दुर्गा पूजा के पावन अवसर से ठीक पहले पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बड़ी वित्तीय राहत दी है। राज्य के वित्त विभाग ने आधिकारिक अधिसूचना जारी करके महंगाई भत्ते और महंगाई राहत में बंपर बढ़ोतरी का ऐलान किया है। इस नए आदेश के तहत अब राज्य कर्मचारियों को 38 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता दिया जाएगा। सरकार द्वारा तय की गई यह नई दर 1 अक्टूबर से पूरे राज्य में लागू हो जाएगी। त्योहारी सीजन की शुरुआत में आए इस फैसले से राज्य के प्रशासनिक गलियारों, सरकारी दफ्तरों और पेंशनरों के परिवारों में खुशी का माहौल है। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच इस वेतन वृद्धि से कर्मचारियों की टेक होम सैलरी में सम्मानजनक इजाफा होगा।
संशोधित मूल वेतन पर होगी 38 प्रतिशत डीए की गणना
वित्त विभाग द्वारा मंगलवार को जारी किए गए आधिकारिक आदेश में स्पष्ट किया गया है कि इस फैसले से कर्मचारियों की मासिक आय पर सीधा और सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। महंगाई भत्ते की यह 38 प्रतिशत की नई दर संशोधित मूल वेतन के आधार पर तय की जाएगी। इसके अलावा, जिन चिकित्सा विशेषज्ञों या अन्य अधिकारियों को गैर व्यावसायिक भत्ता मिलता है, उन्हें भी इस बढ़ोतरी का पूरा लाभ मिलेगा। उनकी गणना में गैर व्यावसायिक भत्ते के हिस्से को भी शामिल किया जाएगा। हालांकि आदेश में यह भी साफ किया गया है कि डीए की गणना करते समय किसी अन्य विशेष या द्वितीयक भत्ते को इसमें नहीं जोड़ा जाएगा।
सरकारी कर्मचारियों के साथ पेंशनधारकों और निकाय कर्मियों को मिला लाभ
राज्य सरकार ने इस आर्थिक तोहफे का दायरा काफी व्यापक रखा है ताकि समाज के विभिन्न हिस्सों में कार्यरत कर्मियों को इसका सीधा फायदा मिल सके। इस फैसले के दायरे में केवल राज्य सरकार के नियमित प्रशासनिक कर्मचारी ही नहीं आएंगे, बल्कि सेवानिवृत्त हो चुके पेंशनभोगियों और पारिवारिक पेंशन प्राप्त करने वाले आश्रितों को भी 38 प्रतिशत की दर से महंगाई राहत प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, राज्य के सहायता प्राप्त विद्यालयों में तैनात शिक्षकों, गैर शिक्षण कर्मचारियों, वैधानिक निकायों और राज्य के अधीन आने वाले उपक्रमों के कर्मियों को भी शामिल किया गया है। स्थानीय स्वशासन की इकाइयों जैसे ग्राम पंचायतों और नगर निगमों के कर्मचारियों को भी इस संशोधित दर का सीधा लाभ मिलेगा।
पांचवें वेतन आयोग के दायरे वाले कर्मियों के लिए 223 प्रतिशत डीए
वे कर्मचारी जो वर्तमान में पांचवें वेतन आयोग के तहत अपना वेतन प्राप्त कर रहे हैं, उनके लिए भी सरकार ने एक ऐतिहासिक घोषणा की है। पांचवें वेतन आयोग के अंतर्गत आने वाले कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 171 प्रतिशत से बढ़ाकर सीधे 223 प्रतिशत कर दिया गया है। 52 प्रतिशत की यह एकमुश्त बढ़ोतरी 1 अक्टूबर से प्रभावी होगी। इसके साथ ही, जिन पेंशनरों की पेंशन संरचना अभी तक आरओपीए 2009 के तहत संशोधित नहीं हो सकी है, उन्हें भी 223 प्रतिशत की उच्च दर से ही महंगाई राहत का भुगतान किया जाएगा। जब तक उनकी पेंशन फाइलों का पुनरीक्षण पूरा नहीं हो जाता, तब तक उन्हें इसी 223 प्रतिशत की दर से नियमित आर्थिक लाभ मिलता रहेगा।
दिहाड़ी मजदूरों और दैनिक वेतनभोगियों की मजदूरी में 110 रुपये की वृद्धि
नियमित और स्थायी कर्मचारियों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल सरकार ने असंगठित और दैनिक आधार पर काम करने वाले दिहाड़ी मजदूरों के हितों का भी ध्यान रखा है। सरकार ने ऐसे दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की दैनिक मजदूरी में 110 रुपये प्रति दिन की तदर्थ बढ़ोतरी करने का निर्णय लिया है। यह विशेष वृद्धि उन श्रमिकों पर लागू होगी जो न्यूनतम मजदूरी अधिनियम या अन्य किसी वैधानिक प्रावधान के सीधे दायरे में नहीं आते हैं। 1 अक्टूबर से लागू होने वाले इस फैसले के बाद इन गरीब और मेहनतकश मजदूरों को हर कार्य दिवस के हिसाब से 110 रुपये अधिक मिलेंगे, जिससे दुर्गा पूजा के अवसर पर उनके घरों में भी आर्थिक खुशहाली आएगी।



















