बिहार की एक किशोरी के बैंक अकाउंट में अचानक दिखे 759 करोड़ रुपये, वजह जानकर उड़े परिजनों के होशबिहार
2 घंटे पहले· 1

बिहार की एक किशोरी के बैंक अकाउंट में अचानक दिखे 759 करोड़ रुपये, वजह जानकर उड़े परिजनों के होश

बिहार के मधेपुरा जिले में एक किशोरी के बैंक खाते में 800 रुपये निकालने के बाद रसीद पर 759 करोड़ रुपये से ज्यादा का बैलेंस दिखा, बैंक ने इसे सॉफ्टवेयर अपडेट की गड़बड़ी बताया।

बिहार के मधेपुरा जिले में एक किशोरी के बैंक खाते में अचानक 759 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम दिखने लगी और कुछ पलों के लिए पूरा परिवार खुद को करोड़पति समझने लगा, लेकिन असली वजह पता चलते ही यह खुशी टूटकर बिखर गई।

800 रुपये निकालने गई थी, हिसाब में दिखा अरबों का आंकड़ा

यह मामला ग्वालपाड़ा प्रखंड के पड़ोकिया गांव के वार्ड नंबर आठ का है। यहां रहने वाले अनिल दास की 17 साल की बेटी रूपा कुमारी का खाता सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में है। शनिवार को रूपा गांव में मौजूद सीएसपी सेंटर पर पहुंची और आधार सक्षम भुगतान प्रणाली यानी AEPS के जरिए सिर्फ 800 रुपये निकालने का लेनदेन किया। पैसा बिना किसी दिक्कत के मिल गया, लेकिन असली चौंकाने वाली बात इसके बाद सामने आई।

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रसीद देखकर सन्न रह गए किशोरी और उसके परिजन

सीएसपी संचालक ने जब रूपा को लेनदेन की रसीद थमाई, तो उसमें 800 रुपये की निकासी, बैंक का नाम और ट्रांजेक्शन के सफल होने की जानकारी बिल्कुल सही दर्ज थी। मुश्किल यह थी कि रसीद पर बचे हुए बैलेंस के तौर पर 7,59,69,51,951.16 रुपये यानी 759 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम छपी थी। इतनी बड़ी रकम देखकर पहले तो किशोरी और उसके घरवाले हक्के बक्के रह गए। परिजनों ने बाद में बताया कि यह एक माइनर अकाउंट है, जिसमें आमतौर पर बेहद मामूली रकम ही रहती है और इससे पहले सिर्फ दो बार, वो भी पांच पांच हजार रुपये की निकासी हुई थी। इतनी छोटी रकम की निकासी और खाते में दिख रही अरबों की रकम के बीच के इस फर्क ने पूरे गांव में हलचल मचा दी, और लोग परिवार की अचानक बनी किस्मत के बारे में सुनने के लिए जुटने लगे।

बैंक ने बताया सॉफ्टवेयर अपडेट का मामला, टूटा अमीर बनने का सपना

बात फैलते ही परिवार को शक हुआ कि कहीं खाते के साथ कोई धोखाधड़ी या गंभीर गड़बड़ी तो नहीं हुई, और उन्होंने बैंक से सही बैलेंस बताने की मांग की। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की बिहारीगंज शाखा के सहायक शाखा प्रबंधक अनिमेष अंशु ने बताया कि दो तीन दिन पहले ही बैंक के सिस्टम सॉफ्टवेयर को अपडेट किया गया था, और इसी वजह से कुछ ग्राहकों के खातों में गलत बैलेंस दिखाई दे रहा है। उन्होंने साफ किया कि यह पूरी तरह एक तकनीकी दिक्कत है और अगले दो तीन दिन में अपने आप ठीक हो जाएगी। सच्चाई सामने आते ही रूपा का करोड़पति बनने का सपना चकनाचूर हो गया और बताया गया कि इससे उसका दिल टूट गया।

कुछ ही दिनों में बिहार का यह दूसरा ऐसा मामला

बिहार में ऐसा वाकया पहली बार सामने नहीं आया है। इससे कुछ दिन पहले ही पड़ोसी सुपौल जिले में भी ऐसा ही मामला सामने आया था, जहां 2,100 रुपये निकालने गई एक आंगनबाड़ी सहायिका के खाते में 740 करोड़ रुपये का बैलेंस दिख रहा था। वह मामला भी उस इलाके में खूब चर्चा में रहा था, और बाद में उसकी वजह भी तकनीकी खराबी ही निकली थी। अलग अलग जिलों में कम समय के अंदर सामने आए इन दो मामलों ने अब बैंकिंग सॉफ्टवेयर के इस अपडेट की भरोसेमंदी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।

सवाल-जवाब

यह घटना कहां हुई?
बिहार के मधेपुरा जिले के ग्वालपाड़ा प्रखंड स्थित पड़ोकिया गांव में।
किसके खाते में गलत बैलेंस दिखा?
अनिल दास की 17 साल की बेटी रूपा कुमारी के सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया खाते में।
रसीद में कितनी रकम दिखी?
7,59,69,51,951.16 रुपये, यानी 759 करोड़ रुपये से ज्यादा।
रूपा ने कितने रुपये निकाले थे?
उसने AEPS के जरिए गांव के सीएसपी से सिर्फ 800 रुपये निकाले थे।
बैंक ने इसकी क्या वजह बताई?
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बिहारीगंज के सहायक शाखा प्रबंधक अनिमेष अंशु ने बताया कि दो तीन दिन पहले सिस्टम सॉफ्टवेयर अपडेट होने से यह गड़बड़ी आई है।
क्या यह समस्या ठीक हो जाएगी?
बैंक के मुताबिक यह पूरी तरह तकनीकी दिक्कत है और अगले दो तीन दिन में अपने आप ठीक हो जाएगी।
क्या बिहार में पहले भी ऐसा हो चुका है?
हां, हाल ही में सुपौल जिले में एक आंगनबाड़ी सहायिका के खाते में भी 740 करोड़ रुपये का बैलेंस दिखा था।

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