भोजपुरी सिनेमा के प्रमुख अभिनेताओं में शुमार दिनेश लाल यादव, जिन्हें प्रशंसक प्यार से निरहुआ के नाम से जानते हैं, अक्सर अपनी निजी जिंदगी और अपने विचारों को लेकर चर्चा में बने रहते हैं। हाल ही में डिजिटल कॉमेंट्री के साथ एक बातचीत के दौरान अभिनेता ने अपने पारिवारिक जीवन और कम उम्र में हुए विवाह को लेकर कई ऐसे खुलासे किए, जिन्होंने उनके प्रशंसकों को हैरान कर दिया है। दिनेश लाल यादव ने स्वीकार किया कि उनका विवाह उनके परिजनों के दबाव में हुआ था, जिसका मलाल उन्हें आज तक बना हुआ है।
कम उम्र में जबरन विवाह का पछतावा और करियर की चाह
बातचीत के दौरान निरहुआ ने बताया कि जब वे युवा थे और अपने करियर की शुरुआत कर रहे थे, उस समय वे शादी के लिए बिल्कुल भी तैयार नहीं थे। उन्होंने अपने माता-पिता से काफी अनुरोध किया था कि उन्हें पहले जीवन में कुछ बनने का मौका दिया जाए और अपना करियर स्थापित करने दिया जाए। हालांकि, पारिवारिक दबाव के कारण उनका कम उम्र में ही विवाह करवा दिया गया। अभिनेता का मानना है कि जीवन साथी हमेशा वही इंसान होना चाहिए, जिससे व्यक्ति सच्चा प्रेम करता हो। उन्होंने बताया कि उनके मामले में ऐसा नहीं हो सका, जिसके कारण उन्हें जीवन भर इसका अफसोस रहा।
पारिवारिक जिम्मेदारियां और भावनात्मक जुड़ाव का अभाव
दिनेश लाल यादव ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भले ही वे एक पति और पिता के रूप में अपनी हर जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाते आ रहे हैं, लेकिन भावनात्मक स्तर पर एक खालीपन हमेशा महसूस होता रहता है। उन्होंने अपनी इस भावना को छिपाने के बजाय अपनी पत्नी और बच्चों के साथ साझा भी किया है। अभिनेता ने अपने परिजनों और बच्चों से यह साफ कह दिया था कि माता-पिता के फैसले की वजह से विवाह तो हुआ और वे सभी पारिवारिक कर्तव्यों का पालन करेंगे, लेकिन दोनों के बीच वह भावनात्मक जुड़ाव कभी नहीं बन सका जो एक आदर्श शादी में होना चाहिए।
बच्चों के फैसले और भविष्य को लेकर पूर्ण स्वतंत्रता
अपने जीवन के इस अनुभव से सीख लेते हुए निरहुआ ने यह तय किया है कि वे अपने बच्चों पर कभी भी अपनी मर्जी नहीं थोपेंगे। उन्होंने अपने बच्चों को विवाह और करियर दोनों ही क्षेत्रों में अपनी पसंद के अनुसार निर्णय लेने की पूरी छूट दी है। निरहुआ ने कहा, "आपकी पसंद का लाइफ पार्टनर वही होना चाहिए जिससे आप प्यार करते हों।" अभिनेता के बड़े बेटे ने फिल्म निर्देशन के क्षेत्र में रुचि दिखाई, तो निरहुआ ने उन्हें तुरंत निर्देशकीय प्रशिक्षण के लिए भेज दिया। वहीं, उनका छोटा बेटा अभिनय के क्षेत्र में अपना भविष्य बनाना चाहता है। निरहुआ का मानना है कि यदि इंसान सच्चे मन से किसी काम में मेहनत करे, तो वह बहुत आगे बढ़ सकता है।



















