देश के विशाल भूभाग में मानसून एक बार फिर अत्यधिक आक्रामक रूप धारण करने की तैयारी में है। 6 अगस्त को उत्तर, पूर्व, मध्य और पश्चिम भारत के कई राज्यों में मौसम का मिजाज अचानक बिगड़ सकता है। मौसम विज्ञान विभाग ने एक साथ 12 राज्यों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश, गर्जना, आकाशीय बिजली और तेज आंधी का ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान मैदानी क्षेत्रों में हवा की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान जताया गया है। मौसम भले ही सुहाना प्रतीत हो, लेकिन इसे हल्के में लेना भारी पड़ सकता है। पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ की गंभीर स्थिति बन सकती है, वहीं मैदानी इलाकों में जलभराव की समस्या विकराल रूप ले सकती है। यदि 6 अगस्त को आपकी यात्रा की कोई योजना है, तो मौसम का ताजा अपडेट देखे बिना घर से निकलना समझदारी नहीं होगी।
मानसून टर्फ और चक्रवाती परिसंचरण का संयुक्त प्रभाव
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय वायुमंडल के ऊपरी हिस्से में बना चक्रवाती परिसंचरण यानी साइक्लोनिक सर्कुलेशन और अत्यधिक सक्रिय मानसूनी टर्फ उत्तर भारत के पूरे मौसम तंत्र को मुख्य रूप से प्रभावित कर रहे हैं। इन दो शक्तिशाली मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव के कारण बादलों का निर्माण बेहद तेजी से हो रहा है। इसके परिणामस्वरूप 6 अगस्त को एक ही दिन में मौसम कई बार करवट बदल सकता है। कहीं तेज बारिश होगी तो कहीं अचानक तेज हवाएं और अंधड़ चलने लगेगा। पहाड़ी क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश का सीधा असर नदियों और नालों के जलस्तर पर पड़ेगा, जिससे अचानक जलस्तर बढ़ने और बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होने की आशंका बनी रहेगी।
दिल्ली और एनसीआर में मौसम का हाल और ट्रैफिक पर असर
दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में 6 अगस्त को पूरे दिन आसमान में घने बादल छाए रहने का अनुमान है। राजधानी के विभिन्न इलाकों में गरज-चमक के साथ कई दौर की तेज और मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। लगातार वर्षा के बाद दिल्ली के निचले इलाकों और व्यस्त चौराहों पर जलभराव की गंभीर समस्या सामने आ सकती है। इससे सुबह और शाम के समय दफ्तर आने-जाने वाले यात्रियों और आम ट्रैफिक की गति काफी धीमी पड़ सकती है। मौसम विभाग ने बिजली चमकने और तेज हवाओं के दौरान खुले इलाकों में न जाने और बड़े पेड़ों तथा विज्ञापनों के होर्डिंग्स के नीचे खड़े न होने की विशेष हिदायत दी है।
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी से पूर्वी जिलों तक भारी बारिश का दौर
उत्तर प्रदेश में पश्चिमी, मध्य और पूर्वी तीनों अंचल बारिश और आंधी की गतिविधियों की चपेट में रहने वाले हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, मेरठ, मुजफ्फरनगर और बिजनौर में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश और तेज हवाएं चलने का पूर्वानुमान व्यक्त किया गया है। मध्य उत्तर प्रदेश के कानपुर और लखनऊ में बादलों की गड़गड़ाहट के साथ बौछारें पड़ेंगी। वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश के अमेठी, वाराणसी, प्रयागराज, बहराइच और कुशीनगर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की स्थिति निर्मित हो सकती है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में आकाशीय बिजली गिरने का जोखिम अत्यधिक बना रहेगा। ग्रामीण इलाकों में कृषि कार्यों में लगे किसानों और मजदूरों को सलाह दी गई है कि वे मौसम खराब होते ही तुरंत खुले खेतों से हटकर सुरक्षित निर्माणों में शरण लें।
बिहार के सीमांचल और उत्तरी जिलों में मूसलाधार बारिश का खतरा
बिहार में 6 अगस्त को मानसूनी तंत्र पूरी तरह आक्रामक रहने वाला है। राज्य के सीमांचल और उत्तरी बिहार के कई जिलों में मूसलाधार से अत्यधिक भारी बारिश की स्पष्ट चेतावनी जारी की गई है। किशनगंज, अररिया, सुपौल, पूर्णिया और कटिहार के सीमांचल इलाकों के अलावा दरभंगा, मधुबनी और राजधानी पटना में तेज मूसलाधार वर्षा होने का अनुमान है। बारिश के साथ-साथ आकाशीय बिजली यानी वज्रपात का खतरा लगातार बना रहेगा। यदि बारिश का यह दौर लंबा खींचता है, तो शहरी और ग्रामीण निचले क्षेत्रों में पानी भर सकता है। इसके साथ ही गंगा, कोसी और गंडक जैसी नदियों के जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। लोगों को बिजली चमकने के समय खुले मैदानों, खेतों और पेड़ों के नीचे रुकने से सख्त परहेज करना चाहिए।
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन और अचानक बाढ़ का संकट
पर्वतीय राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के लिए मौसम विभाग ने अत्यधिक सतर्कता बरतने की सलाह दी है। इन पहाड़ी क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण चट्टानें खिसकने, भूस्खलन होने और नदियों में अचानक बाढ़ आने की गंभीर घटनाएं हो सकती हैं। पहाड़ों से मलबा गिरने के कारण मुख्य राष्ट्रीय राजमार्ग और संपर्क मार्ग बाधित हो सकते हैं। पर्यटकों, बस चालकों और स्थानीय निवासियों को नदी-नालों के करीब न जाने और संवेदनशील पर्वतीय रास्तों पर अनावश्यक यात्रा से पूरी तरह बचने की हिदायत दी गई है।
राजस्थान और मध्य प्रदेश में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की आंधी
पश्चिम भारत के राजस्थान में मानसून का असर मुख्य रूप से पूर्वी और उत्तरी भागों में दिखाई देगा। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश होगी और कुछ स्थानों पर 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूलभरी हवाएं चल सकती हैं। तेज हवाओं के कारण कच्चे मकानों, पेड़ों, बिजली के खंभों और अस्थायी ढांचों को भारी नुकसान पहुंचने की आशंका है। वाहन चालकों को आंधी के समय दृश्यता कम होने के कारण गाड़ी धीमी चलाने की सलाह दी गई है। इसी तरह मध्य प्रदेश के कई जिलों में भी तेज हवाओं और बारिश के कारण जनजीवन और बिजली आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।
झारखंड, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और पश्चिम बंगाल का पूर्वानुमान
झारखंड के उत्तरी और मध्यवर्ती जिलों में 6 अगस्त को मध्यम से लेकर भारी दर्जे की वर्षा दर्ज की जा सकती है। राज्य में वज्रपात और गर्जना की आशंका को देखते हुए ग्रामीण और शहरी आबादी को सतर्क रहने को कहा गया है। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा, जम्मू और कश्मीर तथा पश्चिम बंगाल में भी मानसूनी टर्फ का सीधा असर देखने को मिलेगा। इन सभी राज्यों में तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ेंगी, जिससे तापमान में गिरावट तो आएगी लेकिन निचले क्षेत्रों में जलभराव की समस्या पैदा हो सकती है।
ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लिए सुरक्षा निर्देश
मौसम विभाग ने सभी 12 राज्यों के निवासियों से अपील की है कि वे सरकारी एडवाइजरी का पूरी मुस्तैदी से पालन करें। जब तक अत्यंत आवश्यक न हो, मौसम खराब रहने के दौरान लंबी यात्राओं पर जाने से बचें। ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं को खुले पेड़ों के नीचे न बांधें और लोहे के ढांचों तथा बिजली के खंभों से पर्याप्त दूरी बनाए रखें। जलभराव वाले रास्तों और अंडरपास में वाहनों को ले जाने से बचें ताकि किसी अनहोनी दुर्घटना से बचा जा सके।
यातायात और बिजली व्यवस्था पर पड़ सकता है असर
तेज हवाओं और भारी बारिश की वजह से कई राज्यों में बिजली की लाइनों और मोबाइल टावरों को नुकसान पहुंचने की संभावना है। स्थानीय प्रशासन ने आपातकालीन टीमों को अलर्ट मोड पर रखा है ताकि जलभराव और पेड़ गिरने की स्थिति में तुरंत राहत कार्य शुरू किए जा सकें। हवाई और रेल सेवाओं पर भी आंशिक असर पड़ सकता है, इसलिए यात्रियों को अपनी यात्रा शुरू करने से पहले संबंधित परिचालन अपडेट की जांच करने का सुझाव दिया गया है।



















