देश के स्वतंत्रता दिवस समारोह को दहलाने की एक बड़ी साजिश को नाकाम करते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने 14 राज्यों में फैले एक व्यापक आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया है। संसद सत्र के दौरान राजनीतिक खींचतान और बयानों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने देर रात तक सुरक्षा अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय समीक्षा बैठकें कीं। इस संयुक्त अभियान में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI द्वारा संचालित शहजाद भट्टी नेटवर्क के 200 से अधिक संदिग्ध ऑपरेटिव्स को गिरफ्तार किया गया है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा पर मंडरा रहा बड़ा खतरा टल गया।
संसद के हंगामे के बीच देर रात तैयार हुई सुरक्षा रणनीति
संसद सत्र के दौरान जब जंतर मंतर पर पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्षी दल इंडी गठबंधन के नेता राहुल गांधी और अन्य सदस्य सरकार पर हमलावर थे, उसी समय शीर्ष नेतृत्व देश को संभावित आतंकी खतरे से बचाने में लगा हुआ था। गृह मंत्री अमित शाह ने संसद भवन के भीतर ही गृह सचिव, IB प्रमुख और RAW प्रमुख के साथ देर रात तक मैराथन बैठकें कीं। इन बैठकों का मुख्य उद्देश्य स्वतंत्रता दिवस के राष्ट्रीय पर्व से पहले देश की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाना और खुफिया इनपुट के आधार पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करना था। गृह मंत्री ने इस पूरे ऑपरेशन की मिनट टू मिनट निगरानी की।
14 राज्यों में एक साथ छापेमारी और 200 से अधिक गिरफ्तारियां
खुफिया जानकारी के आधार पर 14 राज्यों में एक रियल टाइम इंटेलिजेंस शेयरिंग सिस्टम के तहत एक साथ छापेमारी की गई। इस राष्ट्रव्यापी साझा अभियान में विभिन्न स्थानों से कुल 253 संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया। गहन पूछताछ और प्रारंभिक जांच के बाद कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने 80 से अधिक FIR दर्ज कीं और ISI से संबंध रखने वाले 200 से अधिक संदिग्ध ऑपरेटिव्स को औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया।
राज्यवार आंकड़े: कहां से पकड़े गए कितने संदिग्ध
इस आतंकी नेटवर्क की जड़ें देश के कई हिस्सों में फैली हुई थीं। सुरक्षा बलों द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश से सर्वाधिक 62 संदिग्ध पकड़े गए। इसके अलावा हरियाणा से 52, दिल्ली से 51, पंजाब से 44 और राजस्थान से 15 संदिग्धों को दबोचा गया। पश्चिमी और उत्तरी राज्यों में महाराष्ट्र से 8 और उत्तराखंड से 5 संदिग्ध गिरफ्तार हुए। वहीं कर्नाटक, गुजरात और बिहार से 3-3 संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। तेलंगाना, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर और केरल से 2-2 संदिग्धों को गिरफ्तार कर नेटवर्क की कमर तोड़ दी गई।
शहजाद भट्टी नेटवर्क का मॉडल और सोशल मीडिया से भर्ती
जांच में यह बात सामने आई है कि खुद को सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर बताने वाला शहजाद भट्टी असल में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का एक प्रमुख मोहरा है। उसने इस्लामाबाद में एक अवैध कॉल सेंटर स्थापित कर रखा था, जहां से उसके गुर्गे भारतीय युवाओं को निशाना बनाते थे। विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर युवाओं की प्रोफाइल जांचने के बाद निजी चैट के माध्यम से संपर्क साधा जाता था। इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए उन्हें शहजाद भट्टी के हैंडलर्स से जोड़ा जाता था। शुरुआती चरण में युवाओं से किसी स्थान की रेकी करने या तस्वीरें और वीडियो भेजने जैसे छोटे काम करवाए जाते थे, जिसके बाद उन्हें बड़े आतंकी कृत्यों के लिए तैयार किया जाता था।
विस्फोटक, ग्रेनेड और जासूसी उपकरणों की बरामदगी
गिरफ्तार किए गए आतंकियों के कब्जे से भारी मात्रा में घातक हथियार और विस्फोटक सामग्री जब्त की गई है। बरामद सामान में तैयार IED और पाकिस्तान ऑर्डनेंस फैक्ट्री के आधिकारिक निशानों वाले हैंड ग्रेनेड शामिल हैं। इसके अतिरिक्त कई अत्याधुनिक पिस्तौलें और बड़ी संख्या में कारतूस भी मिले हैं। सुरक्षा एजेंसियों ने संदिग्धों के पास से सीसीटीवी कैमरे भी बरामद किए हैं, जिनका उपयोग संवेदनशील प्रतिष्ठानों की जासूसी और रेकी के लिए किया जा रहा था।
जीरो टॉलरेंस नीति, पाकिस्तान की बौखलाहट और भारत का करारा जवाब
सफलतापूर्वक ऑपरेशन पूरा होने और स्वतंत्रता दिवस के निर्विघ्न समापन के बाद गृह मंत्री अमित शाह ने विवरण साझा करते हुए कहा कि सरकार की आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस नीति के तहत इस साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया गया। इस भंडाफोड़ से तिलमिलाए पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर आरोपों को खारिज किया और इसे भारत का अंदरूनी राजनीति से ध्यान हटाने का प्रयास बताया। हालांकि भारत के विदेश मंत्रालय ने तुरंत पलटवार करते हुए साफ कर दिया कि देश की संप्रभुता की रक्षा और आतंकवाद के पूरी तरह सफाए के लिए ऐसे सख्त अभियान भविष्य में भी लगातार जारी रहेंगे।




















