बिहार में कानून-व्यवस्था की स्थिति और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्य प्रशासन के कामकाज पर कड़ा प्रहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि समूचे प्रदेश में प्रशासनिक नियंत्रण कमजोर पड़ चुका है, जिसके चलते आम जनता को थानों और प्रखंड कार्यालयों में रिश्वतखोरी व मनमानी का सामना करना पड़ रहा है। विपक्ष के नेता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी बात रखते हुए कहा कि राज्य में हत्या, लूटपाट, अपहरण और फिरौती मांगने की वारदातें आम हो चुकी हैं और बेखौफ घूमते अपराधियों के कारण आम नागरिक भारी डर के साए में जी रहे हैं।
प्रशासनिक भ्रष्टाचार और शराबबंदी पर तेजस्वी यादव के आरोप
तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार की नीतियों और जमीनी हकीकत पर सवाल उठाते हुए कहा कि छोटी बच्चियों और महिलाओं के साथ लगातार दुष्कर्म व अभद्रता की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस थानों और प्रशासनिक ब्लॉक में फैले भ्रष्टाचार से जनता त्रस्त हो चुकी है। विपक्ष के नेता ने शराबबंदी कानून के क्रियान्वयन पर भी तीखा वार किया और आरोप लगाया कि शराबबंदी के नाम पर पुलिस मनी लॉन्ड्रिंग जैसे अवैध धंधों में संलिप्त है। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री के बयानों से जमीनी हालात बदलने वाले नहीं हैं और सरकार केवल बयानबाजी कर अपनी जिम्मेदारियों से बच रही है।
समस्तीपुर में युवती से दिन-दहाड़े बदसलूकी और गिरफ्तारियां
विपक्ष के इन तीखे हमलों के बीच समस्तीपुर जिले से एक ऐसा मामला सामने आया जिसने प्रशासनिक महकमे में हलचल मचा दी। कर्पूरी ग्राम पुलिस स्टेशन क्षेत्र के जगत सिंह तटबंध इलाके से जुड़ा एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर फैल गया, जिसमें कुछ अराजक तत्व दिन-दहाड़े एक युवती के साथ खुलेआम बदसलूकी करते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने वायरल फुटेज का संज्ञान लेते हुए तुरंत जांच शुरू की और मामले में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। यद्यपि वीडियो की आधिकारिक रिकॉर्डिंग की सटीक तारीख और समय की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है, लेकिन दृश्य सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं।
जमुई की घटना और सोशल मीडिया दुरुपयोग पर जदयू की चेतावनी
समस्तीपुर का यह मामला जमुई जिले में 10वीं कक्षा की एक छात्रा के साथ हुई मारपीट और दुर्व्यवहार की घटना के कुछ ही दिनों बाद सामने आया है। जमुई में दो नाबालिगों के साथ हुई बदसलूकी का वीडियो वायरल होने के बाद समाज और राजनीतिक गलियारों में भारी आक्रोश देखा गया था। सत्ता पक्ष की ओर से जनता दल यूनाइटेड यानी जदयू के नेता राजीव रंजन ने घटनाओं की कड़े शब्दों में निंदा की। राजीव रंजन ने चेतावनी देते हुए कहा कि जो अपराधी ऐसी घटनाओं में शामिल हैं और जमुई में प्रशासन द्वारा की गई कड़ी कार्रवाई से सबक नहीं ले रहे हैं, उन्हें सीधे जेल की सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो लोग महिलाओं के अपमान से जुड़े ऐसे वीडियो रिकॉर्ड करते हैं और अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल का इस्तेमाल इन्हें फैलाने के लिए करते हैं, उन्हें किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
सोशल मीडिया पर पहचान उजागर करने वालों पर पुलिस का शिकंजा
जमुई प्रकरण में पुलिस ने न केवल मुख्य आरोपियों बल्कि पीड़िता की निजता और पहचान को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ भी व्यापक अभियान चलाया है। नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले वीडियो फुटेज और आपत्तिजनक सामग्री को सोशल मीडिया पर पोस्ट करने के आरोप में करीब 120 प्रोफाइल्स के खिलाफ प्राथमिकी यानी FIR दर्ज की गई है। जमीनी स्तर पर कार्रवाई करते हुए अधिकारियों ने कुंदन कुमार, फैयाज और रामाशिश कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। जमुई पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले या आपत्तिजनक वीडियो किसी भी डिजिटल प्लेटफॉर्म पर साझा न करें। पुलिस की अलग-अलग टीमें मामले में शामिल अन्य संदिग्धों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही हैं, वहीं पुलिस मुठभेड़ के दौरान घायल हुए एक आरोपी का इलाज जमुई सदर अस्पताल में चल रहा है।



















