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जादोपुर थाने में निर्दोषों को बंधक बनाकर वसूली का भंडाफोड़, SP विनय तिवारी की सख्त कार्रवाई से थानाध्यक्ष और दलाल सहित चार पहुंचे सलाखों के पीछेबिहार
19 अग॰ 2026, 11:08 pm (1 घंटे पहले)· 3

जादोपुर थाने में निर्दोषों को बंधक बनाकर वसूली का भंडाफोड़, SP विनय तिवारी की सख्त कार्रवाई से थानाध्यक्ष और दलाल सहित चार पहुंचे सलाखों के पीछे

बिहार के गोपालगंज जिले में जादोपुर थाने के भीतर निर्दोष नागरिकों को 36 घंटे तक बंधक बनाकर मोटी रकम ऐंठने के मामले में बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हुई है। SP विनय तिवारी के निर्देश पर जांच के बाद तत्कालीन थानाध्यक्ष अनिल राम, दो पुलिसकर्मियों और एक दलाल को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।

बिहार के गोपालगंज जिले में स्थित एक पुलिस स्टेशन में बेकसूर नागरिकों को जबरन रोककर रुपये ऐंठने के कारनामे पर प्रशासनिक गाज गिरी है। जादोपुर पुलिस स्टेशन में निर्दोष लोगों को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखने और मोटी रकम वसूलने का सनसनीखेज सच उजागर हुआ है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी ने डीएसपी मुख्यालय से निष्पक्ष जांच कराई। जांच में आरोप सत्य पाए जाने के बाद थाने के तत्कालीन थानाध्यक्ष, दो कर्मियों और एक बिचौलिए को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया गया। जिले के वरिष्ठ अधिकारियों की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद समूचे पुलिस महकमे में हलचल मच गई है।

शिकायत पर SP विनय तिवारी का सख्त रुख और जांच के आदेश

पूरा मामला 16 अगस्त का है, जब गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी को जादोपुर थाने की कार्यप्रणाली के संबंध में एक गंभीर शिकायत प्राप्त हुई थी। शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि जादोपुर थाने में बेकसूर लोगों को बिना किसी कानूनी आधार के गैरकानूनी तरीके से हिरासत में रखा जा रहा है और उन्हें छोड़ने के एवज में मोटी रकम की मांग की जा रही है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए SP विनय तिवारी ने तुरंत संज्ञान लिया और पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की जिम्मेदारी डीएसपी मुख्यालय को सौंप दी। जांच अधिकारी को मामले के हर पहलू की गहराई से पड़ताल करने और निष्पक्ष रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया था।

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36 घंटे तक गैरकानूनी हिरासत और लाखों की अवैध वसूली

डीएसपी मुख्यालय द्वारा जब इस मामले की जांच शुरू की गई, तो जादोपुर थाने में चल रहे कई गंभीर कारनामों का पर्दाफाश हुआ। जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि जितन राम, विजय राम और शंकर राम के साथ-साथ एक महिला और उसकी नाबालिग बेटी को बिना किसी आधिकारिक प्राथमिकी (FIR) या कानूनी अनुमति के लगभग 36 घंटे तक थाना परिसर में जबरन रोककर रखा गया था।

पड़ताल के दौरान यह बात भी सामने आई कि हिरासत में रखे गए बेकसूर लोगों को झूठे मुकदमे में फंसाने और जेल भेजने की धमकी दी जा रही थी। इस डर का फायदा उठाकर उनसे 50 हजार रुपये की अवैध वसूली की गई। इसके अतिरिक्त, महिला और उसकी नाबालिग बेटी को थाने से छोड़ने के नाम पर 75 हजार रुपये अलग से ऐंठे गए। इतना ही नहीं, मामले से नाम पूरी तरह हटाने की एवज में 55 हजार रुपये अतिरिक्त लेने के आरोप भी जांच में सही पाए गए।

गवाहों को धमकाने की कोशिश और प्राथमिकी दर्ज

जैसे ही डीएसपी मुख्यालय की जांच आगे बढ़ी और सबूत जुटाए जाने लगे, तो आरोपियों द्वारा मामले को दबाने की कोशिशें शुरू हो गईं। जांच के दौरान यह तथ्य भी उजागर हुआ कि गवाहों को डराने-धमकाने और उन्हें प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा था ताकि सच सामने न आ सके। इसके बाद मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए जादोपुर थाना कांड संख्या 185/2026 के तहत एफआईआर दर्ज की गई।

कांड दर्ज होने के तुरंत बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तत्कालीन थानाध्यक्ष अनिल राम, चौकीदार राजू यादव, सिपाही सह चालक राकेश कुमार और थाने के कथित दलाल महंथ कुमार यादव को गिरफ्तार कर लिया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद चारों अभियुक्तों को अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

कानून तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई: SP

गोपालगंज के पुलिस अधीक्षक विनय तिवारी ने इस पूरी कार्रवाई के बाद स्पष्ट और कड़ा संदेश जारी किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग के भीतर कानून का उल्लंघन, किसी नागरिक को अवैध रूप से हिरासत में रखना या भ्रष्टाचार और अवैध वसूली किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी पद का दुरुपयोग करता पाया जाएगा, तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल इस पूरे प्रकरण में आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है और मामले के अन्य पहलुओं की भी गहनता से जांच की जा रही है।

सवाल-जवाब

गोपालगंज के किस थाने में अवैध वसूली और बंधक बनाने का मामला सामने आया है?
यह मामला गोपालगंज जिले के जादोपुर थाने का है, जहां निर्दोष लोगों को अवैध रूप से हिरासत में रखकर पैसे ऐंठने का खुलासा हुआ।
जादोपुर थाने के मामले में किन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है?
मामले में तत्कालीन थानाध्यक्ष अनिल राम, चौकीदार राजू यादव, राकेश कुमार और कथित दलाल महंथ कुमार यादव को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।
पीड़ितों को कितने समय तक गैरकानूनी तरीके से थाने में रखा गया था?
जांच के अनुसार जितन राम, विजय राम, शंकर राम और एक महिला व उसकी नाबालिग बेटी को बिना किसी एफआईआर के करीब 36 घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया था।
आरोपियों पर कितनी रकम ऐंठने का आरोप है?
झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर 50 हजार रुपये, महिला और बच्ची को छोड़ने के नाम पर 75 हजार रुपये तथा केस से नाम हटाने के लिए 55 हजार रुपये वसूलने का आरोप सामने आया है।
मामले में एफआईआर किस कांड संख्या के तहत दर्ज की गई है?
एसपी विनय तिवारी के निर्देश पर डीएसपी मुख्यालय की जांच के बाद जादोपुर थाना कांड संख्या 185/2026 दर्ज किया गया है।
संपादकीय नीति सुधार नीति

टिप्पणियाँ 2

Karan Malhotra@karan-malhotra·41 मिनट पहले

यह मामला खाकी वर्दी के दुरुपयोग और संस्थागत भ्रष्टाचार का एक गंभीर उदाहरण है जहाँ नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन किया गया। जिस प्रकार एसपी विनय तिवारी ने डीएसपी स्तर की जांच कराकर त्वरित एफआईआर दर्ज की और थानाध्यक्ष समेत चारों आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा, वह आंतरिक जवाबदेही तय करने का एक मजबूत संदेश है। हालांकि, जांच में यह भी सामने आया कि गवाहों को डराने-धमकाने का प्रयास किया गया था, इसलिए अब ट्रायल के दौरान गवाहों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सबसे बड़ी चुनौती होगी ताकि न्याय मिल सके।

Rohan Verma@rohan-verma·41 मिनट पहले

यह घटना दिखाती है कि जब तक पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की स्वतंत्र और नियमित मॉनिटरिंग नहीं होगी, तब तक ऐसी अवैध हिरासत और वसूली पर पूरी तरह रोक लगाना कठिन रहेगा। चूंकि आरोपियों ने गवाहों को डराने का प्रयास किया था, इसलिए यह जरूरी है कि पुलिस मुख्यालय इस मामले में अभियोजन पक्ष को मजबूत करे ताकि अपराधियों को सख्त सजा मिले और महकमे में एक कड़ा संदेश जाए।

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