छठ महापर्व के नजदीक आते ही दूसरे राज्यों में रोजी-रोटी कमाने गए पूर्वांचल और बिहार के प्रवासियों के सामने घर पहुंचने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। इसी परेशानी को उठाते हुए भोजपुरी अभिनेता खेसारी लाल यादव ने एक भावुक संदेश जारी कर शासन-प्रशासन का ध्यान इस ओर खींचा है। उन्होंने सोशल मीडिया मंच इंस्टाग्राम पर अपनी बात रखते हुए दोनों स्तरों की सरकारों से तत्काल दखल देने की विनती की है, ताकि परदेस में रहने वाले लोग समय पर अपने पैतृक गांव पहुंचकर परिवार संग सूर्योपासना का अनुष्ठान पूरा कर सकें।
त्योहार के सीजन में टिकटों की भारी किल्लत और महंगा सफर
प्रवासी कामगारों और छात्रों को हर साल की तरह इस बार भी छठ पर घर लौटने में पसीने छूट रहे हैं। नियमित ट्रेनों में लंबी प्रतीक्षा सूची बनी हुई है और सीट मिलना लगभग नामुमकिन साबित हो रहा है। दूसरी ओर, विमान यात्रा का खर्च इतना अधिक बढ़ चुका है कि साधारण आय वर्ग के लोग हवाई सफर की सोच भी नहीं सकते। ऐसे हालात में सामान्य यात्रियों के पास सीमित विकल्प बचे हैं। इसी लाचारी को आवाज देते हुए अभिनेता ने कहा कि घर लौटने का यह संघर्ष आम लोगों की जेब और हौसले दोनों पर भारी पड़ रहा है।
प्रशासन से विशेष गाड़ियां चलाने का आग्रह
रेल नेटवर्क पर बढ़ते दबाव को देखते हुए खेसारी लाल यादव ने रेल मंत्रालय और सरकारों से बड़े औद्योगिक केंद्रों से बिहार तथा पूर्वांचल के अलग-अलग जिलों के लिए अतिरिक्त स्पेशल ट्रेनें शुरू करने की मांग रखी। उनका कहना है कि बड़े शहरों में बसे लाखों कामगार सिर्फ इस एक पर्व के मौके पर अपनों के बीच जाना चाहते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि त्योहार पर घर जाना कोई विलासिता नहीं बल्कि लोक आस्था और पारिवारिक जुड़ाव का अहम हिस्सा है।
भावुक अपील में आस्था और जनभावना का जिक्र
अपनी बात को मजबूती से रखते हुए अभिनेता ने सत्ता तंत्र को यह भी याद दिलाया कि आम नागरिक अपनी समस्याओं को लेकर चुनी हुई व्यवस्था के सामने ही गुहार लगा सकता है। उन्होंने वीडियो में कहा, 'अगर हम अपना दुख आपसे नहीं कहेंगे तो फिर किससे कहेंगे।' लोक आस्था के इस पर्व को बिहार और पूर्वांचल के समाज के लिए मां जैसा पवित्र और संवेदनशील बताते हुए उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द ठोस कदम उठाने की प्रार्थना की, जिससे सफर की मुश्किलों में फंसे लोगों को त्वरित राहत मिल सके।



















