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उत्तर प्रदेश में घर के मुख्य कमाऊ सदस्य की मौत पर आश्रितों को 30 हजार रुपये का सहारा, आजमगढ़ में समाज कल्याण विभाग ने साझा की विस्तृत जानकारीबेनिफिट्स
28 अग॰ 2026, 9:39 am (16 दिन पहले)· 1

उत्तर प्रदेश में घर के मुख्य कमाऊ सदस्य की मौत पर आश्रितों को 30 हजार रुपये का सहारा, आजमगढ़ में समाज कल्याण विभाग ने साझा की विस्तृत जानकारी

उत्तर प्रदेश सरकार की राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत कमाने वाले मुखिया के असमय निधन पर पीड़ित परिवार को 30 हजार रुपये की एकमुश्त वित्तीय मदद दी जाती है।

उत्तर प्रदेश के गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को आकस्मिक विपत्ति के दौरान सामाजिक सुरक्षा देने के लिए राज्य सरकार कई कल्याणकारी कार्यक्रम चला रही है। इसी कड़ी में राष्ट्रीय परिवार कल्याण योजना के माध्यम से उस घर को सीधी आर्थिक सहायता पहुंचाई जाती है, जिसने अपने मुख्य कमाने वाले सदस्य को खो दिया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य बेसहारा हुए परिजनों को संकट की घड़ी में तुरंत राहत प्रदान करना है, ताकि वे अपनी बुनियादी जरूरतों को पूरा कर सकें। आजमगढ़ जिले में समाज कल्याण विभाग की ओर से इस योजना के क्रियान्वयन और आवेदन प्रक्रिया को लेकर आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।

कमाई करने वाले मुखिया के निधन पर 30 हजार रुपये की सहायता

आजमगढ़ के जिला समाज कल्याण अधिकारी वशिष्ठ नारायण सिंह के अनुसार, जब किसी परिवार के मुख्य उपार्जनकर्ता की किसी दुर्घटना या अस्वाभाविक कारणों से मृत्यु हो जाती है, तो आश्रित परिजनों पर आजीविका का बड़ा संकट खड़ा हो जाता है। ऐसे पीड़ित परिवारों को आर्थिक मजबूती देने के लिए सरकार एकमुश्त धनराशि प्रदान करती है। योजना के नियमों के अनुसार, पात्र आश्रित के बैंक खाते में 30 हजार रुपये की राशि सीधे भेजी जाती है। इसके लिए घटना घटित होने की तिथि से 1 वर्ष के भीतर आवेदन दाखिल करना अनिवार्य होता है। समय सीमा बीत जाने के बाद प्रस्तुत किए गए आवेदनों पर विचार नहीं किया जाता है।

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योजना की पात्रता और आयु से जुड़े मुख्य नियम

इस कल्याणकारी योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए सरकार ने कुछ अनिवार्य शर्तें तय की हैं। सबसे प्रमुख शर्त यह है कि मृत्यु के समय मृत कमाऊ सदस्य की उम्र 18 वर्ष से अधिक और 60 वर्ष से कम होनी चाहिए। यदि मृतक इस आयु सीमा के दायरे में आता है, तो उनके आश्रितों को सहायता राशि दी जाती है। लाभार्थियों की श्रेणी में मृतक की विधवा पत्नी, उनके नाबालिग बेटे, अविवाहित बेटियां तथा वृद्ध माता-पिता शामिल हैं। समाज कल्याण अधिकारी ने स्पष्ट किया कि इन मापदंडों को पूरा करने वाले परिवार ही योजना के तहत वित्तीय सहायता के हकदार बनते हैं।

मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना से बच्चों को अतिरिक्त संबल

जिला समाज कल्याण अधिकारी ने यह भी बताया कि राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के दस्तावेजों के आधार पर प्रभावित परिवार सरकार की अन्य योजनाओं का लाभ भी उठा सकते हैं। यदि मृतक अपने पीछे छोटे बच्चों को छोड़ गया है, तो महिला कल्याण विभाग द्वारा संचालित मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत उन्हें अतिरिक्त मासिक सहायता दी जाती है। इस योजना के अंतर्गत प्रति बच्चा 2500 रुपये प्रतिमाह दिए जाते हैं। यदि परिवार में दो पात्र बच्चे हैं, तो उन्हें कुल 5000 रुपये प्रतिमाह की आर्थिक मदद मिलती है। यह सहायता बच्चों को 18 वर्ष की आयु पूरी होने तक दी जाती है, जबकि विशेष परिस्थितियों में इसे 23 वर्ष की आयु तक विस्तारित किया जा सकता है।

आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज और विभागीय मदद

योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक के पास कुछ महत्वपूर्ण कागजात होना आवश्यक है। इसमें मृतक का मृत्यु प्रमाण पत्र और यह सिद्ध करने वाला साक्ष्य कि वही परिवार का मुख्य कमाऊ सदस्य था, बेहद जरूरी है। इसके अलावा परिवार का आय प्रमाण पत्र, बच्चों के शैक्षणिक दस्तावेज और आयु से संबंधित प्रमाण पत्र भी आवेदन के साथ संलग्न करने होते हैं। जो आवेदक ऑनलाइन फॉर्म भरने में कठिनाई महसूस करते हैं या जिन्हें प्रक्रिया समझ नहीं आ रही है, वे सीधे समाज कल्याण विभाग के कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। विभाग के कर्मचारी आवेदकों को फॉर्म जमा करने और योजना का लाभ प्राप्त करने में पूरी सहायता प्रदान करेंगे।

सवाल-जवाब

राष्ट्रीय परिवार कल्याण योजना के तहत कितनी आर्थिक सहायता मिलती है?
इस योजना के तहत पात्र आश्रित परिवार को सरकार की तरफ से 30 हजार रुपये की एकमुश्त सहायता राशि सीधे बैंक खाते में दी जाती है।
इस योजना का लाभ पाने के लिए मृतक की उम्र सीमा क्या होनी चाहिए?
मृतक मुख्य कमाने वाले व्यक्ति की उम्र मृत्यु के समय 18 वर्ष से अधिक और 60 वर्ष से कम होनी चाहिए।
घटना के कितने समय के अंदर आवेदन करना जरूरी है?
कमाऊ सदस्य के निधन की तिथि से 1 वर्ष के भीतर योजना के लिए आवेदन करना अनिवार्य है।
योजना का लाभ कौन-कौन से आश्रित ले सकते हैं?
मृतक की विधवा पत्नी, नाबालिग पुत्र, अविवाहित पुत्री तथा वृद्ध माता-पिता इस योजना के तहत पात्र आश्रित माने जाते हैं।
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत बच्चों को कितनी सहायता मिलती है?
मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत प्रति बच्चे 2500 रुपये प्रतिमाह और दो बच्चों की स्थिति में कुल 5000 रुपये प्रतिमाह 18 वर्ष की आयु तक दिए जाते हैं।
आवेदन के समय कौन-कौन से दस्तावेज जमा करने होंगे?
आवेदक के पास मृतक का मृत्यु प्रमाण पत्र, कमाऊ सदस्य होने का साक्ष्य, आय प्रमाण पत्र तथा बच्चों के शैक्षणिक व आयु संबंधी दस्तावेज होना अनिवार्य है।
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