मध्य प्रदेश में जून महीने की शुरुआत भले ही भीषण गर्मी और उमस के साथ हुई थी, लेकिन अब महीने के आखिरी दिनों में प्रदेश की जनता को बड़ी राहत मिलने वाली है। रविवार, 28 जून 2026 को पूरे राज्य में मौसम का रुख पूरी तरह से बदल रहा है। आसमान में छाए घने काले बादल और चलने वाली ठंडी हवाएं लोगों को झुलसाती धूप से निजात दिलाएंगी। मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के ज्यादातर हिस्सों में बारिश के प्रबल आसार जताए हैं और सभी नागरिकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
46 जिलों में अलर्ट की स्थिति
भोपाल स्थित मौसम विज्ञान केंद्र की ताजा चेतावनी के अनुसार, राज्य के कुल 46 जिलों के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है। इनमें भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रायसेन, सीधी, दमोह, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर, बड़वानी, सतना, अनूपपुर, झाबुआ, रतलाम, देवास, शाजापुर, पन्ना, अलीराजपुर, आगर मालवा, मंदसौर, नीमच, गुना, सिंगरौली, रीवा, मऊगंज, अशोकनगर, शहडोल, सिवनी, मंडला, धार, उमरिया, डिंडोरी, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मैहर, सागर और पांढुर्णा शामिल हैं।
तेज रफ्तार हवाओं और बारिश का असर
विभाग के अनुमान के मुताबिक, इन चिन्हित जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूल भरी आंधी चल सकती है। इसके साथ ही गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां दर्ज की जाएंगी, जिससे तापमान में उल्लेखनीय गिरावट आएगी। खरीफ की फसलों के लिए यह समय काफी महत्वपूर्ण है। धान, सोयाबीन और मक्का जैसी फसलों की बोनी के लिए जून के अंतिम सप्ताह में होने वाली यह बारिश किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जो राज्य की कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा देगी।
सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानियां
आम नागरिकों के लिए:
- गर्जना और चमक के दौरान घर के भीतर सुरक्षित रहें। यदि बाहर निकलना अनिवार्य हो, तो पेड़ों या बिजली के खंभों के पास बिल्कुल न रुकें।
- बिजली कड़कने की संभावना को देखते हुए घर के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग हटा देना बेहतर है।
- तूफान के समय खुले खेतों या मैदानों में काम करने से बचें। निर्माण स्थलों और बिजली की तारों से सुरक्षित दूरी बनाए रखें।
- वाहन चलाते समय गति धीमी रखें और स्टीयरिंग पर पूरी पकड़ रखें।
- कंक्रीट की दीवारों या फर्श के संपर्क में आने से बचें।
पशुपालकों के लिए:
- मवेशियों को तालाब, नदी या खुले मैदानों में न छोड़ें।
- रात के समय पशुओं को पक्के और सुरक्षित आश्रय स्थल में रखें।
- दोपहर के समय जब गर्मी अधिक हो, तब उन्हें चराई के लिए बाहर न ले जाएं।
- उनके लिए पीने के साफ पानी और छाया की उचित व्यवस्था करें।
- तूफान और बिजली गिरने के दौरान पशुओं को कभी भी पेड़ों के नीचे न बांधें।
स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए:
- शरीर को हाइड्रेटेड रखने के लिए पर्याप्त पानी पीते रहें।
- दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच घर से बाहर निकलने से बचें।
- हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें।
- धूप से बचने के लिए छाता, टोपी या कपड़े का इस्तेमाल जरूर करें।













