तमिलनाडु के सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में जन्म लेने वाले नवजातों को अब एक ग्राम सोने का छल्ला उपहार स्वरूप प्रदान किया जाएगा। राज्य के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सरकारी अस्पतालों की सेवाओं में जनता का विश्वास मजबूत करने और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से इस अनोखी पहल की रूपरेखा तैयार की है। यह योजना आगामी 22 जून 2026 के बाद जन्म लेने वाले बच्चों के लिए लागू होगी और इसे स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव लाने वाला कदम माना जा रहा है।
योजना की रूपरेखा और आंकड़े
आंकड़ों के मुताबिक, तमिलनाडु में हर साल करीब 7.80 लाख बच्चों का जन्म होता है, जिनमें से लगभग 53 प्रतिशत यानी 4.20 लाख प्रसव सरकारी चिकित्सालयों में संपन्न होते हैं। इस योजना को तमिल संस्कृति की पारंपरिक 'थायमामन सीर' प्रथा से प्रेरणा लेकर तैयार किया गया है। शुरुआती चरण के सफल क्रियान्वयन के लिए सरकार ने पहले ही 1,28,000 शुद्ध सोने के छल्ले खरीद लिए हैं।
पात्रता और आवेदन की प्रक्रिया
इस कल्याणकारी योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ विशेष दिशा-निर्देश तय किए गए हैं। यह सौगात केवल उन्हीं माताओं को मिलेगी जो तमिलनाडु की स्थायी निवासी हैं। इसके अलावा, योजना का लाभ पाने के लिए मां का पीआईसीएमई पोर्टल पर पंजीकरण होना और आरसीएच आईडी होना अनिवार्य शर्त है। प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रत्येक सोने के छल्ले पर एक यूनिक सीरियल नंबर अंकित किया गया है और इन्हें छेड़छाड़-रोधी सुरक्षित पैकेजिंग में रखा गया है।
वितरण की योजना और शुभारंभ
इस मेगा योजना का आधिकारिक शुभारंभ मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय खुद 28 सितंबर को करेंगे। जो बच्चे 22 जून से 28 सितंबर के बीच जन्म ले चुके हैं, उनके वितरण के लिए राज्यभर में 107 विशेष केंद्र बनाए गए हैं, जहां हर दिन 100 बच्चों के हिसाब से इन छल्लों का वितरण किया जाएगा। इस भव्य शुरुआत के बाद, भविष्य में व्यवस्था को नियमित करते हुए अस्पताल से छुट्टी मिलने के समय ही नवजात शिशु को सोने का यह छल्ला सौंप दिया जाएगा।



















