बिहार में मंगलवार को मानसून की सक्रियता एक बार फिर बढ़ने वाली है. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने राज्य के उत्तर, उत्तर-पूर्व और पूर्वी हिस्सों के लिए भारी बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है. साथ ही कई जिलों में वज्रपात यानी ठनका गिरने का खतरा भी बना हुआ है, जिसे देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान पूरी सतर्कता बरतने को कहा है. अररिया, पूर्णिया और कटिहार समेत कुल 18 जिलों में आज गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है, इसलिए इन इलाकों में रहने वालों को खास ध्यान रखने की जरूरत है.
किन 18 जिलों में आज बरसेंगे बादल
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक आज पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, वैशाली, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, शिवहर, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, सहरसा, मधेपुरा, अररिया, पूर्णिया, कटिहार और किशनगंज में बारिश के साथ-साथ गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है. सीमांचल और मिथिलांचल के दायरे में आने वाले कई जिलों के कुछ इलाकों में भारी बारिश भी दर्ज हो सकती है. इसका मतलब है कि इन जिलों में सिर्फ बारिश ही नहीं, तेज हवाओं से भी नुकसान का खतरा बना रहेगा, इसलिए खुले में काम कर रहे लोगों और किसानों को खासतौर पर सावधानी बरतनी चाहिए.
वज्रपात का सबसे ज्यादा खतरा कहां
पटना स्थित मौसम विभाग के दफ्तर ने खासतौर पर उत्तर-पूर्वी बिहार के जिलों, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, अररिया, सुपौल और मधुबनी में वज्रपात की आशंका जताई है. गरज-चमक वाले बादल छाने के दौरान बिजली गिरने का खतरा सबसे ज्यादा खुले मैदानों, खेतों, अकेले खड़े पेड़ों और बिजली के खंभों के आसपास होता है, इसलिए मौसम विभाग ने साफ तौर पर सलाह दी है कि ऐसे मौसम में इन जगहों से दूर रहा जाए. जो लोग खेतों में काम कर रहे हों या यात्रा पर हों, उन्हें बादल गरजते ही सुरक्षित और पक्के ठिकाने की तलाश करनी चाहिए.
सबसे ज्यादा गर्मी और उमस कहां रहेगी
बिहार के दक्षिण-पश्चिम और दक्षिण-मध्य हिस्से में बादल छाए रहने के बावजूद गर्मी से राहत नहीं मिलेगी. कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, गया, नवादा और बक्सर जैसे जिलों में आज अधिकतम तापमान 33 से 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. यहां बारिश की गतिविधि कम रहने के कारण उमस भी ज्यादा महसूस होगी. यानी जहां उत्तर-पूर्वी बिहार बारिश और हवाओं से जूझेगा, वहीं दक्षिणी हिस्से के लोग चिपचिपी गर्मी से परेशान रह सकते हैं.
सबसे सुहावना मौसम इन जिलों में
इसके उलट किशनगंज, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, सुपौल, सहरसा और मधुबनी में बारिश की वजह से मौसम अपेक्षाकृत ठंडा और सुहावना बना रहेगा. इन जिलों में अधिकतम तापमान 28 से 31 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. लगातार बादल छाए रहने और रुक-रुक कर होने वाली बारिश से यहां के लोगों को उमस भरी गर्मी से कुछ राहत जरूर मिलेगी, भले ही इसके साथ वज्रपात का खतरा भी जुड़ा हो.
सीमांचल, कोसी और मिथिलांचल में सबसे सक्रिय मानसून
आज मानसून का सबसे ज्यादा असर सीमांचल, कोसी और मिथिलांचल क्षेत्र के जिलों में देखने को मिलेगा. किशनगंज, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, सुपौल, सहरसा, मधुबनी और दरभंगा में दिनभर रुक-रुक कर बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का सिलसिला जारी रह सकता है. इन इलाकों में मौसम की गतिविधियां लगातार बदलती रहेंगी, इसलिए यहां के निवासियों को दिनभर मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखनी चाहिए.
सबसे खराब मौसम और जलभराव का खतरा कहां
बिहार में आज सबसे खराब मौसम किशनगंज, अररिया, पूर्णिया, कटिहार, सुपौल, सहरसा, मधुबनी, दरभंगा, पश्चिम चंपारण और पूर्वी चंपारण में रहने की आशंका है. इन जिलों में भारी बारिश, तेज हवा, जलभराव और वज्रपात, चारों तरह के खतरे एक साथ बने रह सकते हैं. निचले इलाकों में पानी भरने से यातायात प्रभावित होने की भी आशंका है. यही वजह है कि पटना मौसम विभाग ने लोगों से अनावश्यक यात्रा टालने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित व पक्के स्थानों पर ही रुकने की अपील की है.
सोमवार को कैसा रहा था बिहार का मौसम
इससे पहले सोमवार को पटना, भागलपुर, पूर्णिया, कटिहार, किशनगंज, अररिया, मुजफ्फरपुर और इनके आसपास के कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई थी. उस दौरान भी कई जिलों में तेज हवाएं चलीं और गरज-चमक देखने को मिली, जिससे तापमान में गिरावट आई और लोगों को उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत मिली थी. मंगलवार का पूर्वानुमान बताता है कि यह सिलसिला थमने के बजाय और तेज होने वाला है, खासकर उत्तर-पूर्वी बिहार के जिलों में.











