मानसून बिहार की सीमा में दाखिल हो चुका है, मगर पूरे राज्य में एक जैसी झमाझम बारिश के लिए कम से कम 48 घंटे का इंतजार और करना होगा। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अभी मानसूनी ट्रफ लाइन पूरी तरह अनुकूल स्थिति में नहीं आई है, इसीलिए राज्य में दो अलग-अलग मौसमी तस्वीर देखने को मिल रही है। उत्तर बिहार में गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां धीरे-धीरे बढ़ रही हैं, जबकि दक्षिण बिहार के कई जिले भीषण गर्मी और लू की चपेट में हैं।
उत्तर बिहार के 19 जिलों में येलो अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र ने उत्तर बिहार के 19 जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में मेघगर्जन और वज्रपात का खतरा बना हुआ है। साथ ही 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। येलो अलर्ट वाले जिलों में पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, मुजफ्फरपुर, वैशाली, सीतामढ़ी, शिवहर, दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, सहरसा और मधेपुरा शामिल हैं। इन जिलों और आसपास के क्षेत्रों में रहने वालों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
दक्षिण और मध्य बिहार में ऑरेंज अलर्ट, उमस और गर्मी बरकरार
दक्षिण तथा दक्षिण-मध्य बिहार के लिए मौसम विभाग ने ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में पटना, नालंदा, गया, नवादा, शेखपुरा, लखीसराय, जमुई, मुंगेर, भागलपुर, बांका, बेगूसराय और खगड़िया आते हैं। यहां तेज हवा और मेघगर्जन के साथ बारिश के आसार हैं, लेकिन कई स्थानों पर गर्म और उमस भरे हालात भी बने रहेंगे। गया और नालंदा जैसे जिलों में फिलहाल गर्मी से जल्दी राहत मिलने की उम्मीद कम है।
कैमूर में 43 डिग्री, पटना में 40.8 डिग्री पारा
गुरुवार को बिहार के आठ जिलों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज हुआ। कैमूर जिला सबसे गर्म रहा, जहां पारा 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। बक्सर और औरंगाबाद दोनों में अधिकतम तापमान 41.8 डिग्री सेल्सियस रहा। राजधानी पटना में भी गर्मी का असर बना रहा और पारा 40.8 डिग्री सेल्सियस पर रहा। दोपहर के समय कई जिलों में लू चलती रही जिससे लोग बेहाल रहे। हालांकि खगड़िया समेत तीन जिलों में हल्की बारिश भी दर्ज की गई।
पटना में शुक्रवार को भारी बारिश के आसार
पटना के निवासियों के लिए शुक्रवार का दिन मौसम में बड़ा बदलाव लेकर आ सकता है। मौसम विभाग ने पटना जिले के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए बताया कि दिनभर आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। शहर के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। मौसम वैज्ञानिकों ने पटना के कुछ हिस्सों में मध्यम से भारी बारिश होने की भी संभावना जताई है, जिससे तापमान में कुछ राहत मिल सकती है।
27 जून के बाद पूरे बिहार में बारिश का दौर
मौसम विभाग का अनुमान है कि 27 जून के बाद मानसूनी सिस्टम पूरी तरह सक्रिय हो जाएगा और उसके बाद पूरे बिहार में एक साथ अच्छी बारिश दर्ज की जाएगी। इस व्यापक बारिश से राज्य के अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने का अनुमान है। बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलती रहने के कारण जून के अंतिम सप्ताह और जुलाई के शुरुआती दिनों में पूरे राज्य में झमाझम बारिश का दौर शुरू होने की उम्मीद है।
मानसून अभी पूरे राज्य में एकसमान क्यों नहीं
मानसून बिहार के अधिकांश हिस्सों में पहुंच चुका है, लेकिन मानसूनी ट्रफ लाइन अभी पूरी तरह अनुकूल नहीं हुई है। इसीलिए हर जिले में एक जैसी बारिश नहीं हो रही। बंगाल की खाड़ी से नमी युक्त हवाएं लगातार बिहार में प्रवेश कर रही हैं और स्थानीय मौसमी परिस्थितियां भी सक्रिय हो रही हैं। इन दोनों के संयुक्त प्रभाव से खासकर दक्षिण-मध्य और पूर्वी बिहार के जिलों में तेज गरज और बिजली चमकने की घटनाएं बढ़ सकती हैं।
खराब मौसम में इन बातों का रखें ध्यान
गरज-बिजली के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचें। ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों और जलजमाव वाले इलाकों से दूर रहें। बहुत आवश्यक होने पर ही घर से बाहर निकलें ताकि वज्रपात से सुरक्षित रहा जा सके।













