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उत्तराखंड में कमजोर पड़ा मॉनसून, पांच पहाड़ी जिलों में हल्की बौछारें और मैदानों में खिली रहेगी धूपउत्तराखंड
20 सित॰ 2026, 5:56 am (38 मिनट पहले)· 0

उत्तराखंड में कमजोर पड़ा मॉनसून, पांच पहाड़ी जिलों में हल्की बौछारें और मैदानों में खिली रहेगी धूप

उत्तराखंड में मॉनसून की रफ्तार धीमी पड़ने से मैदानी इलाकों में शुष्क मौसम बना रहेगा, जबकि उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग और पिथौरागढ़ समेत पांच पर्वतीय जनपदों में छिटपुट बारिश के आसार हैं.

उत्तराखंड के पर्वतीय और मैदानी अंचलों में मॉनसून की वापसी की प्रक्रिया से ठीक पहले मौसमी मिजाज में व्यापक नरमी दर्ज की जा रही है. पूरे राज्य के भीतर सक्रिय मानसूनी हलचल इस वक्त बेहद कमजोर स्थिति में पहुंच चुकी है. पिछले चौबीस घंटों के समय चक्र में भी समूचे राज्य में कहीं भी तेज या मूसलाधार बारिश देखने को नहीं मिली और केवल इक्का-दुक्का स्थानों पर नाममात्र की हल्की वर्षा दर्ज हुई है. 20 सितंबर को भी राज्य के अधिकांश हिस्सों में धूप खिलने के साथ वातावरण पूरी तरह साफ और शुष्क बना रहने वाला है.

पांच पर्वतीय जिलों में छिटपुट बारिश और गरज-चमक की संभावना

मौसम विज्ञान केंद्र देहरादून के ताजा विश्लेषण के मुताबिक, 20 सितंबर को प्रदेश के पांच प्रमुख उच्च हिमालयी और पहाड़ी जनपदों में स्थानीय स्तर पर बादलों का जमावड़ा दिख सकता है. इन जिलों में उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ शामिल हैं, जहां कहीं-कहीं बहुत हल्की से हल्की बारिश होने अथवा गरज-चमक के साथ फुहारें गिरने का अनुमान जताया गया है. इन पांच पर्वतीय क्षेत्रों को छोड़ दिया जाए तो उत्तराखंड के बाकी सभी इलाकों में बारिश की कोई गुंजाइश नहीं है और वहां का मौसम पूरी तरह से शुष्क रहने के आसार हैं.

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देहरादून और हरिद्वार समेत मैदानी इलाकों में चटक धूप

पहाड़ों के उलट मैदानी बेल्ट में शामिल देहरादून, धर्मनगरी हरिद्वार, ऋषिकेश, रुड़की और उधम सिंह नगर के काशीपुर व रुद्रपुर में दिनभर खिली धूप का असर दिखाई देगा. चटक धूप निकलने के चलते दोपहर के पहर में स्थानीय लोगों को हल्की तपिश और उमस का सामना करना पड़ सकता है, जबकि सुबह और शाम के वक्त हल्की ठंडक घुलने से मौसम काफी सुहावना और आरामदायक रहेगा. इन मैदानी जनपदों में बारिश की संभावना न होने के कारण रोजमर्रा के दफ्तर जाने वालों, स्थानीय कारोबारियों और सड़क मार्ग से यात्रा करने वाले मुसाफिरों को किसी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा.

चारधाम यात्रा मार्गों और प्रमुख धामों में मौसमी हालात

तीर्थाटन और पहाड़ी यात्रा मार्गों पर नजर डालें तो केदारनाथ-रुद्रप्रयाग, बदरीनाथ-जोशीमठ (चमोली) और गंगोत्री-यमुनोत्री (उत्तरकाशी) के इलाकों में आंशिक तौर पर बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है. दोपहर बाद अथवा शाम ढलने पर इन धामों के आसपास गरज के साथ बहुत हल्की छिटपुट फुहारें पड़ सकती हैं. हालांकि, राहत भरी बात यह है कि किसी भी तीर्थ मार्ग पर मूसलाधार बारिश, जलभराव या भूस्खलन का कोई अलर्ट या चेतावनी जारी नहीं की गई है, जिससे चारधाम यात्रा बिना किसी बाधा के सामान्य रूप से जारी रहेगी.

कुमाऊं मंडल के शहरों और पहाड़ी भागों का हाल

कुमाऊं क्षेत्र के प्रमुख तलहटी शहरों जैसे हल्द्वानी, रामनगर और काठगोदाम में आज दिनभर अच्छी धूप खिली रहेगी. वहीं बागेश्वर के साथ-साथ सीमांत पिथौरागढ़ के अधिक ऊंचाई वाले इलाकों में कहीं-कहीं रिमझिम फुहारें पड़ सकती हैं. दूसरी तरफ, अल्मोड़ा, नैनीताल और चंपावत जिलों में आज वर्षा की संभावना न के बराबर है और वहां का वातावरण पूरी तरह शुष्क व खुशनुमा बना रहेगा.

21 से 25 सितंबर तक आगे कैसा रहेगा मौसम

आगामी दिनों के अनुमान के अनुसार, 21 सितंबर से 24 सितंबर तक मौसम का यह ढर्रा बिना किसी बड़े बदलाव के लगातार जारी रहेगा. इस चार दिवसीय अवधि में भी उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में ही हल्की बौछारें पड़ने की सीमित संभावना रहेगी, जबकि शेष प्रदेश में मौसम सूखा रहेगा. इसके उपरांत 25 सितंबर को मौसम का पैटर्न थोड़ा बदलेगा, जिसके असर से कुमाऊं के अल्मोड़ा, नैनीताल और चम्पावत में भी हल्की बारिश अथवा गरज-चमक के साथ छिटपुट बौछारों की गतिविधियां दर्ज की जा सकती हैं.

सवाल-जवाब

20 सितंबर को उत्तराखंड के किन जिलों में बारिश होने की संभावना है?
उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में बहुत हल्की से हल्की बारिश अथवा गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है.
देहरादून और हरिद्वार में 20 सितंबर को कैसा मौसम रहेगा?
देहरादून और हरिद्वार में दिनभर धूप खिली रहेगी और मौसम पूरी तरह साफ तथा शुष्क बना रहेगा.
क्या चारधाम यात्रा मार्ग पर भारी बारिश या भूस्खलन का कोई अलर्ट है?
नहीं, यात्रा मार्गों पर किसी भी तरह की भारी बारिश या भूस्खलन की चेतावनी नहीं है और यात्रा सुचारू रूप से जारी रहेगी.
21 से 24 सितंबर तक राज्य में मौसम कैसा रहने वाला है?
21 से 24 सितंबर तक पांच पर्वतीय जिलों में हल्की बौछारें जारी रह सकती हैं, जबकि बाकी प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क रहेगा.
नैनीताल और अल्मोड़ा में बारिश का दौर कब शुरू हो सकता है?
मौसम विभाग के अनुसार, 25 सितंबर से नैनीताल, अल्मोड़ा और चंपावत में हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारों की संभावना बनेगी.
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टिप्पणियाँ 2

Rohan Verma@rohan-verma·10 मिनट पहले

यह मौसमी बदलाव चारधाम यात्रा और मैदानी जनजीवन के लिए बेहद राहत भरा है, क्योंकि भारी बारिश और भूस्खलन का न होना सुगम आवागमन सुनिश्चित करता है। हालांकि, मॉनसून की इस कमजोरी का असर आने वाले दिनों में कृषि क्षेत्र और भूजल स्तर पर भी पड़ सकता है, जिस पर आगे नजर रखनी होगी।

Karan Malhotra@karan-malhotra·9 मिनट पहले

रोहन ने यात्रा सुरक्षा और सुगम आवागमन का जो पहलू उठाया है, वह प्रशासनिक और जनसामान्य की दृष्टि से बिल्कुल सटीक है। एक क्राइम और कानून-व्यवस्था संवाददाता के तौर पर मेरा मानना है कि उत्तराखंड जैसे संवेदनशील पर्वतीय भूगोल में मौसम का शांत रहना आपदा प्रबंधन तंत्र, पुलिस प्रशासन और सड़क सुरक्षा एजेंसियों के लिए भी राहत की बड़ी खबर है। अतिवृष्टि और भूस्खलन न होने से न सिर्फ मार्गों पर आपातकालीन राहत और बचाव बलों की तैनाती का दबाव कम होता है, बल्कि पर्यटकों व श्रद्धालुओं के आवागमन को नियंत्रित करने में भी बड़ी आसानी रहती है। हालांकि, बदलते मौसम चक्र के बीच यात्रा मार्गों पर वाहनों की तेज गति और संभावित प्रशासनिक लापरवाही पर नजर बनाए रखना जरूरी होगा ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो।

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