बिहार के कैमूर जिले में रात के अंधेरे का फायदा उठाकर अपराधियों ने एक धार्मिक स्थल को निशाना बनाया और पुलिस गश्ती को धता बताते हुए बड़ी वारदात को अंजाम दिया। नगर परिषद भभुआ के वार्ड संख्या 24 स्थित दुर्गा मंदिर के ताले तोड़कर अज्ञात गिरोह ने देवी प्रतिमा पर सजे कीमती आभूषण पार कर दिए। इस पूरी घटना के बाद से क्षेत्र के श्रद्धालुओं और आम नागरिकों में कानून व्यवस्था को लेकर गहरा गुस्सा देखा जा रहा है।
घरों के दरवाजे बाहर से बांधकर रची गई पूरी साजिश
यह सनसनीखेज वारदात भभुआ नगर परिषद क्षेत्र के दक्षिणी मोहल्ला स्थित वार्ड नंबर 24 में देर रात करीब 2:30 बजे से 3:30 बजे के बीच घटित हुई। चोरों ने मंदिर में घुसने से पहले एक बेहद शातिराना योजना तैयार की थी। वारदात के दौरान कोई भी पड़ोसी जागकर बाहर न निकल सके और शोर न मचा पाए, इसके लिए अपराधियों ने आसपास बने रिहायशी मकानों के मुख्य दरवाजों को बाहर से मजबूत रस्सियों से बांध दिया। इसके बाद पूरे इत्मीनान से मंदिर के मुख्य द्वार का ताला चटकाया गया और मंदिर के भीतर प्रवेश किया गया।
माता के मुकुट और हार सहित 5 कीमती गहने गायब
मंदिर के गर्भगृह में घुसने के बाद चोरों ने माता दुर्गा की प्रतिमा पर सजे पारंपरिक और बहुमूल्य गहनों को उतार लिया। चोरी गए सामानों में माता का सोने का हार, नथिया, मांगटीका, कान की बाली और मुकुट शामिल हैं। कुल मिलाकर लगभग 5 प्रमुख कीमती आभूषण मंदिर से गायब किए गए हैं। सर्राफा बाजार के मौजूदा भाव के आधार पर चोरी हुए इन सभी आभूषणों का कुल बाजार मूल्य करीब 10 से 15 लाख रुपये के आसपास आंका गया है। सुबह जब आसपास के लोगों ने खुद को घरों में बंद पाया और मंदिर का मुख्य द्वार खुला देखा, तब इस बड़ी चोरी की जानकारी सामने आई।
क्षेत्र में नशे के कारोबार पर भड़के स्थानीय पार्षद
वारदात की सूचना मिलते ही स्थानीय पार्षद परमानंद केसरी मौके पर पहुंचे और पुलिस व नगर प्रशासन की कार्यशैली पर कड़े सवाल उठाए। उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि इलाके में नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री तेजी से पैर पसार चुकी है। क्षेत्र में गांजा, शराब और हेरोइन का गैरकानूनी धंधा जोरों पर चल रहा है, जिसके कारण आपराधिक तत्वों का जमावड़ा बना रहता है और इसी वजह से लगातार चोरी जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं।
पार्षद परमानंद केसरी ने खुलासा किया कि इस समस्या को लेकर पहले भी स्थानीय प्रशासन और संबंधित पुलिस थाने को कई बार लिखित शिकायतें और आवेदन सौंपे गए थे, लेकिन अधिकारियों ने समय रहते कोई ठोस कदम नहीं उठाया। स्थानीय नागरिकों और पार्षद ने अब पुलिस से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष व गहन पड़ताल की जाए, सीसीटीवी और अन्य माध्यमों से सुराग जुटाकर चोरों को जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाए और इलाके में सक्रिय नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।



















