदन की सुविधा नहीं है, उनके लिए ऑफलाइन आवेदन का विकल्प भी खुला रखा गया है। इसके लिए आजमगढ़ के मत्स्य पालन विभाग कार्यालय में खास हेल्प डेस्क बनाया गया है। यहां पहुंचकर अभ्यर्थी आवेदन प्रक्रिया, जरूरी कागजात और योजना से जुड़ी हर जानकारी हासिल कर सकते हैं। विभाग का कहना है कि इस हेल्प डेस्क का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि गांव-देहात के मछुआरों को भी योजना की जानकारी आसानी से मिल सके और कोई भी पात्र लाभार्थी सिर्फ जानकारी के अभाव में इस मदद से वंचित न रह जाए।




















