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बिहार में मानसून ने मारी एंट्री, पटना-गया समेत सभी 38 जिलों में बारिश का अलर्ट, आंधी और वज्रपात की चेतावनीबिहार
12 जून 2026, 6:58 am (54 दिन पहले)· 1

बिहार में मानसून ने मारी एंट्री, पटना-गया समेत सभी 38 जिलों में बारिश का अलर्ट, आंधी और वज्रपात की चेतावनी

बिहार में मॉनसून ने समय से पहले दस्तक दे दी है और राज्य के सभी 38 जिलों में आंधी, तेज बारिश व वज्रपात का अलर्ट जारी हुआ है। तापमान में भारी गिरावट से लोगों को गर्मी से बड़ी राहत मिली है।

राजधानी पटना से राहत भरी बड़ी खबर सामने आई है। झुलसाती गर्मी और भारी उमस से जूझ रहे बिहारवासियों के लिए मॉनसून ने जोरदार आगमन किया है। मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक मॉनसून की उत्तरी सीमा राज्य के कई जिलों तक पहुंच चुकी है, जिसके चलते मौसम का रुख पूरी तरह पलट गया है। पहले चरण में मॉनसून ने किशनगंज, अररिया, सुपौल, पूर्णिया, कटिहार, मधेपुरा और मधुबनी होते हुए प्रदेश में प्रवेश किया है। मौसम वैज्ञानिकों का आकलन है कि आने वाले 2 से 3 दिनों में इसकी गति और बढ़ेगी और यह पूरे सूबे को अपनी चपेट में ले लेगा।

पूरे बिहार में अलर्ट, कहीं ऑरेंज तो कहीं येलो

मौसम विभाग ने शुक्रवार को प्रदेश के सभी 38 जिलों में आंधी, तेज बारिश और वज्रपात यानी आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। सुरक्षा के मद्देनजर जिलों को दो श्रेणियों में बांटकर अलर्ट दिया गया है।

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19 जिलों में ऑरेंज अलर्ट (भारी बारिश और तेज आंधी की आशंका)

राजधानी पटना और गया समेत मध्य तथा दक्षिण-पश्चिम बिहार के जिलों में विभाग ने ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। इसमें मुख्य रूप से पटना, गया, नालंदा, नवादा, शेखपुरा, बेगूसराय, लखीसराय, जहानाबाद, अरवल, औरंगाबाद, रोहतास, कैमूर, बक्सर, भोजपुर, सारण, सीवान, गोपालगंज, पूर्वी चंपारण और पश्चिम चंपारण शामिल हैं। इन क्षेत्रों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने तथा मध्यम से भारी बारिश की आशंका जताई गई है।

19 जिलों में येलो अलर्ट (गर्जना और मध्यम बारिश का अनुमान)

उत्तर और पूर्वी बिहार के 19 जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इनमें सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, मधुबनी, दरभंगा, समस्तीपुर, सुपौल, सहरसा, खगड़िया, मुंगेर, जमुई, बांका, भागलपुर, मधेपुरा, अररिया, पूर्णिया, किशनगंज और कटिहार आते हैं। यहां बादलों की गरज के साथ रुक-रुक कर वर्षा होने के आसार हैं।

मॉनसून के आगमन और बीते 24 घंटों में हुई प्री-मॉनसून व मॉनसूनी बारिश के चलते बिहार के तापमान में जबरदस्त गिरावट आई है। पटना सहित कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश के कारण अधिकतम तापमान सामान्य से लगभग 9 डिग्री सेल्सियस नीचे आ गया है, जिससे लोगों को भयंकर गर्मी से बड़ी राहत मिली है। हालांकि इस उतार-चढ़ाव के बीच गुरुवार को कैमूर जिला 36 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा।

आखिर समय से पहले क्यों पहुंचा मॉनसून?

इस बार मॉनसून ने अपनी निर्धारित तारीख से पहले बिहार में दस्तक देकर सबको हैरान कर दिया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इसके पीछे दो प्रमुख भौगोलिक वजहें हैं।

मजबूत सिस्टम: बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव का क्षेत्र (लो प्रेशर एरिया) इन दिनों बेहद सशक्त स्थिति में है।

अनुकूल हवाएं: पूर्वी भारत के वायुमंडल में बने चक्रवातीय तंत्र की वजह से खाड़ी से उठने वाली नम और मानसूनी हवाएं तेजी से उत्तर तथा उत्तर-पूर्व बिहार की ओर सरक रही हैं। इन्हीं अनुकूल हालात ने मॉनसून को तय समय से पहले बिहार पहुंचने में सहायता दी।

आगे कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग का कहना है कि आगामी 3 से 5 दिनों तक समूचे बिहार में मॉनसूनी हलचल सक्रिय बनी रहेगी। इस अवधि में ज्यादातर हिस्सों में हल्की से मध्यम और कुछ जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि समय से पहले हुई यह बरसात किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। खरीफ फसलों, खासकर धान की नर्सरी (बिचड़ा) तैयार करने और बुवाई के लिहाज से यह मौसम बेहद उपयुक्त है।

आपदा प्रबंधन विभाग और मौसम केंद्र ने आमजन से अपील की है कि खराब मौसम, आंधी या बादलों की गरज के दौरान वे खुले मैदानों, खेतों या पेड़ों के नीचे जाने से बचें। वज्रपात की आशंका को ध्यान में रखते हुए पक्के मकानों में शरण लें और सुरक्षित बने रहें।

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