सारण में सरकारी जमीन को लेकर बड़ा एक्शन, 900 एकड़ भूमि से फर्जी जमाबंदी हटी, नए सिरे से होगा सर्वेबिहार
1 दिन पहले· 2

सारण में सरकारी जमीन को लेकर बड़ा एक्शन, 900 एकड़ भूमि से फर्जी जमाबंदी हटी, नए सिरे से होगा सर्वे

सारण जिले के सोनपुर अनुमंडल में करीब 900 एकड़ सरकारी जमीन की अवैध जमाबंदी रद्द कर दी गई है। डीएम वैभव श्रीवास्तव ने सभी अंचल अधिकारियों को सर्वे तेज करने और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है।

बिहार के सारण जिले में सरकारी जमीन हड़पने के खेल पर जिला प्रशासन ने बड़ा वार किया है। सोनपुर अनुमंडल इलाके में करीब 900 एकड़ सरकारी भूमि पर जो जमाबंदी फर्जी तरीके से करा ली गई थी, उसे रद्द कर दिया गया है। यह कार्रवाई सामने आते ही जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने पूरे जिले के अंचल अधिकारियों को सतर्क कर दिया और सरकारी जमीनों की पहचान व सीमांकन के लिए विशेष अभियान और तेज करने का निर्देश दे दिया। प्रशासन का साफ कहना है कि अतिक्रमण से मुक्त कराई गई इस जमीन का इस्तेमाल आगे चलकर सार्वजनिक परियोजनाओं, बुनियादी ढांचे और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं में किया जाएगा।

हर अंचल में सर्वे, फर्जी जमाबंदी वालों की पहचान का आदेश

डीएम वैभव श्रीवास्तव ने अधिकारियों से कहा है कि जिले के सभी अंचलों में सरकारी भूमि का सर्वे कराया जाए और जहां भी अवैध जमाबंदी का मामला सामने आए, उसकी बारीकी से जांच हो। जिन प्लॉट पर गलत तरीके से जमाबंदी दर्ज कराई गई है, उन्हें तुरंत चिन्हित कर उसकी रिपोर्ट भेजने को कहा गया है। इसके अलावा हर प्लॉट का अलग-अलग सत्यापन कर उससे जुड़ी पूरी जानकारी जिला प्रशासन तक पहुंचाने का निर्देश भी दिया गया है, ताकि कहीं कोई गड़बड़ी छूटे नहीं।

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अब ऑनलाइन सिस्टम से होगी सरकारी जमीन की निगरानी

जिला प्रशासन अब सरकारी जमीन से जुड़े मामलों पर नजर रखने के लिए डिजिटल व्यवस्था लागू करने की तैयारी में जुट गया है। इस नई व्यवस्था के तहत भूमि से जुड़े रिकॉर्ड का सत्यापन, उनकी रिपोर्टिंग और निगरानी, सबकुछ ऑनलाइन प्रणाली के जरिए किया जाएगा। मकसद यह है कि आने वाले समय में अवैध जमाबंदी और सरकारी जमीन पर कब्जे जैसी घटनाओं पर पहले से ही असरदार तरीके से लगाम लगाई जा सके, ताकि भू-माफिया दोबारा ऐसी हरकत करने से पहले सौ बार सोचें।

लापरवाही बरतने वाले अफसरों को सख्त चेतावनी

प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि इस पूरे अभियान में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सर्वे और जांच के काम में जो अधिकारी या कर्मचारी ढिलाई बरतते पाए जाएंगे, उन पर सीधे सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। डीएम की तरफ से यह चेतावनी खासतौर पर इसलिए दी गई है ताकि अंचल स्तर के अधिकारी इस मुहिम को गंभीरता से लें और तय समय में अपनी रिपोर्ट सौंपें।

सार्वजनिक और विकास कार्यों में इस्तेमाल होगी जमीन

जिला प्रशासन ने दोहराया है कि अतिक्रमण से मुक्त कराई गई जमीन का उपयोग आने वाले दिनों में बड़ी सार्वजनिक परियोजनाओं, बुनियादी विकास कार्यों और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के निर्माण में किया जाएगा। यानी जो जमीन अब तक भू-माफियाओं के कब्जे या फर्जी कागजातों की भेंट चढ़ी हुई थी, वह अब आम लोगों के काम आने वाली योजनाओं की बुनियाद बनेगी।

सवाल-जवाब

सारण जिले में कितनी सरकारी जमीन की जमाबंदी रद्द की गई है?
सोनपुर अनुमंडल में करीब 900 एकड़ सरकारी भूमि की अवैध जमाबंदी रद्द की गई है।
यह कार्रवाई किसने शुरू करवाई?
सारण के जिलाधिकारी वैभव श्रीवास्तव ने यह कार्रवाई कराते हुए सभी अंचल अधिकारियों को सर्वे तेज करने का निर्देश दिया।
अतिक्रमण मुक्त कराई गई जमीन का इस्तेमाल किसके लिए होगा?
इस जमीन का उपयोग सार्वजनिक परियोजनाओं, बुनियादी ढांचे और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए किया जाएगा।
सरकारी जमीन की निगरानी के लिए क्या नया सिस्टम लाया जा रहा है?
जिला प्रशासन भूमि रिकॉर्ड के सत्यापन, रिपोर्टिंग और निगरानी के लिए एक ऑनलाइन डिजिटल व्यवस्था लागू करने की तैयारी कर रहा है।
लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर क्या कार्रवाई होगी?
सर्वे या जांच में लापरवाही करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर सीधे सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
अंचल अधिकारियों को क्या निर्देश दिए गए हैं?
सभी अंचल अधिकारियों को सरकारी भूमि का सर्वे कर अवैध जमाबंदी वाले प्लॉट चिन्हित करने और तुरंत रिपोर्ट भेजने को कहा गया है।

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