रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया की आगामी मौद्रिक नीति बैठक को लेकर वित्तीय बाजारों में हलचल तेज हो गई है। आर्थिक आंकड़ों में नरमी के स्पष्ट संकेत दिखने के बावजूद इस बात की संभावना काफी मजबूत हो गई है कि केंद्रीय बैंक नीतिगत ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी का फैसला ले सकता है। पहले यह अनुमान लगाया जा रहा था कि केंद्रीय बैंक अपनी सख्त मौद्रिक नीति को अब और आगे नहीं बढ़ाएगा, लेकिन मौजूदा बाजार मूल्य निर्धारण और ईंधन की बढ़ती कीमतों ने परिदृश्य को पूरी तरह बदल दिया है।
कमर्शबैंक के विश्लेषक का रुख और महंगाई का गणित
कमर्शबैंक के विश्लेषक फोकमर बाउर का अनुमान है कि रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया बाजार की आक्रामक उम्मीदों के अनुरूप कदम उठाएगा और अगले सप्ताह दर वृद्धि की घोषणा करेगा। हालांकि बाउर बुनियादी आर्थिक आंकड़ों के आधार पर इस सख्ती के औचित्य को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं, फिर भी उनका मानना है कि केंद्रीय बैंक बाजार के रुझान के साथ तालमेल बिठा सकता है।
मुद्रास्फीति के मोर्चे पर स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। जुलाई के महीने में वार्षिक आधार पर महंगाई दर 3.5% दर्ज की गई थी। इसके बाद पेट्रोल और डीजल के वैश्विक दामों में आई तेजी के कारण अगस्त में इसके काफी अधिक रहने की आशंका जताई जा रही है। आधिकारिक मुद्रास्फीति के आंकड़े केंद्रीय बैंक की बैठक के एक दिन बाद यानी बुधवार को सार्वजनिक किए जाएंगे, लेकिन नीति निर्माताओं के पास पहले से ही इस बात का अनुमान रहने की उम्मीद है कि यह आंकड़ा किस स्तर तक जा सकता है।
घरेलू अर्थव्यवस्था में सुस्ती और बेरोजगारी के आंकड़े
महंगाई के अलावा अन्य सभी घरेलू संकेतक आर्थिक कमजोरी की ओर इशारा कर रहे हैं। परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स जैसे महत्वपूर्ण धारणा सूचकांक आर्थिक मंदी का संकेत दे रहे हैं। इसके साथ ही श्रम बाजार के नए आंकड़ों से पता चला है कि देश में बेरोजगारी की दर 4.5% से बढ़कर 4.6% पर पहुंच गई है, जो लगभग पांच वर्षों में इसका उच्चतम स्तर है। हालांकि इसी दौरान रोजगार परिवर्तन के आंकड़े उम्मीद से बेहतर रहे और नई नौकरियों की संख्या 39.5K दर्ज की गई।
रियल एस्टेट क्षेत्र में भी सुस्ती साफ दिखाई दे रही है। प्रमुख शहरों, विशेष रूप से सिडनी और मेलबर्न के आवासीय बाजारों में कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है और संपत्ति बाजार की रफ्तार तेजी से धीमी हुई है। बाउर का कहना है कि बुनियादी आंकड़े आगे किसी दर वृद्धि का समर्थन नहीं करते, क्योंकि केवल नीतिगत दर बढ़ाकर वैश्विक डीजल की कीमतों को नियंत्रित नहीं किया जा सकता।
वैश्विक मुद्रा बाजारों में उतार-चढ़ाव और केंद्रीय बैंकों के कदम
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर एशियाई कारोबारी सत्र के दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 0.7000 के स्तर की ओर फिसलता नजर आया। श्रम बाजार के कमजोर आंकड़ों और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप तथा चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होने वाली अहम बैठक को लेकर निवेशकों में बनी सतर्कता ने मुद्रा पर दबाव बनाया है। वैश्विक बाजार इन दोनों नेताओं की वार्ता में दुर्लभ पृथ्वी तत्वों, तकनीकी प्रतिबंधों और व्यापार समझौते की समयसीमा पर होने वाली प्रगति पर नजर बनाए हुए हैं।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में USD/JPY तीन सप्ताह के उच्चतम स्तर से गिरकर 158.00 के करीब आ गया है। जापानी सरकारी बॉन्ड यील्ड में उछाल और संभावित मुद्रा हस्तक्षेप के जोखिम के बीच जापानी येन मजबूत हुआ है। वहीं अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में तेजी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख की उम्मीदों से अमेरिकी डॉलर ने दो महीने के उच्च स्तर के करीब अपनी मजबूती बनाए रखी है।
अन्य प्रमुख केंद्रीय बैंकों की बात करें तो बैंक ऑफ जापान ने मौद्रिक नीति को सामान्य बनाने की दिशा में आगे बढ़ते हुए अपने अल्पकालिक नीतिगत ब्याज दर लक्ष्य को 1.00% से बढ़ाकर 1.25% कर दिया है। यह फैसला 7-2 के बहुमत से लिया गया। दूसरी ओर, स्विस नेशनल बैंक ने अपनी प्रमुख नीतिगत दर को बिना किसी बदलाव के 0% पर बरकरार रखा है। स्विस केंद्रीय बैंक ने स्पष्ट किया है कि बैंकों की जमा राशि पर एक निश्चित सीमा तक नीतिगत दर के अनुसार प्रतिफल दिया जाएगा। स्विस नेशनल बैंक ने वर्ष 2026 के लिए अपने मुद्रास्फीति पूर्वानुमान को 0.6% से थोड़ा बढ़ाकर 0.7% कर दिया है और वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम को अपने दृष्टिकोण के लिए मुख्य जोखिम माना है।
सोने के भाव और अंतरराष्ट्रीय अनिश्चितता
कमोडिटी बाजार में सोना एशियाई सत्र के दौरान एक सप्ताह के निचले स्तर के करीब सीमित दायरे में कारोबार करता दिखा। निवेशक अमेरिका और चीन के राष्ट्रपतियों की बैठक के नतीजों की प्रतीक्षा में बड़े सौदे करने से बच रहे हैं। हालांकि इस बैठक से किसी बड़े समझौते की संभावना कम आंकी जा रही है, फिर भी भू-राजनीतिक तनाव और प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के ब्याज दर परिदृश्य ने वित्तीय बाजारों में अनिश्चितता का माहौल बना रखा है।

















