राजधानी दिल्ली की भागदौड़ भरी जिंदगी में यदि किसी को ठेठ घर के बने खाने की तलब महसूस हो, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश के पारम्परिक व्यंजनों की, तो चाणक्यपुरी स्थित उत्तर प्रदेश भवन की कैंटीन का रुख किया जा सकता है। यह जगह उन लोगों के लिए बेहद मुफीद है जो रेस्तरां के भारी-भरकम मसालों से हटकर सादगी भरा उत्तर भारतीय भोजन तलाशते हैं। यहां केवल दोपहर का खाना ही नहीं मिलता, बल्कि सुबह की शुरुआत से लेकर रात तक नियमित अंतराल पर अलग-अलग वक्त के हिसाब से खानपान की पूरी श्रृंखला उपलब्ध कराई जाती है। भोजन की योजना बनाने से पहले यहां के समय और खर्च का पूरा ब्योरा समझ लेना उपयोगी रहता है।
सुबह का नाश्ता और समय सारिणी
दिन की शुरुआत में हल्का और घर जैसा भोजन चाहने वालों के लिए यहां सुबह करीब 7:30 बजे से लेकर 10:30 बजे तक नाश्ता परोसा जाता है। सुबह के इस मेन्यू में गरमा-गरम पूड़ी-सब्जी, कई तरह के पराठे और अन्य सामान्य पारंपरिक भारतीय नाश्ते के विकल्प मौजूद रहते हैं। जो लोग सामान्य होटलों के पश्चिमी या तड़क-भड़क वाले नाश्ते के मुकाबले देसी स्वाद को तरजीह देते हैं, उनके लिए यह समय और मेन्यू काफी सुविधाजनक साबित होता है।
125 रुपये की संपूर्ण वेज थाली
दोपहर के भोजन के समय यहां की शाकाहारी थाली सबसे मुख्य आकर्षण मानी जाती है, जिसकी दर करीब ₹125 रखी गई है। इस थाली को एक संतुलित और संपूर्ण भोजन के रूप में तैयार किया जाता है, जिसमें दाल, छोले, सेम-आलू की स्वादिष्ट तरी वाली सब्जी, चावल और गर्म चपातियां शामिल होती हैं। खाने को पूरा करने के लिए थाली में ताजी कटी सलाद के साथ मीठे में एक बर्फी भी परोसी जाती है। सादा, पौष्टिक और पेट भरने वाला यह देसी भोजन उत्तर प्रदेश के ग्रामीण और शहरी घरों की रसोई के स्वाद को हूबहू थाली में उतार देता है।
शाम के स्नैक्स और डिनर की व्यवस्था
दोपहर के भोजन के बाद शाम के समय हल्की भूख मिटाने के लिए भी यहां विशेष प्रबंध है। शाम करीब 4:00 बजे से 6:30 बजे तक फूड सर्विस के तहत चाय के साथ हल्के स्नैक्स उपलब्ध कराए जाते हैं। लंच और डिनर के बीच के इस वक्त में कोई भी व्यक्ति यहां रुककर गरमा-गरम चाय और नाश्ते का आनंद ले सकता है। इसके बाद रात के भोजन की सेवा शुरू होती है, जिसका समय शाम 7:30 बजे से रात 10:30 बजे तक निर्धारित है। रात के वक्त भी पारंपरिक उत्तर भारतीय भोजन परोसा जाता है, जहां परिवार या मित्रों के समूह के साथ पहुंचकर थाली और अन्य विविध देसी व्यंजनों के जरिए एक साथ कई स्वादों का लुत्फ उठाया जा सकता है।

















